ग्वालियर – हैपेटाइटिस बी से बेटे की किडनी खराब हाेने के कारण उसके शरीर ने काम करना बंद कर दिया। पिता ने दो बीघा जमीन बेच दी। झांसी और इंदाैर में इलाज कराया, फायदा नहीं हुआ ताे उसे लेकर ग्वालियर आए और यहां सिम्स हॉस्पिटल में नि:शुल्क किडनी ट्रांसप्लांट किया गया। मां ने बेटे काे किडनी देकर नई जिंदगी दी और अस्पताल प्रबंधन ने परिवार का आयुष्मान कार्ड बनवाकर उन्हें कर्ज में डूबने से बचाया।
जिस बेटे को जन्म दिया उसे दुबारा नया जीवन किडनी देकर दिया, अस्पताल प्रबंधको डॉक्टरों को भी बहुत बहुत धन्यवाद
मजदूरी करने वाले छतरपुर के 32 वर्षीय इंद्रपाल प्रजापति की दो साल पहले किडनी खराब हाे गई। मां होरा बाई और पिता कामता प्रजापति ने झांसी में इलाज कराया। 9 माह पहले घर पर सोते समय उसके हाथ-पैर सुन्न हाे गए। परिजन उसे इंदौर ले गए। इंदौर में डॉक्टरों ने डायलिसिस के लिए कहा था, लेकिन हेपेटाइटिस बी होने के कारण डॉक्टरों ने इंदाैर में डायलिसिस करने से मना कर दिया। तब उसे ग्वालियर लाए।
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