ग्वालियर – इंडस्ट्रियल एरिया कांच मिल में रात 10 बजे गत्ते और प्लास्टिक का दाना बनाने की फैक्टरी में आग लग गई। आग लगने के बाद फैक्टरी मालिक और आसपास के लोग फायर ब्रिगेड बुलाने आधा घंटे तक फोन लगाते रहे, फोन नहीं उठा तो फैक्टरी मालिक मनीष अग्रवाल खुद ही फायर ब्रिगेड ऑफिस पहुंचे।

उनके सामने ही स्टाफ ने गाड़ियों में पानी भरा और तीन गाड़ियां रवाना कर दीं। जल्दबाजी में इनमें से एक गाड़ी खाली ही भेज दी। फायर ब्रिगेड अमले की इस लापरवाही की वजह से आग पूरी फैक्टरी में फैल गई। आग बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड की गाड़ियां कम पड़ गईं तो महाराजपुरा से एयरफोर्स की फायर ब्रिगेड को बुलवाया गया।
मोतीलाल मिल रोड पर मनीष अग्रवाल की फैक्टरी में गत्ता, प्लास्टिक दाना और पशु आहार बनाया जाता है। फैक्टरी जयहिंद सिंह तोमर के कैंपस में स्थित है। रात 10 बजे अचानक फैक्टरी से आग की लपटें उठते देखीं। फैक्टरी मालिक ने 10.05 बजे फायर ब्रिगेड ऑफिस में कॉल किया। जब कॉल नहीं उठा तो फायर ब्रिगेड प्रभारी अतिबल सिंह यादव को फोन लगाया। उनका भी फोन नहीं उठा तो 10.30 बजे वे फायर ब्रिगेड ऑफिस पहुंचे। यहां स्टाफ ने आनन-फानन में पानी भरकर गाड़ी भेजी।
कैबिनेट मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के प्रतिनिध देवेन्द्र तोमर मौके पर पहुंचे। उन्होंने गाड़ियों की व्यवस्था के लिए निगमायुक्त संदीप माकिन को काल किया। कॉल न उठने पर कलेक्टर अनुराग चौधरी से बात की। इसके बाद कलेक्टर ने एयरफोर्स से गाड़ियां मंगवाईं। तब तक आग आसपास के फैक्टरियों तक भी पहुंच गई थी। खबर लिखे जाने तक आग पर पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका था।
ये कैसा अलर्ट… 24 घंटे तैयार रखनी थी गाड़ियां, खुली पोल
फायर ब्रिगेड अमले को निर्देश थे कि होली का त्यौहार होने की वजह से 24 घंटे गाड़ियां पानी भरकर तैयार रखी जाएं। लेकिन इस अलर्ट की पोल बुधवार की रात में ही खुल गई।
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