ग्वालियर- सड़कों पर भंडारा कर या छबीले लगाकर गंदगी छोड़ने वाले आयोजकों पर जुर्माने के अलावा अब इस्तगासा लगाए जाने की कार्रवाई भी की जाएगी। शहर में गंदगी और उससे फैल रही बीमारियों को लेकर विचाराधीन याचिका के मामले में नगर निगम आयुक्त संदीप माकिन ने हाईकोर्ट को यह जानकारी दी।
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट के जस्टिस संजय यादव एवं जस्टिस विवेक अग्रवाल द्वारा आयुक्त से सवाल किया गया कि जगह-जगह भंडारे आदि होने के बाद गंदगी फैली रहती है, खाना एवं कचरा लोगों के पैरों में आता है। इस पर क्या कार्रवाई होती है? श्री माकिन ने बताया कि नगर निगम द्वारा ऐसे स्थानों पर सफाई न रखने पर 5 हजार रुपए तक का जुर्माना लगाया जाता है। हाईकोर्ट ने पूछा और क्या कार्रवाई करने का नियम है तो श्री माकिन ने बताया कि कोर्ट में आयोजकों के खिलाफ इस्तगासा भी पेश किया जा सकता है, हाईकोर्ट ने कहा-नगर निगम ऐसा करता है क्या? श्री माकिन ने कहा कि अब ऐसे आयोजकों के खिलाफ इस्तगासा पेश किया जाएगा।
हाईकोर्ट ने निगम आयुक्त के शपथ पत्र को झूठा मानकर किया था तलब
शहर में फोगिंग और कीटनाशक दवाओं के छिड़काव को लेकर दो दिन पहले दिए शपथ पत्र के मामले में नगर निगम आयुक्त संदीप माकिन ने हाईकोर्ट में सॉरी कहा। डिवीजन बेंच ने श्री माकिन से पूछा कि शपथ पत्र में फोगिंग और दवा के छिड़काव की बात कही गई थी। लेकिन कोर्ट रूम में मौजूद वकीलों ने ऐसा होने से इनकार किया था। उन्होंने शहर में गंदगी फैले रहने की बात भी कही थी। तब श्री माकिन ने कहा-सॉरी, लेकिन फोगिंग और छिड़काव तो हो रहा है, इस व्यवस्था को ज्यादा प्रभावी बनाएंगे।
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