ग्वालियर-अंचल मेंआम आदमी बिजली कम्पनी की मनमानी के खिलाफ कुछ कर नहीं पता मुरैना के पुलिस से जुड़े बिलों की सुनवाई नहीं होने पर पुलिस ने अधिकारी को बुलवा ठीक करने को कहा अब मामले को बढ़ा चढ़ाकर पुलिस अधिकारी को दोषी बताने के प्रयास हो रहे अंचल में बिजली वालों की मनमानी से लोग परेशान हैं
मुरैनामें पुलिस से जुड़े बिलों की सुनवाई नहीं होने पर ,
बिजली का बिल अधिक आने को लेकर मुरैनाशहर कोतवाली पुलिस ने बिजली कंपनी के डीई को कोतवाली बुलवाया। बिल ठीक न होने तक कोतवाली में बैठाए रखा। वे चले न जाएं, इसलिए एक पुलिस कर्मी भी अलग से तैनात कर दिया। इस दौरान उनके साथ एक जूनियर इंजीनियर भी था। जब पुलिस पर बिजली कंपनी के बड़े अफसरों का दबाव आया तब करीब ढाई घंटे बाद पुलिस ने डीई को कोतवाली से जाने दिया।
बिजली के उपमहाप्रबंधक राजेश सिंह भदौरिया को शहर कोतवाल केएस भदौरिया ने पुलिस कर्मी भेजकर थाने बुलाया। वे एक जूनियर इंजीनियर निखिल के साथ पहुंचे। श्री भदौरिया के मुताबिक टीआई ने एक बिल सामने रखा और कहा कि ये बिल गलत आया है। इसका निराकरण नहीं हुआ है।
भदौरिया के मुताबिक बिल देखकर उन्होंने बता दिया कि उसका निराकरण डेढ़ महीने पहले हो गया है। टीआई ने आरक्षक से कहकर थाने के दूसरे कक्ष में बैठा दिया, कहा कि जब तब मैं नहीं कहूंगा, तब तक आप नहीं जाओगे। एक पुलिस कर्मी की ड्यूटी भी लगा दी। करीब आधे घंटे बाद एक बिल और मंगाया और कहा कि इसे ठीक करना है।
जब तक बिल ठीक नहीं होगा, तब ऐसे ही बैठे रहोगे। श्री भदौरिया के मुताबिक बिल को ठीक करने का काम उप महाप्रबंधक का नहीं होता, फिर भी उन्होंने कहा कि यह बिल रीडिंग से आया है। इसमें वे कुछ नहीं कर सकते। रिकॉर्ड देखकर ही कुछ किया जा सकता है, लेकिन टीआई तैयार नहीं हुए और उन्होंने बैठने को कह दिया। पुलिस ने उन्हें करीब 12 बजे बुलाया था और ढाई बजे के करीब छोड़ा।
पुलिस कर्मियों के थे बिल
कोतवाली पुलिस से जुड़े लोगों का कहना था कि बिल पुलिस कर्मियों से जुड़े हुए थे। जिन्हें टीआई कम कराना चाह रहे थे, इसीलिए उन्होंने पुलिस कर्मी को भेजकर डीई को बुलाया था। पुलिस कर्मियों का कहना था कि जो आवास कई महीनों से बंद भी हैं तो भी उसका लंबा चौड़ा बिल आ गया। कार्यालय में जाकर कई बार बिल को ठीक कराने का प्रयास किया, लेकिन हमेशा डीई व अधिकारी इधर से उधर टाल देते। बिल को ठीक नहीं कर रहे थे।
बिजली कंपनी के उप महाप्रबंधक राजेश सिंह भदौरिया का कहना था कि वे बिजली कंपनी के जिले में दूसरे नंबर के अधिकारी हैं। टीआई ने जिस तरह से उन्हें बुलाया था, उससे लगा कि कोई आवश्यक काम होगा। इसलिए वे अपने साथी को लेकर कोतवाली पहुंच गए, लेकिन वहां पर उन्हांेने उन्हें बैठा लिया
मोबाइल भी छिना लिया था डीई से
डीई व जेई निखिल के मुताबिक पुलिस द्वारा बैठाए जाने की सूचना जब वे अपने वरिष्ठ अफसरों को दे रहे थे तो पुलिस ने उनसे उनके मोबाइल भी अपने पास रख लिए। ऐसे में वे अपने अफसरों को भी सूचना नहीं दे सके।
क्या कहते हैं टीआई
बिजली के बिलों में गड़बड़ी की शिकायतें आ रही थी और कार्यालय में बिजली कंपनी के लोग पहले तो मिलते नहीं थे और मिलने पर उनकी समस्या को हल करने की जगह टाल रहे थे। शिकायत आने के बाद डीई को केवल कोतवाली बुलाकर समस्या को हल करने के लिए कहा गया था।
केएस भदौरिया, टीआई कोतवाली, मुरैना
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