ग्वालियर-
डबरा शहर शक्कर के नाम से दशकों पहले हीमशहूर हो गया था, लेकिन अब क्षेत्र में एक भीऐसा मिल नहीं बचा है, जिस पर क्षेत्र केकिसान विश्वास कर सकें। डबरा स्थित दिग्वालियर शुगर कंपनी लिमिटेड डबरा ने वर्षों पहलेही किसानों के लाखों रुपए का भुगतान नहींकिया वहीं अब सांखनी स्थित पार्वती शुगरमिल भी किसानों के भुगतान को लेटलतीफीबरत रही है और किसानों का दिन व दिन इसकंपनी पर बकाया होता जा रहा है। इससे गन्नाकृषक फसल को लेकर चिंता में हैं।
जानकारी के अनुसार भितरवारविकासखंड के सांखनी गांव में सात वर्ष पूर्वशुरू हुए पार्वती स्वीटनर्स एवं पावर लिमिटेडने शुरू के सालों में बेहतर प्रदर्शन कर रिकॉर्डउत्पादन किया। लेकिन पिछले कुछ सालों सेकंपनी द्वारा किसानों का भुगतान अटका दिया,जिसको लेकर अनेक बार किसानों ने कंपनीके बाहर धरना, प्रदर्शन किया। मौके पर पहुंचे
प्रशासन ने किसानों को किसी तरह समझाबुझाकर आश्वासन देकर लौटा दिया। तबकिसान चले गए और उन्होंने सोचा कि अगलेवर्ष कंपनी चालू होगी तब भुगतान हो जाएगा,लेकिन कंपनी चालू होने एवं किसानों द्वाराकंपनी को और गन्ना देने के बावजूद कंपनीप्रबंधन किसानों के भुगतान को लेकरलेटलतीफी बरत रहा है। जिससे किसानों में
आक्रोश व्याप्त है।
वहीं दूसरी ओर डबरा स्थित दि ग्वालियरशुगर कंपनी ने भी पिछले छह सालों में किसानों
सहित कर्मचारियों का वेतन एवं फंड का भुगताननहीं किया है। इस कंपनी पर कर्मचारियों सहितकिसानों का करोड़ों रुपया बकाया है। यहां भी
दर्जनों बार किसान सड़कों पर उतरे, नारेबाजीकी, धरना दिया यहां तक कि मामला जिलाधीशतक पहुंचा लेकिन किसानों सहित कर्मचारियों
का भुगतान अभी तक नहीं हो सका है।कर्मचारी भी वेतन एवं फंड के भुगतान की
आस में अभी भी शुगर मिल परिसर में बनेक्वाटरों में रहने को मजबूर हैं।
डबरा शुगर मिल पर 10 करोड़
से अधिक की राशि बकायाकिसानों ने वर्ष 2006 से 2010 के बीचमें फैट्री को जो गन्ना दिया उसमें से बहुत बड़ी
राशि का भुगतान ही नहीं किया गया। किसानोंने अनेक बार आंदोलन किए, प्रदर्शन किए
लेकिन शुगर फैट्री मालिक के रसूख औरदबदबे के चलते प्रशासन नतमस्तक ही रहा।
हालात यह है कि बरसों बीत जाने के बाद भीआज फैट्री के ऊपर गन्ना उत्पादक किसानोंका लगभग 10 करोड रुपए बकाया है लेकिनफैटरी प्रबंधन ने एक तो भुगतान नही किया,दूसरी ओर अवैधानिक तरीके से पिछले 6सालों से फैटरी में भी ताला डाल दिया है।
गुड़ क्रेशर बने किसानों का सहारा
अंचल की दोनों शुगर कंपनियां बंद होने के बाद अबगन्ना कृषक गुड़ क्रेशरों की ओर रुख कर रहे हैं, तथा
अपने गन्ने से गुड़ बनाकर डबरा स्थित पुराना गाड़ीअड्डा की मंडी में बेचने आ रहे हैं। इससे किसानों को
काफी नुकसान हो रहा है, योंकि जिस गन्ने से उन्हेंदोगुना मुनाफा मिलता वह अब आधा ही रह गया है।
जिससे किसान अब गन्ने की फसल को ज्यादा तवज्जोनहीं दे रहे हैं।
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