ग्वालियर- 2019-20 शिक्षण सत्रके चार महीने बीत गए, लेकिन छात्रों के हाथ न मार्कशीट आई। जेयू ने रिजल्ट में जो गलतियां की है, न उनमें कोई सुधार किया है। टेबुलेशन चार्ट नहीं आने से रिजल्ट से हजारों विदहेल्ड भी नहीं हट रहा है। सही रिजल्ट नहीं मिलने से छात्र आगे की पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं। इसी बीच जेयू ने रिजल्ट बनाने वाली कंपनी को
ग्वालियर। नईदुनिया प्रतिनिधि
शिक्षण सत्र 2019-20 के चार महीने बीत गए, लेकिन छात्रों के हाथ न मार्कशीट आई। जेयू ने रिजल्ट में जो गलतियां की है, न उनमें कोई सुधार किया है। टेबुलेशन चार्ट नहीं आने से रिजल्ट से हजारों विदहेल्ड भी नहीं हट रहा है। सही रिजल्ट नहीं मिलने से छात्र आगे की पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं। इसी बीच जेयू ने रिजल्ट बनाने वाली कंपनी को करीब 70 लाख के भुगतान की फाइल आगे बढ़ा दी, लेकिन छात्रों की समस्या से जेयू का ध्यान नहीं है।
जीवाजी विश्वविद्यालय ने जून से अक्टूबर तक छोटे व बड़े करीब 400 रिजल्ट घोषित किए हैं। यह रिजल्ट अधूरे हैं। भारी गड़बड़ियां की गई हैं। पास छात्र को फेल बता दिया गया और फेल छात्र को पास किया गया। परीक्षा भवन में कॉपी देखने के बाद बड़ी गड़बड़ियां सामने आई। कुलसचिव ने रिजल्ट बनाने वाली कंपनी पत्र लिखकर अवगत कराया था कि जो भी गलतियां हुई है, वह कंपनी की ओर से हुई है। इसलिए रिजल्ट की गड़बड़ियों को दो दिन में सुधार किया जाए, लेकिन कंपनी की ओर से सुधार नहीं किया। इस वजह से छात्र परेशान हैं।
भुगतान की फाइल पर भुगतान के लिए बनाया जा रहा दवाब
-जेयू ने रिजल्ट बनाने का काम नागपुर की कंपनी को ठेका दिया है। जेयू ने इस कंपनी को 41 लाख रुपए एडवांस में दे दिए थे। एडवांस पैसा कंप्यूटर प्रोग्रामर के हस्ताक्षरों पर किया गया। यह मुद्दा कार्य परिषद में गर्मा गया था।
– एडवांस में पैसा दिए जाने के बाद भी यह कंपनी काम नहीं कर पाई। इस कारण जेयू की पूरे प्रदेश में बदनामी हो गई। हजारों छात्र परेशान हो गए।
– फिर से 70 लाख के भुगतान की फाइल आगे बढ़ा दी है। इस फाइल पर अधिकारियों के हस्ताक्षर के लिए दवाब बनाया जा रहा है। सहायक कुलसचिवों ने फाइल पर हस्ताक्षर से इनकार कर दिया। साथ ही परीक्षा नियंत्रक भी भुगतान के विरोध में हैं।
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– अधिकारियों ने साफ कह दिया कि कंपनी ने कोई काम ही नहीं किया, तो उसे भुगतान किस बात का। अधिकारियों को चिंता सता रही है कि फाइल पर हस्ताक्षर किए तो आर्थिक अपराध में शिकायत न हो जाए।
सुधार के लिए निर्देशित किया है
– छात्रों के रिजल्ट में जो गलतियां की हैं, उसमें सुधार के लिए कंपनी को निर्देशित किया है। चार्ट व मार्कशीट भी कंपनी से मांगी है।
आरकेएस सेंगर, परीक्षा नियंत्रक जेयू
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