ग्वालियर-इंटरनल और एक्सटर्नल आप परीक्षाके बाद कराओगे। वाह सर क्या नियम हैआपका। हमें तो सोच रहे थे कि पैसासीधा परीक्षा नियंत्रक के पास आता है,लेकिन अब पता चल रहा है कि आपकेपास भी आ रहा है। किसी भी विद्यार्थी केइंटरनल और एक्सटर्नल नहीं हुये औरआप सीधे परीक्षा कराने की तैयारी में हैं।सॉरी सर, यहां केवल आप भ्रष्ट नहीं हैं,
पैसा सभी के पास बराबर आ रहा है।आपको नॉलेज ही नहीं है कि बिनाइंटरनल औरएक्सटर्नल की परीक्षा कैसेहो जायेगी। आप लोग हमें बाहर क्यों कररहे हो,क्या हम दलाल हैं ? तिथि तोआपको आगे बढ़ाना होगी, क्या धमकी देरहो हो आप। आप पवैया को पैसा देकर
आये हो, अब पवैया भी गये और अबआपका नंबर है। यह बात एनएसयूआई केप्रदेश सचिव सचिन द्विवेदी ने परीक्षानियंत्रक डॉ. राकेश कुशवाह से कही।एनएसयूआई के प्रदेश सचिव सचिनद्विवेदी व छात्र बीई सातवे सेमेस्टर कीपरीक्षा को आगे बढ़ाने की मांग को लेकरपरीक्षा नियंत्रक डॉ.राकेश कुशवाह सेमिलने के लिए पहुंचे थे। सचिन और
छात्रों ने परीक्षा नियंत्रक को बताया कि सरहमारे सांतवे सेमेस्टर की परीक्षा 26दिसबर से शुरू होने वाली है और हमारीगेट की परीक्षा 9 फरवरी को है।अगर हम बीई परीक्षा की तैयारीकरेंगे तो हम गेट की परीक्षा मेंफेल हो जायेंगे। साथ ही बतायकि 9 फरवरी के बाद आप बीईसांतवे सेमेस्टर की परीक्षा कभीभी करा सकते हैं। हम देने कोतैयार हैं। जिस पर परीक्षा
नियंत्रक ने तिथि आगे बढ़ाने सेइंकार कर दिया। परीक्षा नियंत्रक की इंकारसुन सचिन द्विवेदी बौखला गए और बोले
कि आप मुझे गार्डों की धमकी दे रहे हैं?सर डेट तो चेंज होंगी। परीक्षा नियंत्रकबोले कि आपको जो करना है कर लो।सचिन बोला कि धमकी दे रहे हो आपऔर आप ने या पवैया-पवैया लगा रखाहै। तुा पवैया को पैसा देकर आये, अबपवैया भी गये और तुम भी गए। घर मेंलटक जाओं पवैया के घर में जाकर रोटीबनाना उसकी।यहां बातें यों बना रहे हो। सचिन कीयह बात परीक्षा नियंत्रक अपनी कुर्सी सेउठकर जाने लगे । जिस पर सचिन द्विवेदीने छात्रों से कहकर कमरा बंद करा दियाऔर बोले कि कहीं जाने की जरूरत नहींहै आपको। डेट चेंज होगी अब कैसे भी ।गेट लगा दो जब तक डेट नहीं बढ़ेगी तबतक यहां से न कोई बाहर जायेंगा और नही कोई अंदर आयेगा। चाहे आज रात के11 बज जायें । सचिन की यह बात सुनपरीक्षा नियंत्रक ने अभियांत्रिकी संस्थानके निर्देशक पी.राजराम को फोन लगाकरअपने पास बुला लिया। पी.राजाराम बोलेकि जब इंटरनल और एसटर्नल कीपरीक्षा हो गई है तो अब तिथि कैसे आगेबढ़ा सकते हैं। यह सुन वहां खड़े छात्रबोले कि सर अभी इंटरनल औरएसटर्नल नहीं हुये हैं। इस बात कोसचिन ने पकड़ लिया और बोला कि वहासर या नियम है आपका परीक्षा के बादइंटरनल और एसटर्नल कराओं । हम तोसोच रहे थे कि पैसा परीक्षा नियंत्रक केपास तक आता है। अब समझ में आ गयाकि पैसा आपके पास भी आता है। सचिनपरीक्षा नियंत्रक से बोला कि सॉरी सर मैंकेवल आपको भ्रष्ट बोल रहा था,
पैसे देकर आये हो पवैया को, वहभी गए अब तुम भी जाओग,यहां तोसभी लोग ही भ्रष्ट हैं। किसी को कुछ पताही नहीं है कि कब किस की परीक्षा होतीहै। आपको बंगले से जिसप्रकार की तिथिनिर्धारित करने के लिए बोल दिया -जाता
है। उसी दिन की आप तिथि निर्धारित करदेते थे
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