विमल श्रीवास्तव सिंगरौली मध्य प्रदेश।।।
सिंगरौली/ पूमरे मंडल धनबाद के रेलखंड चोपन-सिंगरौली-महदेइया तक जनवरी 2020 में पहली बार इलेक्ट्रिक रेल इंजन चलेगा। ईसीआर रेलवे के धनबाद डिवीजन अंर्तगत सन् 2014 से चल रहे विद्युतीकरण का कार्य पूरा होने की स्थिति मे है। रमना से सिंगरौली तक कई रेलखंडों में किये गये कार्य के उपरांत अब चोपन-करैला रोड जंक्शन तक रेल सुरक्षा आयुक्त के द्वारा निरीक्षण किया जायेगा। रेल इलेक्ट्रिफिकेशन विभाग के द्वारा इस रेल खंड पर सभी बाधाओं को पार करते हुए इलेक्ट्रिक इंजन चलाने की तैयारी कर ली है। रेल सुरक्षा आयुक्त के द्वारा 8 दिसम्बर को चोपन से करैला रोड कुल 42 किमी. रेल ट्रैक पर

निरीक्षण किया जायेगा। चोपन-सिंगरौली के बीच 63 किमी रेल टै्रक का विद्युतीकरण पूरा करने के लिये करैला रोड जंक्शन से सिंगरौली महदेइया तक कुल 14 किमी टै्रक पर कार्य तेजी पर है। सोमवार को पोल खड़े करने का कार्य सिंगरौली रेलवे स्टेशन पहुंच गया है। जल्द ही इस कार्य को पूरा करने के लिये रेलवे के ओवर हेड इलेक्ट्रिफिकेशन की टीम साइट पर निरीक्षण कर रही है। जिसे हर हाल में दिसम्बर माह के अंत तक इस रेलखंड पर विद्युतीकरण कार्य पूरा कर लेना है। इस दौरान करैला रेलवे स्टेशन तक रेल सुरक्षा आयुक्त का निरीक्षण कार्य भी हो जायेगा, जिससे जनवरी के दूसरे सप्ताह तक इस रेलखंड पर भी सीआरएस टीम निरीक्षण कर सकती है। इस कार्य के लिये बीते दो वर्ष से चल रहे रेलवे सब स्टेशन का कार्य भी पूरा कर लिया गया है। कई महीने पहले ही टॉवर लाइन भी आकर सब स्टेशन के मुहाने पर पहुंची हुई है। रेल अधिकारियों के द्वारा मोरवा के सब स्टेशन से बिजली का कनेक्शन लेने का कार्य पूरा कर लिया जाना बताया जा रहा है।
तैयार है 132/25केवी स्टेशन सिंगरौली रेलवे स्टेशन के शुक्ला मोड़ की ओर 132 केवी एसएसपी बनाकर उसे 132/ 25 में परिवर्तित किया जाना है। जिससे 25 हजार वोल्ट का सिंगल फेस ट्रांसफर लगाकर रेलवे में विद्युत सप्लाई की जायेगी। सिंगरौली में बनने वाले सब स्टेशन को ओबरा की एसएसपी से जोड़ा जाना है जो कि तीन माह पहले बनकर तैयार बताया जा रहा है।
दो वर्ष पहले पूरा होना था कार्य
रेल सूत्रों की मानें तो बीते 2014 से इस कार्य को किया जा रहा है। जिसके लिये दो वर्ष का समय निर्धारित किया गया था। इस कार्य के लिये दो वर्ष का समय ठेका कम्पनी को दिया गया था लेकिन समय पर कार्य न करने पाने के बाद उसे दो वर्ष का समय बढ़ा दिया गया था। जिससे कि गत दिसम्बर 2018 में कार्य पूरा हो सके। इन सबके बावजूद ठेका कम्पनी कार्य पूरा नहीं कर पायी। लगातार बैठकों के बाद आर ई विभाग ने इस कार्य को पूरा करने के लिए दिसम्बर 2019 की डेड लाइन तय की थी। जिसके अनुसार कार्य पूरा कर लिये जाने की संभावना बतायी जा रही है।
महदेइया के बाद शुरू होगा शक्तिनगर रेलमार्ग
गढ़वा रमना से लेकर महदेइया और करैला रोड जंक्शन से शक्तिनगर की ओर कुल 247 किमी विद्युतीकरण कार्य किया जाना है। करैला से शक्तिनगर तक कुल 16 किमी रेलमार्ग का कार्य अगले फेज में किया जायेगा। इससे पहले चोपन से लेकर महदेइया रेलवे स्टेशन पूमरे धनबाद मंडल में रेलवे का इलेक्ट्रिक इंजन कार्य करने लगेगा। विद्युतीकरण पूर्ण होने से एक तरफ रेलवे को कोयले के परिवहन में होने वाली देरी से मुक्ति मिलेगी तो दूसरी तरफ चोपन-सिंगरौली रेलखंड पर यात्री व एक्सपे्रस ट्रेनों की रफ्तार बढ़ जायेगी।
इनका कहना है
दिसम्बर 8 को चोपन से करैला रोड जंक्शन तक रेल सुरक्षा आयुक्त का निरीक्षण होना सुनिश्चित हुआ है। इसी माह में करैला से महदेइया रेलवे स्टेशन तक विद्युतीकरण का कार्य पूरा कर लिया जायेगा। मोरवा सब स्टेशन से बिजली का कनेक्शन लेने का कार्य प्रगति पर है, सब स्टेशन बनकर तैयार है। जनवरी 2020 में महदेइया तक विद्युतीकरण का कार्य पूरा कर लिया जायेगा।
..अशोक कुमार, डिप्टी सीई, ओएचई
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