Hs-News – (M.p.)- Singrauli- Raj Kuma Singh- R.p. Soni :- भोपाल रविंद्र भवन में दिनांक 18/8/2019 को अजाक्स अधिवेशन किया गया जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में कमलनाथ मुख्यमंत्री मध्य प्रदेश उपस्थित हुए विशिष्ट अतिथि के रूप में मंत्री डॉक्टर प्रभु राम चौधरी जी, माननीय मंत्री बाला बच्चन, माननीय मंत्री तुलसीराम सिलावट, माननीया मंत्री इमरती देवी, माननीय मंत्री ओमकार सिंह मरकाम जी, माननीय मंत्री पीसी शर्मा, माननीय मंत्री सुरेंद्र सिंह बघेल जी, माननीय मंत्री लखन घनघोरिया जी, माननीय मंत्री जीतू पटवारी उपस्थित रहे अध्यक्षता कर रहे अजाक्स के प्रांतीय अध्यक्ष जेएन कंसोटिया, एवं संचालन अजाक्स के प्रान्तीय सचिव व ps5 प्रांतीय अध्यक्ष रावण वर्मा के द्वारा किया गया।* कार्यक्रम का आयोजक मंडल एवं मार्गदर्शक सी.एस. धुर्वे प्रान्तीय कार्यवाहक अध्यक्ष, एवं प्रांतीय उपाध्यक्ष डॉक्टर जगदीश सूर्यवंशी, प्रांतीय महासचिव इंजीनियर एस एल सूर्यवंशी, मीनाक्षी सिंह, ए.यार. सिंह, बी.इस.कुलेशआईएस, गौतम पाटिल, गोवर्धन लाल भाटिया, प्रकाश सोलंकी, श्री डीएस डोडवे, के अलावा अन्य लोग शामिल रहें, प्रांतीय अधिवेशन में मुख्य रूप से आरक्षित वर्ग अनुसूचित जाति- जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग के रिक्त पड़े पदों में भर्ती एवं अन्य सामाजिक समस्या एवं कई ऐसी जो समाज में अन्याय, उन सभी को लेकर मध्य प्रदेश अनुसूचित जाति जनजाति अधिकारी कर्मचारी संघ मध्य प्रदेश के आह्वान पर यह महा अधिवेशन रखी गई थी। *दिए गए मांग पत्र में यह रहा शामिल:-* मध्यप्रदेश में अनुसूचित जाति जनजाति की जनसंख्या लगभग 40% है। इन वर्गों के विकास के बिना मध्य प्रदेश का विकास संभव नहीं है।माननीय मंत्री जी आप ने किए हैं एवं इन वर्गों के सर्वागीण विकास के लिए आप सबसे प्रसिद्ध हैं।आप की संवेदनशीलता हमेशा से इन वर्गों के प्रति सकारात्मक रही। अनूसूचित जाति/जनजाति वर्ग के विकास के लिए अनुसूचित जाति जनजाति अधिकारी एवं कर्मचारी संघ (अजाक्स) की यह रहा प्रमुख मांगे :- समान प्रशासन विभाग द्वारा श्री मनोज गोरकेला,

सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता द्वारा पदोन्नति नियम का ड्राफ्ट तैयार कराया गया है।जिसमें उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश एवं उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीश के द्वारा ओपिनियन दिया गया है कि पदोन्नति नियम का जो ड्राफ्ट है। वह संविधान एवं उच्च न्यायालय के निर्णय के अनुसार है। क्योंकि राज शासन को नियम बनाने का अधिकार है एवं नियम बनाने में किसी भी न्यायालय की रोक नहीं है। श्री मनोज गोरकेला, सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता द्वारा जो ड्रॉफ्ट तैयार किया गया है, उसे शीघ्र लागू किया जाए। अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति के बैकलांग के 104000 पदों शीघ्र पूर्ण की जावे। नियुक्तकर्त्ता अधिकारी को एक सप्ताह में विज्ञापन जारी कर आवेदन प्राप्त कर एक सप्ताह में परीक्षण कर मेरिट के आधार पर नियुक्ति करने हेतु आदेश जारी कराने की कृपा करें। दो अप्रैल 2018 को अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अजाक्स के सदस्यों एवं पदाधिकारियो पर दर्ज मुकदमों को वापिस लिया जावे, साथ ही शहीद होने वाले परिवार के सदस्यों को एक करोड़ मुआवजा

