ग्वालियर-
सफाई कर्मचारी मदाखलत की टाटा 407 में रस्से पर बैठा था । रस्सा का एक छोर कब फिसलकर गाड़ी के पिछले पहिए में उलझ गया पता ही नहीं चला। धीरे-धीरे रस्सा पहिए में लपेटता चला गया। दूसरा छोर सफाई कर्मचारी के पैरों में उलझ गया। एक झटके से सफाई कर्मचारी नीचे गिरा और आधा किलोमीटर दूर तक घिसटता चला गया। जब साथियों ने शोर मचाया तो चालक ने गाड़ी रोकी। घटना बड़ागांव से खुरैरी के बीच की है। घायल को बिडला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां ऑपरेशन कर उसके दोनों पैर काटने पड़े हैं।
बड़ागांव निवासी राहुल खरे (22) पुत्र महेश खरे नगर निगम में ठेके पर सफाई कर्मचारी है। राहुल का पिता महेश भी कर्मचारी है। शाम को मदाखलत की लोडिंग में राहुल अपने कुछ साथियों के साथ स्वच्छता अभियान के तहत खुरैरी जा रहे थे। राहुल मदाखलत की लोडिंग में पीछे रस्से के ढेर पर बैठा था। रस्से का एक छोर गाड़ी से नीचे की तरफ लटक रहा था। जबकि दूसरा छोर में गांठ लगी थी। जो छोर नीचे लटक रहा था वह गड्ढों और दचकों पर खिसकते हुए लोडिंग के पिछले पहिए में आकर उलझ गया। धीरे-धीरे रस्सा खिंचता गया। इसी समय दूसरा छोर राहुल के पैर में कस गया। झटके से वह नीचे गिरा। इसके बाद काफी दूर तक गाड़ी की स्पीड के साथ घसीटता गया। इस दौरान उसके पैरों में रस्सी इतनी कस गई कि पूरा मांस फट गया। जब तक गाड़ी रुकी काफी देर हो चुकी थी। साथियों ने उसे बिडला अपताल पहुंचाया। मास बुरी तरह फट जाने पर उसका ऑपरेशन कर पैर काटना पड़ा।
क्यों काटना पड़ा पैर
राहुल के पैरों में रस्सी काफी बुरी तरह कस गई थी। जिसमें उसके दोनों पैर पंजे से ऊपर तक इस हालत में आ गए थे कि हड्डी बाहर निकल आई थीं। जब उसे अस्पताल लेकर पहुंचे तो उसके शरीर में जहर फैलने की नौबत आ गई। जिसके बाद डॉक्टरों ने पैर काटने का फैसला लिया।
ठेके पर था कर्मचारी, लापरवाही किसकी
राहुल के पिता महेश और वह खुद नगर निगम में ठेका पर कर्मचारी था। घटना के समय चालक गाड़ी को काफी तेज गति में चला रहा था। इसके साथ ही राहुल की उम्र कम होने के बाद भी उसे रस्से पर बैठने दिया। जिस कारण यह हादसा हुआ। हादसे के लिए ठेकेदार व वाहन चालक भी जिम्मेदार हैं।
ऐसे मिल सकी आर्थिक सहायता
राहुल परिवार से काफी गरीब है। उसके दोनों पैर काटने के बाद परिवार पर इलाज कराने के लिए भी पैसा नहीं था। मामले की सूचना जब कांग्रेस नेता सुनील शर्मा को ि मली तो वह तत्काल परिवार की मदद के लिए पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों से बात कर नगर निगम से 20 हजार रुपए, ठेकेदार से 10 हजार रुपए और खुद 7500 रुपए की आर्थिक मदद की है।
loading...
बढ़ता कारवाँ | समाजवाद की ओर बढ़ते कदम… India's #1 Leading News Portal