ग्वालियर –
जीवाजी यूनिवर्सिटी की स्टैंडिंग कमेटी ने अंचल के12 बीएड कॉलेजों का दोबारा निरीक्षण कराने के बाद भी संबद्धता देने से इनकार कर दिया है। कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला की अध्यक्षता में हुई स्टैंडिंग कमेटी की बैठक में सदस्यों ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार बीएड कॉलेजों को 10 मई के बाद संबद्धता जारी नहीं कर सकते। ऐसे कॉलेजों के पहले निरीक्षण में कमियां मिली थीं। 12 में से 4 नए बीएड कॉलेज हैं। कुछ कॉलेजों में निरीक्षण के दौरान शिक्षक नहीं मिले थे। जबकि कुछ कॉलेजों में भवन का अभाव था, जिसके चलते ऐसे कॉलेजों को संबद्धता नहीं दी गई थी।
कॉलेजों के आग्रह पर ऐसे कॉलेजों को दोबारा निरीक्षण कराया गया है। लेकिन लोकसभा चुनाव की आचार संहिता के कारण स्टैंडिंग कमेटी की बैठक नहीं हो सकी थी। अब सबंद्धता देने का समय निकल चुका है। सोमवार को बैठक हुई जिसमें ऐसे कॉलेजों को सत्र 2019-20 की संबद्धता नहीं देने की अनुशंसा स्टैंडिंग कमेटी ने कर दी है।
एमआईटीएस: एमबीए कोर्स में इस साल नहीं मिल पाएंगे प्रवेश
एमआइटीएस ने सत्र 2019-20 में एमबीए कोर्स की संबद्धता के लिए जेयू में आवेदन किया था। इस संस्थान द्वारा नया कोर्स शुरू करने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। लेकिन देरी से आवेदन किए जाने के कारण एमआईटीएस में एमबीए कोर्स में इस साल छात्रों को प्रवेश नहीं मिल पाएगा। स्टैंडिंग कमेटी ने इस साल की बजाय सत्र 2020-21 से संबद्धता जारी करने की अनुशंसा की है। अब इस पर अंतिम निर्णय कार्यपरिषद लेगी। वहीं कॉलेज ऑफ लाइफ साइंसेस कैंसर हॉस्पिटल को बीवोक कोर्स की संबद्धता नहीं मिल सकी है। डीसीडीसी प्रो. डीडी अग्रवाल के अनुसार, इस कॉलेज की संबद्धता को सत्र 2019-20 के लिए स्थगित कर दिया गया है। उनका कहना है कि 28 अप्रैल को अंचल के सभी कॉलेजों की संबद्धता की सूचना शासन को भेजी जा चुकी है।
इन बीएड कॉलेजों को संबद्धता नहीं
स्टैंडिंग कमेटी ने श्री वेंकटेश एजुकेशन एकेडमी, मुरार, पीआईपीएस कॉलेज बरौआ, आस्था कॉलेज ऑफ कुलैथ, आइडियाज इंस्टीट्यूट ऑफ टीचर्स एजुकेशन, खेरिया, ग्वालियर, लॉर्ड कॉलेज ऑफ एजुकेशन,मकोड़ा, टेकनपुर, शीतला शिक्षा महाविद्यालय डबरा, माता प्रसाद तिवारी गोरमी, एनएएस इंटरनेशनल स्कूल, पोरसा, मां सरस्वती शिक्षा महाविद्यालय बीरपुर, श्योपुर, अंबिका कॉलेज, श्योपुर, जेएम कॉलेज ऑफ एजुकेशन श्योपुर, प्राची शिक्षा महाविद्यालय, बीलाखेरी, मुंगावली को सत्र 2019-20 की बीएड कोर्स की संबद्धता देने से इनकार कर दिया है।
स्टैंडिंग कमेटी की यह भी अनुशंसा: राज्य शासन द्वारा आर्थिक आधार पर दिए गए आरक्षण के आदेश को स्टैंडिंग कमेटी ने मान्य कर लिया। जनरल कोर्स में 26 प्रतिशत सीटें बढ़ाने की अनुशंसा की है।
शासकीय कॉलेज दतिया में हिंदी व संस्कृत शाेध केंद्र में स्तरीय शोध नहीं किए जाने पर स्टैंडिंग कमेटी ने जांच कमेटी गठित करने की अनुशंसा की है।
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