राशि एवं परिवार के एक सदस्य को शासकीय नौकरी दी जावे। आउट सोर्सिंग प्रथा बंद किया जाए नियमित नियुक्ति किया जाए। यदि प्रकरण विशेष में आउट सोर्सिंग अतिवश्यक हो तो उसमें आरक्षण लागू किया जावें। उच्च शिक्षा विभाग में सहायक अध्यापक के बैकलांग पदों पर चयनित अध्यापकों को नियुक्ति आदेश जारी किया जाए । इसमें कुल 2550 सहायक प्राध्यापक चयनित हुये हैं। जिसमें अनुसूचित जाति के 536, अनुसूचित जनजाति के 439, अन्य पिछड़ा वर्ग के 855 इस प्रकार कुल एसी-एसटी-ओबीसी-आरक्षित वर्ग के 1830 अभ्यार्थी चयनित हुये हैं। शीघ्र आदेश जारी करें। चिकित्सा विभाग में एकल पद विषय वार कॉलेज बार कर आरक्षण समाप्त कर कॉलेज के माध्यम से क्लास वन एवं क्लास टू में जो नियुक्तियां की गई है उसे निरस्त किए जाएं क्योंकि यह क्लास वन एवं क्लास टू की सभी नियुक्ति मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग के माध्यम से आरक्षण अधिनियम 1994 का पालन करके ही किया जा सकता है। यदि निरस्त किया जाना संभव नहीं है। तो संख्या के मान से आरक्षण अधिनियम 1994 के प्रावधानों अनुसार आरक्षित वर्गों के लोगों को लगभग 600 पदों पर जिस प्रकार पूर्व में समान वर्गों के नियुक्त की गई है के पद्धति अनुसार 1 सप्ताह के लिए विज्ञापन जारी कर 10 दिन के अंदर नियुक्ति आदेश जारी किया जाए। आयुष विभाग के प्रोफेसर एसोसिएट प्रोफेसर रीडर एवं लेक्चरर के आरक्षित पदों पर अनारक्षित वर्गों के लोगों को संविदा नियुक्ति देकर नियमित कर दिया गया। को निरस्त कर एससी-एसटी के छात्रों की नियमित नियुक्ति की जावे। और वचन पत्र के पैरा 15.32 में दिए गए वचन की जिला स्तरीय कार्यों में रुपये 01करोड़ तक के 50 प्रतिशत ठेके अनुसूचित जाति जनजाति वर्ग को दिया जावें। इसका पालन करने हेतु वर्क मैन्युअल में संशोधन कराने एवं आदेश को शासन स्तर से जारी कराने की कृपा करें,वचन पत्र के पैरा 26.21 में शासकीय खरीदी एवं ठेके में आरक्षित वर्ग के लोगों को 30% आदेश दिलवाएगे का वचन दिया गया है, कृपया उक्त वचन के अनुसार अनुसूचित जाति- जनजाति के लिए शासकीय खरीदी में 30% आरक्षण सभी वर्गों विभागों में लागू करने संबंधी आदेश शासन स्तर से जारी कराने की कृपा करें, और सफाई कार्य में ठेका पद्धति बंद किया जाए एवं सफाई कार्य में लगे दैनिक वेतन भोगी अंशकालिक 25 दिवसीय 89 दिवसीय को नियमित वेतनमान दिया जाए, सफाई कामगारों के समग्र विकास के लिए राज सफाई नीति बनाई जाए,वचन पत्र के पैरा 25.13 एवं 26.4 के अनुसार प्रदेश की संवैधानिक संस्थाओं जैसे मानव