ग्वालियर महिलाओं के गर्भपात का कारोबार शहर में जमकर फलफूल रहा है। सरकारी अस्पताल में बैठीं आशा कार्यकर्ता 25 हजार रुपए में जन्म और 15 हजार में मासूम की मौत का ठेका लेती हैं। इस कारोबार में सरकारी डॉक्टर तक भी शामिल हैं। गर्भ चाहे 2 माह का हो या चार का, चिंता की जरूरत नहीं। मैडम एक दिन गोली खिलाकर, दूसरे दिन अवैध गर्भपात करवा देती हैं। खास बात यह है कि आपको पहचान भी नहीं बतानी होती है। बस दिखावे के लिए एक फॉर्म भरने की जरूरत है।
पत्रकार ने जिला अस्पताल में आशा कार्यकर्ताओं, से मरीज बनकर बात की जिसमें यह राजफाश हुआ। इसमें दो आशा कार्यकर्ताओं ने निजी अस्पताल में सस्ते में डिलेवरी करवाने के लिए कहा, जबकि एक कार्यकर्ता अवैध गर्भपात करवाने को तैयार हो गई। उन्होंने यह बताया कि कोख उजाड़ने के इस खेल में सरकारी डॉक्टर भी जुड़े हुए हैं। जिला अस्पताल में कार्यरत डॉक्टर द्वारा निजी अस्पताल में महिलाओं की डिलेवरी करवाने का भी राजफाश हुआ। आशा कार्यकर्ता ने डॉ. साहू मैडम, डॉ.मीनू मैडम का नाम लिया। जिनके द्वारा 6 नंबर अस्पताल पर स्थित हॉस्पिटल में डिलेवरी करवाई जाती है।
20 प्रतिशत तक का डिस्काउंट का लालच
टीम ने आशा कार्यकर्ता को बताया कि उनकी रिश्तेदार की डिलेवरी होनी है। पर मुरार प्रसूतिगृह में बैठने तक की भी सुविधा नहीं है और डॉक्टर ने गर्भवती को घूमने के लिए बोला है। रविवार का दिन है, ऐसे में कहां लेकर जाएं। इस पर कार्यकर्ता कल्पना ने बताया कि आप चाहें तो थाटीपुर में लाफ्टर हॉस्पिटल, 6 नंबर पर केयर व एक अन्य अस्पताल में डिलेवरी करवा सकते हैं। जहां पर नॉर्मल डिलेवरी पर 15 हजार और सीजेरियन पर 25 हजार तक का खर्च आएगा। लेकिन वह दो से तीन हजार रुपए कम करवा देगी। आप चाहें तो मैं आपको अस्पताल दिखाने भी चल सकती हूं।
15 हजार में अवैध गर्भपात : टीम ने कल्पना से कहा कि उसकी महिला दोस्त को 3 माह का गर्भ ठहर गया है। जिसका वह गर्भपात करवाना चाहता है। इस पर उसने अवैध गर्भपात करवाने की हामी भरते हुए डॉक्टर का खर्च 15 हजार रुपए बताया। साथ ही खुद के लिए भी पैसे मांगे। कल्पना ने बताया कि फूलबाग पर अर्धशासकीय अस्पताल है, जहां गर्भपात करवाया जाएगा। महिला बिछिया और मांग में सिंदूर लगाकर आए। पहचान पत्र दिखाने की आवश्यकता नहीं है पर एक फॉर्म भरना होगा, भले ही नाम पता गलत भर देना। महिला डॉक्टर की क्लीनिक गोला का मंदिर पर स्थित है। इसी तरह वीरपुर बांध के पास भी गर्भपात का ठिकाना बताया।
मैं कहीं नहीं जाती
मैं कहीं नहीं जाती, हो सकता है किसी ने सलाह के लिए बुला लिया हो तो कोई बुराई नहीं है।
-डॉ. नीरजा साहू, मुरार प्रसूतिगृह
मैं जांच करवाऊंगा
यदि मेरे सामने ऐसा कोई तथ्य आता है तो मैं आशा कार्यकर्ता सहित सभी की जांच करवाऊंगा।
-डॉ. वीके गुप्ता, सिविल सर्जन, जिला अस्पताल
मामला बेहद संगीन है
आशा कार्यकर्ताओं द्वारा इस तरह की गतिविधियां की जा रही हैं तो यह मामला बेहद संगीन है। मैं जांच करवाता हूं और तथ्य मिलने पर कार्रवाई भी करूंगा। जो अस्पताल बताए गए हैं उनकी भी जांच कराई जाएगी।
-डॉ मृदुल सक्सेना, सीएमएचओ
मामले में संज्ञान लेता हूं
आशा कार्यकर्ताओं की इस तरह की शिकायतें तथा डॉक्टरों की मिलीभगत की कहानी सुनने में आई है। मैं 21 तारीख को ग्वालियर आ रहा हूं ,मैं वहां पर नईदुनिया से इस विषय में विस्तृत चर्चा कर, ट्रेनिंग सेंटर में जमे बैठे विशेषज्ञों को फील्ड में पहुंचाने की कार्रवाई भी करूंगा।
-तुलसी सिलावट, स्वास्थ्य मंत्री
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