ग्वालियर-
मध्य प्रदेश के आदिवासी जिलों में और अन्य जिलों में सौभाग्य योजना के तहत हुई व्यापक स्तर पर गड़बड़ियों की जांच करने के लिए 12 इंजीनियरों की टीम अब गांव-गांव पहुंच रही है। सरकार के आदेश के बाद भी चार माह में बिजली कंपनी के अफसरों ने जांच पूरी नहीं की।
भोपालमें ऊर्जा मंत्री प्रियव्रत सिंह की नाराजगी और आधा दर्जन स्मरण पत्रों के बाद अब टीम को जांच में लगाया गया है। बिजली कंपनी की जांच टीम अब ट्रांसफार्मर लगाने और लाइनें बिछाने में गड़बड़ी की छानबीन कर रही है। जांच दल जंगल-जंगल जाकर भौतिक सत्यापन में जुटा है। केंद्र की सौभाग्य योजना में गरीब परिवारों के घर सरकार की ओर से बिजली दी जाती है। प्रदेश में करीब सात लाख घरों में बिजली दी गई है।
सौभाग्य योजना के तहत मंडला
डिंडौरी सहित कई आदिवासी जिलों में गड़बड़ी की शिकायत ऊर्जा मंत्री प्रियव्रत सिंह को मिली थी। प्राथमिक जांच में कई तथ्यों की पुष्टि होने के कारण एक अधीक्षण यंत्री सहित दो लोगों को निलंबित भी किया गया था। इसके बाद भौतिक सत्यापन करवाकर 15 दिन में जांच पूरी करने का निर्देश सरकार ने दिया था, यह मामला जुलाई का है। फिर भी बिजली कंपनी ने कोई गंभीरता से नहीं लिया। अब पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी की अलग-अलग टीम गांव-गांव, जंगल-जंगल घूम रही है।
सूत्रों ने बताया कि मौके पर जाकर जांच करने पर पता चला कि जितने काम का दावा कर भुगतान कर दिया गया है, वैसा कुछ काम मैदान में हुआ ही नहीं है। कहां-कहां ट्रांसफार्मर लगाए गए, उसका ब्योरा भी नहीं मिल रहा है। ट्रांसफार्मर नए लगाए गए या कहीं से लाकर पुराने लगा दिए, इसकी भी तहकीकात की जा रही है।
विभागीय सूत्रों का कहना है कि इसमें व्यापक धांधली सामने आएगी। इस जांच में बड़े पैमाने पर ठेकेदारों को उपकृत करने का भी पता चला है। कई जगह कागज पर काम दिखाकर पेमेंट कर दिया गया। वहीं कई जगह छोटे-छोटे टुकड़ों में ठेके देने में भी गड़बड़ी की गई है।
दीनदयाल ग्राम ज्योति योजना में भी हुई गड़बड़ियां
केंद्र सरकार ने ग्रामीण इलाकों में विद्युतीकरण और बिजली वितरण की बुनियादी सुविधाएं मुहैया करवाने के लिए 2015 में दीनदयाल ग्राम ज्योति योजना शुरू की थी। इस योजना के तहत ग्रामीण इलाकों के लिए ट्रांसफार्मर, फीडर, वितरण केंद्र सहित सभी काम करवाए गए थे।
इस योजना के बाद केंद्र सरकार ने 2017 में सौभाग्य योजना की शुरुआत की। सौभाग्य योजना का लक्ष्य 2019 तक हर घर तक बिजली पहुंचाना है। इस योजना के तहत भी सरकार ने ट्रांसफार्मर, मीटर और तारों के लिए सबसिडी प्रदान की है।
बस इसी का फायदा बिजली कंपनी के अफसरों और ठेकेदारों ने उठाया। दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के ट्रांसफार्मर सौभाग्य योजना में लगाने का कारनामा कर दिया, इसको भी जांच के दायरे में लिया गया है।
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