अधिकार आयोग, लोक सेवा आयोग, राज्य सूचना आयोग, महिला आयोग, बालकल्याण आयोग, श्रमिक कामगार मंडल, राज्य उपभोक्ता फोरम, राज्य नीति आयोग, विभिन्न समितियों तथा सीडब्ल्यूसी, जेजे बोर्ड, चयन समिति, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति का प्रतिनिधित्व अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किये जाने सम्बंधित जो वचन किया गया है- उसका पालन करने हेतु कृपा शासन स्तर से आदेश जारी करने की कृपया करने का आग्रह के साथ जाति- प्रमाण पत्र बनाने के लिए वर्ष 1950 की बाध्यता खत्म किया जाकर सरलीकरण किया जाए एवं जाति प्रमाण पत्र बनाने के लिए निर्धारित समय सीमा का पालन किया जाये,रानी दुर्गावती स्वरोजगार योजना पुनः लागू किया जाए, मध्यप्रदेश के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में संविधान की पांचवी एवं छठी अनुसूची लागू किया जाए विभागाध्यक्ष, संभाग अध्यक्ष, पुलिस महानिरीक्षक, जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, एवं अन्य मैदानी अधिकारियों की पदस्थापना जनसंख्या के अनुपात में एससी एवं एसटी की भागीदारी एवं प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने हेतु अनुसूचित जाति जनजाति वर्ग के अधिकारियों की पदस्थापना करने का कष्ट करें।अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लोगों पर हो रहे अन्याय,अत्याचार एवं महिलाओं के उत्पीड़न, पर तत्काल कार्यवाही की जाए। प्रशासनिक क्षेत्रों में भेदभाव को रोकने हेतु जी.ए. ड़ी. से निर्देश जारी किए जाएं। पूर्व की भांति अनुसूचित जाति जनजाति वर्ग के भूमिहीनों को रिक्त पड़ती भूमि पर कब्जा दिया जाए, साथ ही भूमि के विकास की योजना बनाया जाए। उच्च न्यायालय एवं उच्चतम न्यायालय में जनसंख्या के अनुपात में अनुसूचित जाति जनजाति वर्ग के लोगों की नियुक्ति की जाए भारत सरकार को प्रस्ताव भेजा जाये।- सत्र न्यायालय एवं उच्चतम न्यायालय में जनसंख्या के अनुपात में अनुसूचित जाति जनजाति शासकीय अधिवक्ता की नियुक्त किया जाये। नोटरी – ओथ कमिश्नर की नियुक्ति में जनसंख्या के अनुपात में अनुसूचित जाति जनजाति वर्ग को नियुक्ति में प्राथमिकता दी जावें। अनुसूचित जाति जनजाति को पूर्वा अनुसार जनसंख्या के अनुपात में आर्म्स लाइसेंस जारी किया जाए वनाधिकार अधिनियम अंतर्गत लंबित आवेदनों की जांच कर पट्टे जारी किया जाए। अनुसूचित जाति जनजाति पर होने वाले उत्पीड़नों के आरोपियों पर कड़ी कार्यवाही की जाए एवं सामाजिक सौहार्द हेतु अभियान चलाया जाए। जनसंख्या के अनुपात में अनुसूचित जाति-जनजाति कर्मचारियों को प्राथमिकता के आधार पर शासकीय आवास आवंटित किया जाए। और डॉक्टर अंबेडकर नगर महू में स्थित बाबासाहेब अंबेडकर यूनिवर्सिटी एवं बौद्ध यूनिवर्सिटी के साची में कुलपति अनुसूचित जाति जनजाति वर्ग के लोगों को नियुक्त किया जाए। डॉक्टर बाबा साहेब अंबेडकर जी की जन्मस्थली को राष्ट्रीय स्मारक घोषित किया जाए एवं संचालन करने हेतु ट्रस्ट बनाया जाए और जन्म स्थली को पर्यटन सूची में शामिल किया जावें। मध्य प्रदेश के संपूर्ण जिलों में अनुसूचित जाति – जनजाति वर्ग के छात्र-छात्राओं के लिए छात्रावास की व्यवस्था की जाकर, छात्रावास में पर्याप्त सुविधाएं दी जाये, विश्वविद्यालयों के अंतर्गत आईआईटी, आईआईएम, क्लेट,नर्सिंग, डी- फार्मा, बी-फार्मा,में चयनित अनुसूचितजाति –

