बढ़ता कारवाँ/सिंगरौली (जमुना सोनी) बैढन अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी के निर्देशन पर मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आदेशानुसार जिला कांग्रेस कमेटी सिंगरौली कार्यवाहक अध्यक्ष – रामअशोक शर्मा के नेतृत्व में आज दिनांक 4 नवंबर 2019 को जिला कांग्रेस कार्यालय में प्रेस वार्ता का आयोजन कर इसके पश्चात जिला कांग्रेस कार्यालय से चलकर कलेक्ट्रेट कार्यालय में पहुंचकर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन वाचन किया गया जिसमें केंद्र में भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों व किसान विरोधी नीतियों में किसानों की फसलों पर अतिवृष्टि होने के कारण फसलों को नुकसान हुआ है जिसमें केंद्र में भाजपा सरकार होने की वजह से मध्य प्रदेश सरकार को मुआवजा नहीं दिया जा रहा है भाजपा के मध्य प्रदेश में 28 सांसद होने के बावजूद भी मध्य प्रदेश की जनता के साथ सौतेला व्यवहार केंद्र सरकार द्वारा किया जा रहा है ।

वही कार्यवाहक अध्यक्ष रामअशोक शर्मा ने पत्रकार वार्ता में कहा कि मध्य प्रदेश में अतिवृष्टि एवं प्राकृतिक आपदाओं के कारण समूचे प्रदेश के 52 में से 39 जिलों की 284 तहसीलों प्रभावित हुई है जिसमें सर्वाधिक नुकसान प्रदेश के अन्नदाता किसानों का हुआ है जिसमें जिला सिंगरौली भी अछूता नहीं रहा है लगभग 60.47 लाख हेक्टेयर 16270 करोड़ रुपये की फसलें बर्बाद हुई है लगभग 1लाख 20 हजार घरों क्षति पहुंची है 674 नागरिकों को प्राण गंवाने पड़े हैं और 11हजार किलोमीटर से अधिक सड़कों को नुकसान हुआ है 1000 से अधिक पुल पुलिया क्षतिग्रस्त हुये हैं और जिसमे 19735 विद्यालय भवनों 218 छात्रावासों, 230 स्वास्थ्य केंद्रों 17106 आंगनवाड़ी केंद्रों को इस भीषण प्राकृतिक आपदा में क्षति पहुंची है ।
जब देश के किसी भी राज्य में भीषण प्राकृतिक आपदा आती है तब केंद्र सरकार का दायित्व होता है कि वह राष्ट्रीय आपदा कोष से उस राज्य की सहायता करें इसी परिप्रेक्ष्य में केंद्र सरकार को प्रतिवेदन प्रस्तुत कर केंद्र सरकार से 662.28 करोड़ रुपये की माँग की गयी, परंतु केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय आपदा कोष (एनडीआरएफ) से एक भी पैसा नहीं दिया गया ।
वही श्री शर्मा ने बताया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ जी चुनावी वचन पत्र के अनुसार कठिन परिस्थिति में प्रदेश में अपने कोष से आपदा प्रभावित नागरिकों को अब तक 200 करोड़ रुपये का वितरण कर चुकी है और चुनावी वचन पत्र का पालन करते हुए खासकर सिंगरौली जिले में 9285 किसानों का कर्जा 21 करोड़ 52 लाख 64 हजार 912 रुपये क्रमशः जिला सहकारी केंद्रीय बैंक राष्ट्रीय कृत बैंक एवं क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के खातों में आ चुकी है और जो कि प्रथम चरण की राशि है जिला सहकारी केंद्रीय बैंक द्वारा 8200 किसानों का नो ड्यूज प्रमाण पत्र वितरित किया जा चुका है जो कि राज्य सरकार के पोर्टल पर दिख रहा है ।
केंद्र सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं के लिये मध्यप्रदेश को दी जाने वाली राशि का भुगतान नहीं किया जा रहा है योजनाएं निम्न प्रकार हैं –
