बढ़ता कारवां/ सिंगरौली (जमुना सोनी) बैढन “कोविड -19” कोरोनाकाल में जिले के दूरदराज क्षेत्रों से आये हुये मजदूरों को काम न मिलने के कारण इधर – उधर भटक कर बिना मजदूरी किये खाली हाथ वापस अपने – अपने घर जाने को मजबूर हैं ।
वहीं अधिकतर मजदूर बताते हैं कि भवन निर्माण कार्य हेतु ट्रैक्टर ट्राली से बालू न मिलने की वजह से मजदूरी नहीं मिल पा रही है और इसलिये सुबह लगभग 8:00 बजे से लेकर 11:00 बजे तक मजदूरी कार्य के लिये शहर के अम्बेडकर चौक पर काम के इंतजार में बैठे रहते हैं ।
अम्बेडकर चौक पर खड़े मजदूर बताते हैं कि “मध्य प्रदेश राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजना “अन्नपूर्णा योजना” के तहत जिला प्रशासन के पहल से नगर पालिक निगम सिंगरौली एवं इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी सिंगरौली के संयुक्त तत्वाधान में चल रहे थे मात्र ₹5 रुपये में दाल – चावल, रोटी – सब्जी, आचार भरपेट भोजन मिलता था जो अब “कोविड-19” कोरोनाकाल में लगभग 5 माह से मात्र ₹5 रुपये में भरपेट भोजन मिलने वाला पूरी तरह से बंद पड़ा है और जिसके कारण एक – दो समोसे खाकर दिन गुजार कर घर को वापस जाते हैं और साथ ही काम न मिलने पर आने – जाने का किराया व्यर्थ चला जाता है ।
वही अम्बेडकर चौक पर जिले के दूरदराज के क्षेत्रों से आये हुये मजदूरों ने गरीब – मजदूर और जरूरतमंदों को फिर से मात्र ₹5 रुपये में भरपेट भोजन मिलने वाले रसोई को खुलवाने की मांग की है और वही जिले के संबंधित विभाग के अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराना चाहता हूँ ।
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