भोपाल-भोपालशहर में गुमठियों, ठेले वालों की शिफ्टिंग को लेकर नगर निगम द्वारा मनमानी की जाती है, जबकि शिफ्टिंग के लिए पथ विक्रेता (जीविका संरक्षण और पथ विक्रय विनियमन) अधिनियम 2014 (स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट) में कई प्रावधान किए गए हैं। आश्चर्य की बात तो यह है कि शहर की गुमठियों को अन्य स्थानों पर शिफ्टिंग को लेकर प्रावधानों के तहत अब तक कार्रवाई ही नहीं की गई।

नगर निगम ने एक्ट में दिए प्रावधानों के तहत कागजों में ही नगर विक्रय समिति का गठन कर लिया, लेकिन बीते दो सालों में एक भी बैठक नहीं की गई। एक्ट में बताया गया है कि बिना समिति की बैठक व अनुशंसाओं के बिना गुमठियों की शिफ्टिंग ही नहीं की जा सकती। अधिनियम में ऐसे लोगों को शामिल किया गया है, जो किसी भी रास्ते, गली, सार्वजनिक स्थानों पर अस्थाई निर्मित संरचना (ठेले, दुकान आदि) एक स्थान से दूसरे स्थान पर घूमकर व्यापार करते हैं। बता दें कि 24 अप्रैल 2017 को मप्र. राजपत्र में इसका प्रकाशन किया गया था।
नगर विक्रय समिति के अधिकार, इन आधार पर होती है शिफ्टिंग
– पथ विक्रताओं की पहचान करने सर्वे करना।
– मापदंडों, योजना और क्षमता आधार पर स्थान का चयन करना।
– यातायात आवागमन और सड़क की चौड़ाई के आधार पर शिफ्टिंग का निर्णय लेना।
– पथ विक्रेताओं को प्रमाण पत्र जारी करना व निरस्त करने का अधिकार।
– गैर विक्रय क्षेत्र घोषित करने का अधिकार।
– विवाद को सुलझाने तमाम अधिकारियों से रायशुमारी के बाद निर्णय का अंतिम अधिकारी समिति को होगा।
– पथ विक्रेताओं के लिए बीमा, साख व सामाजिक सुरक्षा के लिए सुझाव व कार्यों की अनुशंसा करना।
शहर के सभी बाजारों की जिम्मेदारी भी समिति पर
एक्ट में सिर्फ गुमठियों, ठेलों की शिफ्टिंग ही नहीं बल्कि शहर के सभी बाजारों के लिए समिति के निर्णय को ही सर्वोपरि माना गया है। प्रावधानों में समिति को नगर निगम सीमा में दर्ज साप्ताहिक बाजार, परंपरागत बाजार, त्यौहारी बाजार, मौसमी बाजार, रात्रि बाजार और नए विकसित हो रहे बाजारों से संबंधित निर्णय का अधिकार भी समिति को दिया गया है।
यह होते हैं समिति के सदस्य
नगरीय निकायों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी समिति के अध्यक्ष होंगे। बाजार से संबंधित कार्य करने वाले निगम के प्रभारी अधिकारी व स्वास्थ्य अधिकारी को भी समिति में शामिल किया जाएगा। साथ ही यातायात पुलिस व उप पुलिस अधीक्षक भी समिति में होंगे। बाजार संघ या व्यापारी संघ का एक सदस्य, टीएंडसीपी के सहायक संचालक, निवासी कल्याण संघ से एक सदस्य, क्षेत्र में काम करने वाला गैर सरकारी संगठन का एक सदस्य, बैकिंग क्षेत्र से एक सदस्य के साथ समिति अध्यक्ष किसी विशेषज्ञ को भी समिति में शामिल कर सकेगा।
एक्ट के तहत हो शिफ्टिंग
गुमठियों व ठेले की शिफ्टिंग की कार्रवाई के लिए अधिनियम बनाया गया है। इसके तहत ही कार्रवाई की जानी चाहिए। शहर में नगर विक्रय समिति के तहत कार्रवाई की जाती तो शहरी क्षेत्र में बाजार विस्तार व इनकी प्लानिंग भी व्यवस्थित होती।
कमल राठी, अर्बन एक्सपर्ट
समिति का गठन किया
– हमने प्रावधानों के आधार पर समिति का गठन किया है। इस पर बैठक नहीं हो सकी है। अब हम प्रावधानों के आधार पर कार्य करेंगे।
बी. विजय दत्ता, निगमायुक्त
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