ग्वालियर-डबरामें 24 दिन पहले हुई मारपीट की घटना में घायल युवक की शुक्रवार की रात इलाज के दौरान चोटें गंभीर आने पर उसकी मौत हो गई। २४ दिन में कोई कार्यवाही आरोपियों के विरुद्ध न होने का आरोप लगते हुए जाम लगा दिया।

गुस्साए परिजनों ने शनिवार की दोपहर 2 बजे रामगढ़ पुल पर शव रखकर हाईवे पर जाम लगा दिया। काफी मान-मनोव्वल के बाद जब परिजन नहीं माने, तो अधिकारियों ने एसडीएम जयति सिंह को सूचित किया। एसडीएम ने मौके पर पहुंचकर परिजनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन उनकी मांग थी कि शहर थाना टीआई को सस्पेंड किया जाए और हत्या का मामला दर्ज कर आरोपितों को गिरफ्तार किया जाए। एसडीएम ने कार्रवाई का आश्वासन दिया, तब परिजनों ने शव को हाईवे से हटाया। लगभग तीन घंटे तक इस घटनाक्रम के कारण रामगढ़ पुलिया के दोनों ओर लगभग 10 किलोमीटर तक वाहनों की कतार लग गई।
गौरतलब है कि 5 दिसंबर को जवाहरगंज के तिवारी फॉर्म के पास रहने वाले सुनील पुत्र मंगल सिंह जाटव का मोहल्ले में रहने वाले जीतू पुत्र भूरा शाक्य से झगड़ा हो गया था। विवाद के दौरान जीतू ने अपने भाई कल्लू और पिता भूरा शाक्य के साथ मिलकर मारपीट की। इस घटना में सुनील के पेट में अंदरूनी चोट आ गई थी। उसका इलाज ग्वालियर के अस्पताल में चल रहा था। शुक्रवार की रात सुनील की मौत हो गई। युवक की मौत के बाद परिजन शव को लेकर थाने पहुंचे और आरोपितों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार करने की मांग की। इस पर उपनिरीक्षक बीएल यादव ने परिजनों से कहा कि पहले आप अंतिम संस्कार कर लो, उसके बाद शाम को मामला दर्ज कर लेंगे। लेकिन परिजन तुरंत मामला दर्ज कर आरोपितों को गिरफ्तार करने की मांग करने लगे। जब थाने में उनकी सुनवाई नहीं हुई तो नाराज परिजन शनिवार दोपहर 1.50 बजे रामगढ़ पुल पर पहुंचे और शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। लगभग एक घंटे बाद एसडीएम जयति सिंह मौके पर पहुंची और मामला दर्ज करवाने की बात कही, लेकिन परिजन और कुछ समर्थक टीआई को सस्पेंड करने की मांग करने लगे। इस पर एसडीएम ने जांच कर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।
परिजनों ने नहीं सुनी तहसीलदार व एसडीओपी की बात

रामगढ़ पुलिया पर लगाए गए जाम की खबर लगते ही तहसीलदार, एसडीओपी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और गुस्साए परिजनों को समझाने की कोशिश की, लेकिन परिजनों ने एक भी बात नहीं सुनी और तत्काल कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। हाईवे पर लगभग एक घंटे तक जाम के बाद एसडीएम मौके पर पहुंची और परिजनों को जाम खोलने के लिए समझाया तो परिजन जाम खोलने के लिए राजी हो गए और एफआईआर दर्ज कराने थाने पहुंच गए। लेकिन तभी मृतक का छोटा भाई पवन मौके पर पहुंच गया और टीआई राकेश गुप्ता और एसआई बीएल यादव को सस्पेंड करने की मांग को लेकर फिर से जाम लगवा दिया। दोपहर लगभग 3.45 बजे एसडीएम दोबारा मौके पर पहुंची और मामला दर्ज करने के साथ ही जांच के बाद पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। एसडीएम के आश्वासन के बाद ही जाम खुल सका। पुलिस ने थाने पहुंचकर कल्लू, जीतू और भूरा शाक्य के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है।
तीन घंटे तक परेशान रही पुलिस
मृतक के परिजनों द्वारा रामगढ़ पुलिया पर लगाए गए जाम से आवागमन पूरी से अवरुद्ध हो गया और पिछोर तिराहे से लेकर झांसी चुंगी नाका तक वाहनों की लंबी कतार लग गई। इस कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। जाम के कारण कई सवारियां बसों में फंसी रही, जो डबरा की सवारी थी वह बस से उतरकर पैदल अपने गंतव्य तक पहुंचीं।
शव के पास बैठकर रोती रही मां
बेटे के शव को सड़क पर रखकर मां मीना बाई चीख-चीख कर रोती रही। पिता मंगल, भाई पवन और जितेन्द्र अपने परिचितों के साथ कार्रवाई की मांग को लेकर अड़े रहे। मां मीना ने बताया कि मारपीट की घटना के बाद आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर कई बार पुलिस थाने गए, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
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