Warning: Trying to access array offset on value of type bool in /home/sites/43a/e/ed29062570/public_html/wp-content/themes/jarida/functions/common-scripts.php on line 150

mp में विभाग के बंटवारे में भी देरी, दिल्ली में होगा फैसला, कांग्रेस ने साधा निशाना

भोपाल- मध्य प्रदेशमें जोड़-तोड़ की सियासत में खींचतान स्वाभाविक प्रक्रिया है और इन दिनों मध्य प्रदेश इसी परिस्थिति से गुजर रहा है। पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के जोड़-तोड़ से शिवराज सिंह चौहान की अगुआई में भाजपा की सरकार तो बन गई, लेकिन पालेबंदी साफ तौर पर दिखने लगी है। तमाम पंचायतों के बाद किसी तरह मंत्रिमंडल का विस्तार तो हो गया, लेकिन अब विभागों के बंटवारे को लेकर मशक्कत शुरू हो गई है।

शिवराज इसके लिए शनिवार को दिल्ली जाने वाले थे, लेकिन अचानक देर शाम यह यात्रा टल गई। सूत्रों का कहना है कि अब वे रविवार को सुबह दिल्ली जाएंगे। इससे कामकाज का बंटवारा होने में और भी विलंब हो सकता है। शिवराज सिंह चौहान ने पिछले दिनों शिव के विष पीने की बात कहकर अपने दिल का गुबार तो निकाल दिया, लेकिन उनकी पीड़ा कम नहीं हो सकी।

मंत्रिमंडल विस्तार के दो दिन बीत जाने के बावजूद विभागों को लेकर आम राय नहीं बन पाई। शिवराज की सरकार बनाने का सबसे बड़ा श्रेय सिंधिया को है और सिंधिया इस एवज में अपने समर्थकों को अच्छे और प्रभावी विभाग दिलवाना चाहते हैं।

पहले विस्तार में उनके करीबी तुलसी सिलावट और गोविंद सिंह राजपूत को कमल नाथ सरकार की अपेक्षा कम महत्वपूर्ण विभाग मिले तो राजनीतिक गलियारों में इसे सिंधिया के प्रभाव से जोड़कर देखा जाने लगा। चर्चा यहां तक होने लगी कि अब वह भाजपा के दबाव में हैं, लेकिन मंत्रिमंडल के दूसरे विस्तार में अपने दर्जन भर समर्थक पूर्व विधायकों को शामिल कराकर उन्होंने अपनी ताकत दिखा दी।

कहा जा रहा है कि अब वह महत्वपूर्ण विभागों के लिए मुख्यमंत्री से अपेक्षा कर चुके हैं। इधर, मुख्यमंत्री अपने चहेतों को बढ़िया विभाग सौंपना चाहते हैं। इस बीच संगठन की ओर से तीसरा मोर्चा भी खुल रहा है। संगठन कुछ मंत्रियों को बेहतर विभाग देकर उनकी हैसियत और अहमियत बढ़ाना चाहता है।

इस वजह से रार जैसी स्थिति बन गई है। शिवराज के दिल्ली जाने के संकेतों के बाद यह खींचतान जगजाहिर भी हो गई। हालांकि चौहान की भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा, राज्यसभा सदस्य ज्योतिरादित्य सिंधिया, प्रदेश प्रभारी विनय सहस्रबुद्घे और राष्ट्रीय नेतृत्व के बीच चर्चा चल रही है, लेकिन शनिवार की शाम तक इस पर फैसला नहीं हो पाया। अब संभावना है कि सारा मामला दिल्ली से ही सुलझाया जाएगा। दिल्ली से शिवराज के लौटने के बाद तय होगा कि किसके हिस्से कौन-सा विभाग रहेगा।

दिल्ली जाना शिवराज की विवशता का प्रतीक

कांग्रेस कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता दुर्गेश शर्मा तंज कसते हैं कि शिवराज सिंह चौहान का विभाग बांटने से पहले दिल्ली जाना उनकी विवशता को दर्शाता है। वह पहले भी दिल्ली गए तो मध्य प्रदेश के लिए कोई सौगात लाने की बजाय सिंधिया के 14 मंत्रियों की सूची लेकर आए। शर्मा ने दावा किया कि इस तरह के दबावों में ही यह सरकार गिर जाएगी।

loading...

Warning: Undefined array key "tie_hide_share" in /home/sites/43a/e/ed29062570/public_html/wp-content/themes/jarida/single.php on line 65

Warning: Trying to access array offset on value of type null in /home/sites/43a/e/ed29062570/public_html/wp-content/themes/jarida/single.php on line 65
x

Check Also

खेलों के माध्यम से युवाओं को स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवन का संदेश

राष्ट्रीय खेल दिवस पर साइकिल रैली एवं अंडर-17 मैत्री क्रिकेट प्रतियोगिता आयोजित बढ़ता कारवां (BK ...