ग्वालियर –
भितरवार के दो गांवों के लोगों की मनमानी औरशासन की अनदेखी के कारण भितरवार विकासखंड के लगभग डेढ़ दर्जन ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विकासखंड के सिला तथा पलायछा के ग्रामीणों द्वारा पार्वती नदी की बीच में रोके जाने के कारण नदी किनारे स्थित लगभग डेढ़ दर्जन गांव के लोगों की फसल सूखने की कगार पर पहुंच गई है। सिंचाई के लिए नदी का पानी नहीं मिल पा रहा है। वहीं सिला व पलायछा के किसान नदी का पानी रोककर खेती कर रहे हैं।
गौरतलब है कि सिला तथा पलायछा के ग्रामीणों ने मिलकर पार्वती नदी का पानी रोक लिया है और खेतों में सिंचाई करने लगे। लेकिन दो गांवों के किसानों की मनमानी के कारण नदी किनारे बसे डेढ़ दर्जन गांवों में रहने वाले लोगों के सामने संकट खड़ा गया है, क्योंकि अब उन्हें न तो नदी का पानी मिल रहा है और न ही नहरों में पानी छोड़ा जा रहा है। नदी में अतिक्रमण किए जाने के कारण सहारन, भितरवार, आदमपुर, नजरपुर सहित अन्य गांव के लोग प्रभावित हो रहे हैं। इन गांवों के लोगों को उम्मीद थी कि इस बार नदी का पानी इन्हें जरूर मिलेगा, लेकिन अतिक्रमण के चलते नदी का पानी इस बार भी इन गांवों तक नहीं पहुंच पा रहा है।
दो-तीन साल बाद आया है नदी में पानी
ग्रामीणों ने बताया कि पार्वती नदी में दो-तीन साल बाद पानी आया है, क्योंकि क्षेत्र में बरसात नहीं होने के कारण नदी सूखी पड़ी थी। इस बार नदी में पानी में आने के बाद उम्मीद थी कि अब खरीफ सीजन की फसलों के लिए पानी का संकट नहीं रहेगा और बिना परेशानी के फसलों की सिंचाई हो जाएगी। सिला व पलायछा के लोगों द्वारा नदी का पानी को रोके जाने के कारण अब सिंचाई की उम्मीद खत्म हो गई है। हालांकि नदी में पानी को छोड़े जाने के लिए हम लोगों ने प्रयास किए थे, लेकिन गांव के लोगों ने हमारी बात नहीं सुनी।
नदी के बीच में बनाए खेत
पार्वती नदी में पानी नहीं आने के कारण पिछले कई साल से नदी सूखी पड़ी थी। इस बीच सिला व पलायछा के किसानों ने नदी की बीच धार में अतिक्रमण कर खेत बना लिए और खेती करने लगे। इस बार कैचमेंट एरिया में बरसात होने के कारण नदी में पानी आ गया है, लेकिन सिला व पलायछा में बीच धार में की जा रही खेती के कारण पानी रुककर रह गया है।
इनका कहना है-
हल्का पटवारी को निर्देश देकर मामले की जांच कराते हैं कि जिन किसानों ने नदी पर अतिक्रमण किया है, वह शासकीय भूमि है या फिर निजी। जांच के बाद ही कार्रवाई की जाएगी।
-अशोक सिंह चौहान, एसडीएम, भितरवार।-
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