BK-NEWS (म.प्र.) सिंगरौली/राजकुमार सिंह/आरपी सोनी

मामला जिला के चितरंगी थाना का है जहां से चंद दूरी निवासी एक विधवा महिला ने अपने किराएदार सुशील कुमार गुप्ता और हरिश्चंद्र द्विवेदी मुख्य कार्यपालन अधिकारी चितरंगी पर दुष्कर्म करने का गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक को लिखित रिपोर्ट दी है तब से पूरे क्षेत्र के नुक्कड़ चौराहे में मुख्य कार्यपालन अधिकारी चितरंगी के प्रति दुष्कर्म आरोप का तरह-तरह की चर्चा जारी है चर्चा दौरान कुछ लोग कहते है पंचायतों में भ्रष्टाचार करा अनर्गल पैसा कमाने हैं ऐसे लोग ज्यादा अयास होते हैं जरूर गलत किए होंगे अगर कोई कम्जोर होता तो अब तक जेल में होता। वहीं कुछ लोग कहते हैं ऐसा संभव नहीं लगता, सच क्या है जांच के बाद ही पता चलेगा
पूरा मामला यह है कि मुख्य कार्यपालन अधिकारी चितरंगी बगला से चांद दूर निवास रात 36 वर्षीय विधवा आदिवासी महिला ने पत्रकारों को बताई हमारे घर में सुशील कुमार गुप्ता निवासी जिआमन थाना क्षेत्र का था जो बतौर किरदार के रूप में हमारे घर रहता था गत दो माह पहले हम नहा रही थी तभी नहाते समय का सुशील कुमार गुप्ता मेरी वीडियो फोटो बना लिया था और मुझे ब्लैकमेल करते हुए हमारे साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाया जिस घटना का लिखित रिपोर्ट हमारे द्वारा चितरंगी थाना में दिया गया था किंतु पुलिस द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई जिसके बाद आरोपी गुप्ता अपने दोस्त हरिश्चंद्र द्विवेदी मुख्य कार्यपालन अधिकारी चितरंगी को रात्रि में हमारे घर लाया और हमारे साथ जबरन हरिश्चंद्र द्विवेदी से शारीरिक संबंध बनवाया और कहा कि किसी से मत कहना अन्यथा तुम्हारी वीडियो वायरल कर देंगे ज्यादा करोगी तो समक्ष लेना, जिसके बाद आरोपी गुप्ता हमारी फोटो में अश्लील शब्द लिख इंस्टाग्राम सोशल मीडिया में वायरल कर दिया जिस पूरे घटना की लिखित रिपोर्ट मेरे द्वारा पुलिस अधीक्षक महोदय के समक्ष किया गया है जिसमें अभी तक कोई कार्यवाही नहीं की गई। वही पीड़िता आरोपी दोनों का आरोप प्रत्यारोप प्रकाशित हो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है
संविधान दरकिनार कर की गई हाथापाई पीड़िता न्याय की लगाई गुहार प्रभारी सवालों के घेरे में :-
दुष्कर्म आरोपी पीड़िता आरोप प्रत्यारोप के बाद कुछ पत्रकारों द्वारा दोनों का बयान लगा खबरें प्रकाशित किया गया है। पीड़िता ने बताई हम 30 अप्रैल 2024 को बाजार जा रही थी चितरंगी थाना के पास पहुंची तो गेट में मौजूद राखी मिश्रा प्रधान आरक्षक हमें थाना के अंदर बुलाई और सीसीटीवी कैमरा विहीन कमरे में ले गई और बोली सीइओ के प्रति क्यों रिपोर्ट की हो पक्षपात करते हुए बयान लिखने हेतु कोरा कागज में हस्ताक्षर करने को कहीं हमारे मना करने पर गाली गलौज मारपीट किया गया है वही थाना में मौजूद राखी मिश्रा महिला आरक्षक हाथ में लगे नाखून का निशान दिखाते हुए बोली फरियादी महिला स्वयं छीना झपटी कि है। जिस बात से साबित होता है कि निश्चित ही थाना में संविधान को दरकिनार कर हाथापाई किया गया है। वहीं पीड़ित महिला थाना के अंदर हाथापाई घटनाक्रम का लिखित रिपोर्ट थाना में दिया किंतु थाना से पावती नहीं दी गई तब पीड़िता दुष्कर्म आरोपी सुशील कुमार गुप्ता हरिश्चंद्र द्विवेदी, सहित राखी मिश्रा प्रधान आरक्षक, शेषमणि पटेल थाना प्रभारी चारों पर अलग-अलग आरोप लगाते हुए एसडीओपी को लिखित रिपोर्ट देकर न्याय की गुहार लगाई है जिस बात को लेकर श्री पटेल थाना प्रभारी कई सवालों के घेरे में हैं किंतु साहब निष्पक्ष पत्रकारों का नंबर ब्लैक लिस्ट में रखते हैं जवाब मिलना संभव नहीं है।
यह खबर पीड़िता-आरोपी दोनों के द्वारा एक दूसरे के प्रति लगाए गए आरोप प्रत्यारोप वा प्रकाशित खबर एवं पीड़िता के लिखित रिपोर्ट के आधार पर लिखा गया है पूरे मामले को संज्ञान में ले कर पुलिस सक्षम अधिकारी को कार्यवाही करनी चाहिए।
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