राष्ट्रीय पेयजल योजना के अंतर्गत केंद्र सरकार द्वारा मध्यप्रदेश की लगभग 2000 योजनाओं जिसमें 14000 गांवों के 5 लाख परिवार को पेयजल उपलब्ध कराने हेतु 1196.17 करोड़ रुपये निर्धारित किये गये हैं इस योजना का 50% केंद्र सरकार का अंश 598 करोड़ रुपये अब तक जारी नहीं किया गया है ।
मध्य प्रदेश के सड़कों के निर्माण हेतु सेंटर रोड फंड (सीआरएफ) मद से 498.96 करोड़ रुपये केंद्र सरकार द्वारा दिये जाने थे जो अब तक जारी नहीं किये गये जिसमें प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर का कार्य खासा प्रभावित हो रहा है ।
बजट प्रावधानों के हिसाब से केंद्र सरकार द्वारा मध्य प्रदेश को केंद्रीय करों के हिस्सेदारी के 2766 करोड़ रुपये कम दिये गये हैं ।
खरीफ फसल 2017 के भावन्तर अंतरण के 576 करोड़ रुपये खरीफ फसल 2018 के 321करोड़ रुपये एवं अतिरिक्त 6 लाख मैट्रिक टन 120 करोड़ अर्थात कुल 1017 करोड़ रुपये केंद्र सरकार द्वारा मध्यप्रदेश को नहीं दिये गये हैं और उसी प्रकार रबी सीजन 2019 – 20 समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी की है परंतु केंद्र ने मात्र 65 लाख मैट्रिक टन गेहूं पर ही समर्थन मूल्य स्वीकृत की गयी है अर्थात 8.70 मीट्रिक टन के गेहूं खरीद के लगभग 1500 करोड़ रू पर केंद्र सरकार ने रोक लगा दी है ।
विशेष तौर पर 2018-2019 में केंद्र सरकार की योजनाओं पर प्रदेश के हिस्से की 6547 करोड़ रुपये केंद्र सरकार द्वारा प्रदेश सरकार को कम दिया गया है
वही श्री शर्मा ने यह व्यक्त करते हुये कहा कि हमें अत्यंत पीड़ा होती है कि केंद्र की भाजपा सरकार ने प्राकृतिक आपदा के लिये भाजपा शासित कर्नाटक और बिहार को तुरंत राहत राशि प्रदान की गयी परंतु मध्यप्रदेश के साथ राजनैतिक द्वेष की भावना से किया जा रहा है जिसमें क्षुब्ध होकर मध्य प्रदेश कांग्रेस ने समूचे प्रदेश में केंद्र सरकार की भेदभाव नीति के खिलाफ प्रदर्शन कर आज महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन जिला कलेक्टर सिंगरौली को सौंपा है इसके बाद भी यदि केंद्र की मोदी सरकार नहीं जागी तो मध्य प्रदेश कांग्रेस सरकार धरना प्रदर्शन आंदोलन के लिये बाध्य होगी ।
उक्त ज्ञापन सौपने में मुख्य रूप से ललित सिंह जिला उपाध्यक्ष, श्री लखनलाल शाह (अध्यक्ष पिछड़ा वर्ग), रामनिवास तिवारी (अध्यक्ष आईटी एवं सोशल मीडिया), रामकुमार शाह (जिला महामंत्री), रवि सिंह तोमर (जिला सचिव), राघवेंद्र सिंह भोले (उपाध्यक्ष झुग्गी झोपड़ी प्रकोष्ठ), राममिलन बैस (ब्लॉक अध्यक्ष शासन), जय प्रकाश शुक्ला (प्रदेश सचिव झुग्गी झोपड़ी प्रकोष्ठ), प्रकाश नारायण शाह (उपाध्यक्ष पिछड़ा वर्ग), रमेश कुमार दुबे (सचिव), कृष्णा प्रसाद कुशवाहा जीतेन्द्र पटेल, रमाशंकर सिंह, पुष्पेंद्र पाण्डेय, शहनवाज (मिनाज) (ब्लॉक अध्यक्ष बैढ़न) दीपेंद्र सिंह, सुरेंद्र प्रसाद गुप्ता, गंगा प्रसाद शाह, मोहम्मद हुसैन हसन सिद्दीकी, रामाश्रय शाह सहित जिले भर के अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे ।
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