ग्वालियर।
शहर की मुख्य सड़क हो या गलियों की, आप देखकर चलें। सड़कों पर सीवर के चैंबर के ढक्कन कहीं सड़क लेवल से नीचे हैं या ऊपर। इनसे टकराकर आप चोटिल हो सकते हैं। शहर में ऐसे खतरनाक चैंबरों की संख्या हजार से ज्यादा है। इनमें मुख्य सड़कों पर ही चार सौ से ज्यादा हैं। निगमायुक्त संदीप माकिन हर दिन दो दर्जन से ज्यादा चैंबर सुधारने का दावा कर रहे हैं लेकिन ऐसा नहीं हो रहा। पार्षद भी इसका सबूत दे चुके हैं।
एक साल से नहीं बदले चैंबर
पिछले एक साल से सीवर और पानी के टूटे चैंबर नहीं बदले जा सके थे। इस कारण हालात बिगड़ते जा रहे थे। टूटे चैंबरों से लोग दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। पार्षद भी लगातार इस मामले पर आक्रोश जता रहे हैं। यह मामला निगम परिषद में भी उठाया जाता रहा है। निगम प्रशासन चैंबर ढक्कन बदलने और सीवर सफाई कार्य के वर्क ऑर्डर जारी कर चुका है।
सड़कों पर अंधेरा : निगम प्रशासन ने शहर की मुख्य सड़कों पर स्ट्रीट लाइट सुधारने का काम शुरू कर दिया है। लेकिन कॉलोनियों की सड़कों पर अंधेरा है। कॉलोनियों के टूटे चैंबर दुर्घटना का कारण बन रहे हैं। पार्षद भी स्ट्रीट लाइट की मांग कर रहे हैं। पार्षदों का कहना है कि हर वार्ड में प्रमुख चौराहों व स्ट्रीट लाइट लगाई जाए। लेकिन निगम प्रशासन ऐसा नहीं कर रहा है। इसलिए कॉलोनियों में टूटे चैंबर ज्यादा खतरनाक हो गए हैं।
बढ़ता कारवाँ | समाजवाद की ओर बढ़ते कदम… India's #1 Leading News Portal