ग्वालियर,
डबरा भितरवार चीनोर दतिया भांडेर से ग्वालियर, झांसी सहित अन्य मार्गों पर चलने वाली बसों व सवारी वाहनों द्वारा परिवहन विभाग के नियमों का खुलेआम उल्ल्घंन किया जा रहा है। बसों में महिला व दिव्यांग यात्रियों के बैठने के लिए सीटें आरक्षित रखने की शर्त पूरी न करते हुए बेखौफ दौड़ रही है। वहीं रफ्तार से दौड़ने वाली इन यात्री बसों में किराया सूची व सवारी वाहनों में फस्ट एड बाक्स तक की भी सुविधा नहीं है। इसके अलावा साइडों से रेडियम पट्टी का भी अभाव है। जबकि, इन नियम का उल्ल्घंन करने वालों पर मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 86 के तहत कार्रवाई करने की प्रावधान है। 

मप्र राज्य परिवहन भाजपा राज में १० साल पहले खत्म, संबधित बता बस वाले अधिक लेते किराया बस स्टेंडो पर अवैध वसूली भाजपा के एजेंट करकेहिस्सा बंधी पुलिस अधिकारियों को पहुंचाते
आरटीओ ,पुलिस की लापरवाही बस संचालकों ने नहीं लगाई किराया सूची, ठगे जा रहे, यात्री नियमों का खुलेआम उल्ल्घंन
– rtoकार्रवाई न होने से बस संचालक नियमों की कर रहे अनदेखी, अफसरों को चिंता ही नहीं
गौरतलब है किडबरा भितरवार चीनोर दतिया भांडेर से ग्वालियर जाने वाली सवारियों को बस मालिक और कंडक्टर ग्वालियर तक छोड़ने की बात बोलकर बिठा लेते हैं। वहीं सवारियों से मनमर्जी किराया भी वसूल करते हैं। डबरा भितरवार चीनोर दतिया बस स्टैंड पर आने पर मालिक और कंडक्टर सवारियों को अन्य बस में बिठा देते है। इस दौरान कई बार सवारियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
कई बार तो अन्य बसों में बिठाने को लेकर सवारियों से बहस तक हो जाती है। ऐसा आए दिन बस स्टैंड पर देखने को मिलता है। बसों में सफर करने वाली महिला यात्रियों को कई बार लंबी यात्रा भी खड़े-खड़े करनी पड़ती है। परिवहन विभाग से जारी आदेश में सभी क्षेत्रीय परिवहन अधिकारियों को दिव्यांग व महिला यात्रियों को सफर के दौरान सीट उपलब्ध रहने, किराया सूची लगाने, रेडियम पट्टी लगाने आदि के निर्देश दिए गए थे। लेकिन उसके बाद भी बस मालिक निर्देश पर अमल नहीं कर रहे है। इसका उदाहरण आवागमन कर रही बसों में कभी भी देखा जा सकता है। हैरत यह कि अब तक परिवहन विभाग द्वारा ऐसी बसों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इसके अलावा बसों में किराया सूची नहीं लगी है आलम यह कि बस ड्राइवर और बस कंडक्टर बिना यूनिफार्म के ही बस चला रहे हैं। किराया सूची नहीं होने से कई बार किराए को लेकर यात्रियों व कंडक्टर के बीच विवाद की स्थिति बन जाती है। बसों में प्राथमिक चिकित्सा बाक्स भी नही है। इसी के साथ बसों की फिटनेस भी सही नहीं है। इसके बाद भी नगर के बस स्टैण्ड से धड़ल्ले से बसों को चलाया जा रहा है।
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