ग्वालियर-कांग्रेस की सरकार बनते ही भाजपा सरकार दराचलाई गईसंबल योजनाकी जांच शुरुहो गई है। जांचके शुरुआतीदौरे में ही 272ऐसे उपभोतामिले हैं जिनकेघर की बिजलीखपत प्रति माह एक हजार यूनिट से अधिक है तथा वह सरल
योजना का लाभ ले रहे थे।
बीजेपी सरकार ने वोट बैंक के लालच में जिस संबलयोजना की शुरुआतकी थी उसकी जांच अब नई सरकार नेकराना शुरु कर दी है। सरकार को पूरा अंदेशा है कि इसयोजना का लाभ भाजपा के वह नेता व कार्यकर्ता ले रहे हैं जोसमर्थ होने के बावजूद बिल नहीं भरना चाहते हैं।
200 रुपए महीनें में हजारों यूनिट की खपत
बिजली कंपनी के सिटी सर्किल ने इस जांच का जिमा सभीजोनल अधिकारियों को दे दिया है। जांच की पहली खेप में उनउपभोताओं के मीटर व विद्युत लोड की जांच की जाएगी जिनकीप्रतिमाह खपत एक हजार यूनिट आ रही है। उसके बाद उससेनीचे के यूनिट खपत वाले उपभोताओं की जांच की जाएगी। जांचशुरु हुए अभी बामुश्किल तीन दिन बीते हैं, इन बीते तीन दिनों मेंही 272 उपभोता ऐसे पाए गए हैं जिनके घर की बिजली की
खपत प्रतिमाह एक हजार यूनिट से अधिक है तथा वह कंपनी कीसरल योजना के तहत 200 रुपए प्रति यूनिट की दर से भुगतान
कर रहे हैं।
272 उपभोक्ता ऐसे मिलेजिनके घर की खपतएक हजार यूनिटसे अधिकलाखों के बिल माफ किए उनकी होगी जांचआशंका व्यत की जा रही है कि जिन उपभोताओं के बीजेपी सरकारने लाखों रुपए बिजली के बिल माफ कर दिए हैं उनकी भी जांच की
जाएगी। कंपनी इस बात का पता लगाएगी कि जिन लोगों का पैसा माफकिया गया है या वास्तव में वह उस माफी के हकदार हैं भी या नहीं।
सीसीएनबी सिस्टम से कंपनी ने निकाला डेटाबिजली कंपनी ने सीसीएनबी सिस्टम से उन सभी उपभोताओं का डाटा
निकाल लिया है जिन्होंने पात्रता न होने के बावजूद सरकार की इन जनहितैषी योजनाओं का लाभ लिया है। कंपनी प्रबंधन अब एमआरआई
सिस्टम से यह डेटा निकाल रहा है। अभी तो यह शुरुआत बताई जारही है जल्द ही जिन उपभोताओं की अधिक खपत निकलेगी उनके
यहां लगे मीटर की चैकिंग की जाएगी साथ ही घर के विद्युत लोड कीजांच कराई जाएगी।
डिवीजनों को सौंपी जिमेदारी
बिजली कंपनी के सिटी सर्किल ने सभी उपभोताओं की जानकारी
जुटाने की जिमेदारी सभी संबंधित डिवीजनों के उपमहाप्रबंधकों कोसौंप दी है तथा उपमहाप्रबंधकों ने यह जिमेदारी सभी जोनल
अधिकारियों को स्थानान्तरित कर दी है लिहाजा अब बिजली कंपनी काअमला चेकिंग पर निकल आया है।
इनका कहना
संबल योजना में जो उपभोता पात्रता न होने के बावजूद उसका लाभ ले
रहे हैं उसकी जांच की जा रही है। पहले एक हजार यूनिट की खपतवाले उपभोताओं की जांच की जा रही है। पहली बार में 272 उपभोता
मिले हैं जिनकी जांच की जा रही है।
अक्षय खरे, महाप्रबंधक, शहर वृत्त मक्षे विद्युत वितरण
कंपनी, ग्वालियर-
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