ग्वालियर-
डबरा.भितरवार हरसी बांध से क्षेत्र में सिंचाई के लिए निकलीं नहरों को जल संसाधन विभाग द्वारा पक्का बनवाया जाएगा। नहरों के पक्का हो जाने से टेलपोर्शन इलाके के किसानों को सिंचाई के लिए जल्दी पानी उपलब्ध हो सकेगा यानी फसलें सूखने से बच जाएंगी। इसके अलावा क्षतिग्रस्त पड़ी नहरों से होने वाले पानी की बर्बादी भी रुक जाएगी और किसानों को सिंचाई के लिए पानी की किल्लत की समस्या से छुटकारा मिल सकेगा।
गौरतलब है कि डबरा.भितरवार क्षेत्र में सिंचाई के लिए एकमात्र साधन हरसी बांध से निकली नहरें हैं। हरसी बांध से निकली मुख्य नहर से क्षेत्र में छोटी.बड़ी करीब एक सैंकड़ा नहरों को जोड़ा गया है। इससे सभी क्षेत्रों में आसानी से पानी पहुंचाया जा सके। जल संसाधन विभाग के अनुसार इन नहरों की लंबाई 543 किलोमीटर है। इनमें से अभी 146 किलोमीटर लंबाई की नहरें कच्ची हैं। क्षेत्र में सिंचाई के लिए जब बांध से पानी छोड़ा जाता है तो इन कच्ची नहरों के ओवरफ्लो और फूटने की समस्या के चलते काफी पानी बर्बाद हो जाता है। इसके अलावा टेलपोर्शन क्षेत्रों में भी पानी पहुंचने में काफी ज्यादा समय लग जाता है और किसानों की फसलें लेट हो जातीं हैं। इस समस्या को देखते हुए जल संसाधन विभाग की ओर से कच्ची नहरों को पक्का कराने के लिए प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा गया था। राज्य सरकार की ओर से प्रस्ताव को मंजूर कर नहरों को पक्का करने के लिए 56 करोड़ की राशि स्वीकृत कर दी गई है। राशि स्वीकृत होते ही जल संसाधन विभाग की ओर से टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। टेंडर प्रक्रिया के पूर्ण होते ही कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
रुकेगी पानी की बर्बादी
अभी कच्ची पड़ी 146 किलोमीटर लंबाई की छोटी.बड़ी करीब 100 नहरों सिंचाई के लिए जब पानी छोड़ा जाता है तो काफी पानी बर्बाद हो जाता है। इसका मुख्य कारण यह है कि सालों पुरानी बनी ये नहरें जगह.जगह क्षतिग्रस्त हो गई हैं। इसके अलावा टेलपोर्शन क्षेत्रों में पानी पहुंचाते समय नहरें ओवरफ्लो हो जातीं हैं। नहरों के कच्चे होने के चलते कुछ पानी को सूखी पड़ी नहरें भी सोख जाती हैं। नहरों के पक्के हो जाने से इन समस्याओं का समाधान हो जाएगा। पिछले साल बांध से पानी छोड़े जाने पर डबरा और भितरवार क्षेत्र में एक दर्जन से अधिक स्थानों पर नहर के क्षतिग्रस्त और ओवरफ्लो होने से किसानों की फसलें बर्बाद हो गई थी।
पैंता भी होंगे पक्के
जल संसाधन विभाग की ओर से नहरों के साथ पैंताओं को भी पक्का कराया जाएगा। जहां नहरों में सीमेंट कांक्रीट कराई जाएगी और पैंताओं में नीचे डीपीसी डालकर दोनों ओर से पक्का किया जाएगा। पैंताओं के पक्के होने से नहर का पानी बिना रुकावट के खेतों तक पहुंच सकेगा और किसानों को पानी लाने के लिए ज्यादा मशक्कत नहीं करनी पड़ेगी।
टेलपोर्शन में जल्दी पहुंचेगा पानी
अभी तक बांध से पानी छोड़े जाने के 20 दिन बाद टेलपोर्शन क्षेत्रों में पानी पहुंच पाता है। इसका कारण ये है कि टेलपोर्शन क्षेत्रों में पानी पहुंचाते समय ऊपरी क्षेत्र में नहरें कच्ची होने काफी पानी बर्बाद हो जाता है। ऐसे में टेलपोर्शन क्षेत्र वाले किसानों की फसलें लेट हो जाती हैं। नहरों के पक्का हो जाने के बाद टेलपोर्शन क्षेत्रों में एक सप्ताह में पानी पहुंचाया जा सकेगा।
63 हजार हेक्टेयर में होती है सिंचाई
हरसी बांध से निकली नहरों से डबरा और भितरवार विकासखंड में करीब 63 हजार हेक्टेयर रकबा में सिंचाई होती है। दोनों ब्लॉकों में मुख्यतः धान और गेहूं की फसल उगाई जाती है। इसके चलते किसानों को पानी की अधिक आवश्यकता रहती है। जल संसाधन विभाग की ओर से अधिकतर नहरों को पूर्व में ही पक्का किया जा चुका है। शेष बची 146 किलोमीटर लंबाई की नहरों के पक्का होने से किसानों को फायदा मिल सकेगा।
इनका कहना है
146 किलोमीटर नहरों को पक्का करने के लिए राज्य सरकार की ओर से 56 करोड़ की राशि मंजूर कर दी गई है। टेंडर प्रक्रिया चल रही है। टेंडर हो जाने के बाद कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
.मोहित जैनए एसडीओए जल संसाधन विभाग।
loading...
बढ़ता कारवाँ | समाजवाद की ओर बढ़ते कदम… India's #1 Leading News Portal