ग्वालियर –
चार साल पहले हुई हत्या की जांच में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए याचिका दायर की गई है। हाईकोर्ट में हुई सुनवाई में आरोपों की गंभीरता को देखते हुए जस्टिस जीएस अहलूवालिया ने कहा – जब तक इस मामले की सुनवाई पूरी नहीं हो जाती, तब तक जेएमएफसी डबरा और सीजेएम ग्वालियर की अदालत में चल रही मामले की सुनवाई पर रोक लगाई जाती है।

दरअसल वर्ष 2015 में डबरा निवासी सालेराम की हत्या कर दी गई। इसकी रिपोर्ट उनके नाती कमलेश ने पुलिस में की। इसमें 19 लोगों को घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया। जांच के बाद पुलिस ने 5 को छोड़कर शेष आरोपियों को क्लीनचिट दे दी। इस घटना के कुछ समय बाद सालेराम के बेटे रामस्वरूप पर भी हमला किया गया। इसकी रिपोर्ट भी पुलिस में की गई लेकिन जो गोली उसकी पसली में धंसी मिली थी, पुलिस ने उसकी जांच ही नहीं की। जांच में लापरवाही का आरोप लगाते हुए सालेराम के नाती कमलेश ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की और मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की।
उनके वकील एमपीएस रघुवंशी ने कोर्ट को बताया कि इस याचिका से जुड़ा एक मामला जेएमएफसी डबरा की कोर्ट में चल रहा है जहां पुलिस ने जांच में खाना पूर्ति करते हुए खात्मा रिपोर्ट लगा दी है। इस पर अगली सुनवाई 15 जुलाई को होना है और दूसरा मामला सीजेएम ग्वालियर के समक्ष चल रहा है। इसमें भी जुलाई के अंतिम सप्ताह में सुनवाई होगी। ऐसे में यदि इन मामलों की सुनवाई पूरी हो गई तो यह याचिका निष्प्रभावी हो जाएगी।
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