ग्वालियर-
बाजार मेंपोषण आहार की खिचड़ी खुलेआम बिकने के मामले में महिला एवं बाल विकास विभाग के अफसरों की बड़ी देर से नींद टूटी है। हाल ही में महिला एवं बाल विकास के अधिकारी गोला का मंदिर थाने पहुंचे और एफआईआर के बारे में पुलिस से पूछा। यहां बताया गया कि आवेदन देने के बाद जो स्थिति थी वही बनी हुई है। अफसरों की यहां टीआई गोला का मंदिर थाना से मुलाकात हुई तो टीआई ने कहा कि कोई कागजी दस्तावेज या जांच महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से नहीं दी गई है,सिर्फ आवेदन से काम नहीं चलेगा। इस पर विभाग से आए अफसरों ने टीआई को भरोसा दिलाया कि जल्द ही दस्तावेज लाकर एफआईआर कराएंगे।
ज्ञात रहे कि। इस मामले में दो फर्म सामने आईं और उनके ऑडियो-वीडियो भी महिला एवं बाल विकास के जिला कार्यक्रम अधिकारी राजीव सिंह ने मांगे लेकिन इसके बाद कोई कार्रवाई नहीं की गई। डीपीओ ने परियोजना अधिकारी ज्ञानेंद्र शर्मा के माध्यम से एक आवेदन थाने भिजवाकर हाथ खींच लिए। इस मामले में महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रमुख सचिव जेएन कंसोटिया और कलेक्टर अनुराग चौधरी को जिला कार्यक्रम अधिकारी द्वारा यह जानकारी दी गई थी कि एफआईआर हो चुकी है। हकीकत में इस मामले में अभी तक कोई एफआईआर नहीं हुई है। इस झूठ के सामने आने के बाद कलेक्टर ने महिला एवं बाल विकास विभाग पर नाराजगी जाहिर की और आगामी कार्रवाई के लिए कहा।
वीडियो-ऑडियो सब,तब भी अफसर नहीं चेत रहे
मासूमों का पोषण आहार बेचने वाली फर्म और उनके मालिकों के नाम सामने आए,इसके बाद भी महिला एवं बाल विकास विभाग ने न खुद कार्रवाई की न थाने में एफआईआर दर्ज कराई। इस मामले में महिला एवं बाल विकास विभाग के पास अनाज कारोबारी का पोषण आहार की खिचड़ी बेचते हुए वीडियो और खरीदने की बात करते हुए का दूसरे कारोबारी का ऑडियो भी है,इसके बाद भी कोई फर्क अधिकारियों को नहीं है। हैरानी यहां और बढ़ जाती है जब प्रमुख सचिव लेवल तक के अधिकारी को झूठी जानकारी दी जाती है।
थाने आए थे अफसर
महिला एवं बाल विकास विभाग के अफसर आए थे और उनके पास मौके पर कोई दस्तावेज नहीं थे। उनका कहना है कि जल्द वे एफआईआर के लिए दस्तावेज लेकर आएंगे।
एचएस चौहान,टीआई,थाना गोला का मंदिर
loading...
बढ़ता कारवाँ | समाजवाद की ओर बढ़ते कदम… India's #1 Leading News Portal