ग्वालियर।
हाईकोर्ट की एकल पीठ ने पुलिस कार्य प्रणाली पर टिप्पणी करते हुए कहा कि मुख्यालय से जारी आदेशों की पुलिसकर्मी तवज्जो नहीं दे रहे हैं। अपने आदेशों को कूड़ेदान में डाल देते हैं। 16 अक्टूबर को पुलिस अधीक्षक स्पष्टीकरण के साथ कोर्ट में उपस्थित रहें।
नाम न छपने की शर्त पर एक सूत्र ने बतायाकि
वारंट तामील में खेल होता पुलिस कर्मचारी एसपी के नाम से वसूली करते, जानबूझकर लिख दिया जाता, पता नहीं मिला आरोपी नहीं मिला, फिर दो तीन बार बाद जब गिरफ्तारी वारंट इश्यू होते ,तब आखिरी दिनों में पुलिस दीवान और कर्मी आरोपी के यहां पहुंचते और एसपी साहिब ने इनाम घोषित किया हे ऐसा बोलके गिरफ्तारी का भी दिखाकर हजारों की अवैध वसूली करते जो नहीं दे पाते उन्हें गिरफ्तार भी करते पर अधिकाँश प्रकरणों में एसपी के नाम का दुरपयोग होता
संजय सविता ने हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की है। गोला का मंदिर में दहेज प्रताड़ना का केस दर्ज हुआ था, जिसकी ट्रायल जिला न्यायालय में चल रही है, लेकिन जिला न्यायालय से गवाहों को जारी होने वाले वारंट को पुलिस तामील नहीं करा रही है। इससे केस आगे नहीं बढ़ पा रहा है। पुलिस वारंटों को तामील कराए। कोर्ट ने इस मामले संज्ञान में लेते हुए पुलिस अधीक्षक से स्पष्टीकरण मांगा है।
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