ग्वालियर
जीवाजी विश्वविद्यालय में बीएससी द्वितीय वर्ष के छात्र अपनी पीड़ा बताने पहुंचे। छात्रों ने कुलपति व कुलसचिव से कहा कि पहले रिजल्ट घोषित किया था तो उसमें पास थे, लेकिन दोबारा रिजल्ट घोषित किया तो फेल कर दिया या फिर सप्लीमेंट्री आ गई। विश्वविद्यालय में आखिर चल क्या रहा है। कुलपति संगीता शुक्ला ने छात्रों की समस्या सुनने के बाद कहा कि आपको कोई शंका है तो उसे फिर से चेक करा लेंगे।

जीवाजी विश्वविद्यालय ने 6 महीने बाद बीएससी द्वितीय वर्ष का रिजल्ट 2 अक्टूबर को घोषित किया था। इस रिजल्ट में 96 फीसदी से ज्यादा छात्र पास थे। छात्रों के पास होने की संख्या को देखते हुए अधिकारियों को शक हो गया। रिजल्ट की पड़ताल की तो सामने आया कि फेल छात्रों को भी पास बता दिया है। इससे प्रतिशत बढ़ गया। 24 घंटे बाद रिजल्ट को वेबसाइट से हटा लिया गया। 7 अक्टूबर को दोबारा रिजल्ट घोषित किया गया। फेल छात्रों की संख्या तीन गुना बढ़ गई। सप्लीमेंट्री के छात्रों की संख्या दोगुनी हो गई। रिजल्ट 90 फीसदी पर आ गया। जो छात्र पास थे, उनका रोल नंबर फेल की लिस्ट में शामिल हो गया, लेकिन दो दिन की छुट्टी होने की वजह से छात्र अपनी परेशानी बताने नहीं आ पाए थे, लेकिन बुधवार को छात्र इकट्ठा होकर परीक्षा नियंत्रक के पास पहुंचे। उसके बाद कुलसचिव आईके मंसूरी व कुलपति को भी अपनी पीड़ा बताने पहुंचे। उन्होंने फिर से रिजल्ट को जांच कराने का भरोसा दिया।
कंपनी पर थोपी गलती, स्पष्टीकरण भी लिया
– रिजल्ट में हुई गड़बड़ी की गलती नागपुर की कंपनी पर थोप दी और उससे जेयू ने स्पष्टीकरण भी ले लिया है। कंपनी ने स्पष्टीकरण में कहा कि तकनीकी खराबी की वजह से रिजल्ट में गलती हुई थी।
– जेयू ने भी रिजल्ट में गंभीर लापरवाही की, क्योंकि उसने बिना जांच के उसे घोषित कर दिया। जबकि जेयू को जांच के बाद रिजल्ट वेबसाइट पर अपलोड करना था।
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