ग्वालियर-
भिंडजिले के मेहगांव में पदस्थ न्यायिक मजिस्ट्रेट के नाम से सोशल मीडिया पर फर्जी आईडी बनाकर दोस्तों से चैटिंग करने के आरोप में भिंड पुलिस ने एक युवक को इंदौर से गिरफ्तार किया है। इस मामले का खुलासा तब हुआ जब सोशल मीडिया के मित्र मजिस्ट्रेट से मिलने मेहगांव पहुंच गए। शनिवार को पुलिस आरोपी को इंदौर से पकड़कर भिंड ले आई।
यहां बता दें मेहगांव में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी रोहित सिंह को सोशल मीडिया पर फर्जी आईडी बनाने की जानकारी 9 नवंबर को उस वक्त लगी थी जब राजस्थान के अलवर से डॉ. सीपी चौहान मिलने आए और उन्होंने बताया कि वह फेसबुक और व्हाट्सएप पर उनके दोस्त हैं, उन्होंने चैटिंग भी दिखाई। तब स्पष्ट हुआ कि उत्तर प्रदेश के बिधूना निवासी रोहित सिंह पुत्र भोला सिंह सेंगर नाम के युवक ने उनकी फर्जी आईडी बनाई है। इसमें खुद को मजिस्ट्रेट बताया है। इसके बाद पुलिस अधीक्षक को शिकायत की गई।
पुलिस अधीक्षक रूडोल्फ अल्वारेस ने बताया कि मजिस्ट्रेट रोहित सिंह को उनके नाम की सोशल मीडिया पर फर्जी आईडी होने का पता चलने पर उन्होंने कार्रवाई के लिए पत्र भेजा था। इसकी जांच पर टीआई रमेश शाक्य द्वारा आरोपी के विरुद्ध मामला दर्ज किया और पुलिस टीम आरोपी की गिरफ्तारी के लिए इंदौर भेजी गई। एसपी ने बताया कि संबंधित आरोपी मूल रूप से उप्र का रहने वाला है। लेकिन कुछ वर्ष से वह इंदौर में रहने लगा है।
दोस्त को अचंभित करने आए थे, खुद ही सन्न रह गए
अपने सोशल मीडिया मित्र को अचंभित कर देने के उद्देश्य से डॉ. चौहान अलवर से मेहगांव बिना फोन किए आए थे। यहां आकर उन्हें सन्न रह जाना पड़ा, क्योंकि वे पिछले कई महीने से फर्जी मजिस्ट्रेट से चैटिंग कर रहे थे।
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