ग्वालियर
जीएसटी वार्षिक रिटर्न व्यापारियों को 30 जून तक अनिवार्य रूप से भरना होगा। ऐसा न करने पर रोजाना 200 रुपए फाइन लगेगा। इसमें वह सभी व्यापारी आएंगे जिनके पास जीएसटी नंबर है। यह रिटर्न वर्ष 2017-18 वित्तीय वर्ष का भरा जाएगा। यह जानकारी दिल्ली से आए सीए प्रवीन शर्मा ने दी। वह शनिवार को द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट ऑफ इंडिया (आईसीएआई) की ग्वालियर शाखा ओर से आयोजित जीएसटी मंथन सेमिनार में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि जो व्यापारी अब तक वार्षिक रिटर्न नहीं भर सके हैं, वह समय रहते भर लें। इस मौके पर सीए सतीश चौबे, सीए अमित अग्रवाल, सीए सुमित गुप्ता, सीए राहुल गुप्ता मौजूद रहे।
ऑडिट के समय लॉस बचाना है
दूसरे तकनीकी सत्र में आगरा से आए बृजेश वर्मा ने जीएसटी ऑडिट पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि ऑडिट करते समय ऑडिटर्स की यह जिम्मेदारी बनती है कि वह सावधानी पूर्वक ऑडिट करें। ध्यान रखें कि उनकी गलती का खामियाजा व्यापारी को न उठाना पड़े। यह भी ख्याल रखें कि टैक्स प्लानिंग तो सही बात है, लेकिन टैक्स चोरी न हो इस पर नजर रखें। अंत में उन्होंने सवालों के जवाब भी दिए।
ऑडिट करते समय ध्यान रखें
सीए प्रवीन शर्मा ने बताया कि ऐसे व्यापारी जिनका सालाना टर्न ओवर 2 करोड़ से अधिक है, उन्हें 30 जून तक जीएसटी ऑडिट भी करवानी होगी। ऐसा न होने पर रोजाना 200 रुपए फाइन लगेगा। इसके अलावा जानकारी 3 कैटेगरी में देना होगी। पहला इनपुट, दूसरा इनपुट सर्विसेज और तीसरा कैपिटल गुड्स। इसलिए ऑडिटर भी सावधानी बरतें।
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