ग्वालियर-
डबरा भितरवार में लगातार कार्रवाई के बाद भी रेत माफिया बेखौफ बना हुआ है। भैंसनारी और लोहगढ़ खदान पर कार्रवाई करने पहुंचे प्रशासन की टीम को गत रात ग्राम खोड़न में रेत माफिया और ग्रामीणों ने घेर लिया। टीम ने खोड़न गांव से रेत से भरीं कुछ ट्रैक्टर-ट्रॉलियां पकड़ी थीं, लेकिन माफिया ने इन ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को छुड़ाने का प्रयास किया। टीम में पुलिस बल सहित 50 से अधिक लोग होने के कारण माफिया सभी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां नहीं छुड़ा सका और टीम तीन ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को जब्त कर लाई। इस मामले में एसडीएम का कहना है कि विरोध करने वालों को चिन्हित कर कार्रवाई करेंगे।
हालात न बिगड़ें, इसलिए और पुलिस बल बुलवाने नायब तहसीलदार फोन लगाते रहे, देहात थाना प्रभारी ने उठाया ही नहीं
एसडीएम राघवेंद्र पांडेय गतरात नायब तहसीलदार और राजस्व टीम के साथ कार्रवाई करने के लिए भैंसनारी और लोहगढ़ रेत खदान पर पहुंचे। टीम के साथ पुलिस लाइन का फोर्स भी था। कार्रवाई के दौरान टीम ने ग्राम खोड़न में छिपाकर रखी गईं रेत से भरी कुछ ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को जब्त किया। जब वे जब्त ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को लाने लगे तो रेत माफिया और काफी संख्या में ग्रामीणों ने उन्हें घेर लिया। यह लोग ट्रैक्टर-ट्रालियों को ले जाने का विरोध करने लगे। इस दौरान कुछ लोगों ने टीम से ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को छुड़ाने का प्रयास किया। प्रशासन के पास भी पुलिसकर्मी और राजस्व विभाग का अमला मिलाकर 50 से अधिक लोग थे। इसलिए ग्रामीण सभी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को ले जाने में सफल नहीं हुए। रातभर मशक्कत करने के बाद टीम तीन ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को जब्त कर तहसील परिसर में ले आई।
गिट्टी से भरे तीन डंपर भी पकड़े
एसडीएम राघवेंद्र पांडेय ने रात में ही गिट्टी से भरे डंपरों पर भी कार्रवाई की। छीमक और ग्राम कल्याणी के पास से उन्होंने गिट्टी से भरे तीन डंपर पकड़े। तीनों डंपर बिना रॉयल्टी दिए महज तौल कांटे की पर्ची से ही गिट्टी का परिवहन कर रहे थे। टीम को देखकर दो डंपर के चालक मौके से भाग गए जबकि एक डंपर चालक को टीम ने पकड़ लिया और आगे की कार्रवाई के लिए टेकनपुर पुलिस चौकी की सुपुर्दगी में दे दिया।
पुलिसकर्मियों से माफिया बोला- रुपए ले जाते हो तो कार्रवाई करने क्यों आते हो, जवाब मिला हम कब आते हैं
प्रशासन की टीम स्थानीय पुलिस बल को न लेकर लाइन के पुलिस बल को लेकर कार्रवाई करने पहुंची थी, लेकिन माफिया ने उन्हें स्थानीय पुलिस ही समझा। जब ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को जब्त कर लिया गया तो रेत माफिया विरोध करते हुए पुलिसकर्मियों से कहने लगे कि तुम रुपए तो ले जाते हो, फिर कार्रवाई करने क्यों आते हो। इस पर पुलिसकर्मियों ने कहा कि हम कब रुपए लेने आते हैं। इस दौरान विरोध कर रहे लोगों और प्रशासन की टीम के बीच काफी झड़प भी हुई। गंभीर स्थिति बनने से पहले ही प्रशासन के अफसर सर्तक हो गए।
कार्रवाई से आक्रोशित थे रेत माफिया और ग्रामीण
रेत माफिया और ग्रामीण काफी संख्या में थे और अाक्रोशित थे। हालात बिगड़ न जाएं, इसलिए एसडीएम ने नायब तहसीलदार श्यामू श्रीवास्तव से देहात थाने से पुलिस बल बुलवाने के लिए कहा। नायब तहसीलदार काफी समय तक देहात थाना प्रभारी दिलीप समाधिया को फोन लगाते रहे, लेकिन थाना प्रभारी ने फोन ही नहीं उठाया।
फोन आया तब मैं सो रहा था
 नायब तहसीलदार का फोन रात को एक बजे के बाद आया था, तब मैं सो रहा था। फिलहाल में छुट्टी पर हूं।  दिलीप समाधिया, देहात थाना प्रभारी
विरोध करने वालों को चिह्नित कर कार्रवाई करेंगे
 ग्राम खोड़न में रेत माफिया और कुछ ग्रामीणों ने कार्रवाई का विरोध किया, जब्त ट्रैक्टर-ट्रालियों को छुड़ाने कोशिश की, नायब तहसीलदार से देहात थाना प्रभारी को भी फोन लगवाया, न उन्होंने फोन उठाया और न ही पुलिस पहुंची। विरोध करने वालों को चिह्नित कर कार्रवाई करेंगे।  राघवेंद्र पांडेय, एसडीएम, डबरा
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