जनजाति वर्ग के छात्र-छात्राओं के समस्त शुल्क के शासन के द्वारा वाहन किए जाए ताकि उस शिक्षा के क्षेत्र में अनुसूचितजाति- जनजाति वर्ग के प्रतिनिधित्व में बढ़ोतरी हो सके। माननीय मुख्यमंत्री महोदय द्वारा मध्य प्रदेश में लगने वाले उद्योगों में 70% स्थानीय लोगों को रोजगार देने की जो घोषणा की गई हैं उसमें अनुसूचित जाति- जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग को प्रतिनिधित्व दिया जाए। मध्यप्रदेश में एम.एस.एम.ई. योजना के अंतर्गत शिक्षित बेरोजगारों को स्वरोजगार स्थापित करने हेतु अनुसूचित जाति जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थी को शत-प्रतिशत मार्जिन मनी शासन द्वारा प्रदान किया जाए। उच्च शिक्षा, स्कूल शिक्षा,चिकित्सा शिक्षा, तकनीकी शिक्षा,विभाग में कार्यरत अतिथि विद्वान की नियुक्ति में रोस्टर का पालन किया जाये अनुसूचित जाति व जन जाति के वर्गों की छात्र एक अन्य सुविधाओं के लिए आय सीमा बढ़ाकर 8 लाख किया जाए जिस प्रकार से आर्थिक रूप से कमजोर लोगों की आय सीमा ₹8 लाख रखी गई है। मंदिरों में पुजारियों को शासन द्वारा मानदेय दिया जा रहा है एवं शासन द्वारा जमीन भी आवंटित की गई है एवं अधिकांश मंदिरों का रखरखाव शासन द्वारा किया जाता है अतः पूजारियों की नियुक्ति में अनुसूचित जाति व जनजाति एवं अन्य पिछड़े वर्गों के लोगों की संख्या के अनुपात में प्रतिनिधित्व (भागीदारी) दी जावें।
अधिवेशन कार्यक्रम मे ये दिग्गज रहे मौजूद :- सिंगरौली जिले से लक्ष्मण सिंह ओयाम जिलाध्यक्ष (अजाक्स), जगन्नाथ सिंह श्याम जिलाध्यक्ष (आकास), राजकुमार सिंह उइके जिलाध्यक्ष (आदिवासी सेवा मण्डल), अशोक सिंह पैगाम (नाजी) प्रदेश सचिव, विजय शंकर नीरत जिलाध्यक्ष (आरक्षण बचाओं संघर्ष समिति), लाखन सिंह कुशराम जिला महासचिव (नाजी), आर. आर चौधरी जिला उपाध्यक्ष(अजाक्स), पी.एस. बंसल नायब तहसीलदार (अजाक्स), परशुराम पनिका जिला उपाध्यक्ष (अजाक्स), महीप सिंह नेताम संरक्षक (अजाक्स) ब्लॉक चितरंगी, ओ.पी.सिंह उइके संरक्षक (अजाक्स) ब्लॉक चितरंगी, हीरा सिंह नेताम ब्लॉक अध्यक्ष (अजाक्स) चितरंगी, भैयालाल सिंह अरमो ब्लॉक उपाध्यक्ष (अजाक्स) देवसर, संसार सिंह मरकाम महासचिव (अजाक्स) चितरंगी, रामनारायण सिंह पैगाम सदस्य (अजाक्स) चितरंगी, अवध सिंह नेताम सदस्य चितरंगी, मनोहर सिंह पैगाम सदस्य चितरंगी, शिवप्रसाद पनिका सदस्य चितरंगी, गिरजाशंकर मर्सकोले, गुलाम नबी अंसारी, दंगल सिंह सदस्य (अजाक्स), एवं हजारो की संख्या मे अन्य लोग शामिल रहे।
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