ग्वालियर –
सुबह 5 बजे उठना और एक्सरसाइज करना फिट रहने के लिए अच्छा होता है, लेकिन इन दिनों पड़ रही कड़ाके की ठंड में इतनी सुबह उठ कर एक्सरसाइज करने की आदत हार्ट अटैक, लकवे और हाई बीपी की वजह बन सकती है। सिर्फ सुबह ही नहीं शाम को 6-7 बजे भी एक्सरसाइज करना नुकसानदायक हो सकता है।
मॉर्निंग हो या इवनिंग वॉक ठंड के दिनों में इसे करने के लिए धूप निकलने का इंतजार करें। खासतौर पर 40 प्लस उम्र वाले लोगों को इस तेज ठंड में अपनी दिनचर्या, खान-पान में थोड़ा बदलाव करना जरूरी है।
सिकुड़ जाती हैं धमनियां
जब ज्यादा तेज ठंड होती है तो शरीर में रक्त का बहाव अपेक्षाकृत गाढ़ा हो जाता है, रक्त की धमनियां सिकुड़ जाती हैं। जिससे हृदय तक रक्त पहुंचने की गति कम हो सकती है। परिणामस्वरूप बीपी बढ़ जाता है और हार्ट अटैक भी हो सकता है। जो पहले से ही बीपी और हृदय की बीमारी से पीड़ित हैं उन्हें ये परेशानियां होने की संभावना ज्यादा होती है। साथ ही डायबिटीज के मरीजों को भी तेज ठंड में हार्ट अटैक होने की खतरा बढ़ जाता है।
विंटर डायरिया भी बड़ी समस्या
नार्मल ठंड तो लोग सहन करते हैं, लेकिन तेज ठंड में पेट संबंधी परेशानियां भी बढ़ सकती हैं। यही वजह है कि इन दिनों अस्पतालों में विंटर डायरिया के मरीजों की संख्या भी बढ़ गई है। जिन मरीजों की प्रतिरोधक क्षमता कम होती है, साथ ही बुजुर्ग लोगों को भी इस तरह की समस्या ज्यादा होती हैं।
कफ-कोल्ड का इन्फेक्शन ज्यादा
छोटे बच्चों, बुजुर्गों के साथ ही डायबिटीज के मरीजों को तेज ठंड में कफ-कोल्ड का इन्फेक्शन भी ज्यादा देखा जा रहा है। इसकी सबसे बड़ी वजह है कान और गले को खुला रखना। बाहर के खाने के साथ ही ठंड पानी पीना भी बड़ा कारण है कफ-कोल्ड बढ़ने का। गले में दर्द, खांसी के साथ ही कान में दर्द के मरीज भी डॉक्टर्स के पास ज्यादा बढ़ हैं।
ये हो सकते हैं लक्षण
– सीने में दर्द।
– सर दर्द।
– घबराहट होना, मचली होना।
– पैरों में दर्द।
– विंटर डायरिया के लिए पेट में मरोड़।
– उल्टी होना।
– गले में दर्द और कफ
– मेहनत वाले काम करने पर घबराहट।
इन बातों का रखें ध्यान
– बहुत सुबह जैसे 6 से- बजे तक वॉक या एक्सरसाइज के लिए न निकले।
– धूप निकलने के बाद ही वॉक और एक्सरसाइज करें।
– घर से बाहर निकलें तो गरम कपड़े पहनकर।
– गले और कान को ढांक कर रखें।
– ठंडे पानी की जगह कुनकुना पानी पिएं।
– ज्यादा मेहनत वाले काम न करें।
– ठंड में प्यास कम लगती है फिर भी 8 से 10 गिलास पानी जरूर पिएं।
– डायबिटीज के मरीज पानी ज्यादा पिएं। क्योंकि डायबिटीज के मरीजों को पानी की कमी से यूरिन इन्फेक्शन की समस्या भी बढ़ जाती है।
– खाने में प्रोटीन युक्त खाद्य सामग्री ज्यादा लें।
हृदय व डायबिटीज रोग विशेषज्ञका कहना है
’30 प्रतिशत बढ़े मरीज’
तेज ठंड में हम लोगों के पास बीपी, हार्ट अटैक के मरीजों की संख्या में लगभग 30 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। जो पुराने मरीज हैं उनकी दवाओं की डोज को ठंड के अनुसार एडजेस्ट करना पड़ता है। स्वीमिंग जैसी एक्सरसाइज तो इन दिनों में बिल्कुल भी न करें। वॉक का टाइम भी बदलें।
–
‘बढ़ जाती हैं दवाओं की डोज’
ठंड में जो पुराने बीपी, शुगर और हृदय की बीमारियों के मरीज हैं उनकी दवाओं की डोज बढ़ा दी गई है। साथ ही मरीजों को हम कुछ सावधानियां रखने की सलाह देते हैं। जब तापमान कम होता है तो बीपी, हृदय के रोगियों और डायबिटीज के मरीजों के लिए खतरा बढ़ जाता है। इसलिए एक्स्ट्रा केयर की जरूरत होती है।
loading...
बढ़ता कारवाँ | समाजवाद की ओर बढ़ते कदम… India's #1 Leading News Portal