ग्वालियर-भोपाल के पुलिसकर्मियों की आंखों में मिर्ची झोंककर हत्या के आरोपी भीम यादव को छुड़ाने, 2 रायफलें लूटने और एक सिपाही को अगवा करने के बाद आरोपी वापस भिंड की ओर भाग गए। ग्वालियर एसपी नवनीत भसीन ने हमलावरों व फरार कैदी की तलाश में न सिर्फ जिले में नाकाबंदी कर दी है बल्कि आसपास के 5 जिलों भिंड, मुरैना, दतिया, धौलपुर, झांसी के एसपी से बात कर पुलिस टीमें सड़कों पर उतार दी हैं। देर रात पुलिस टीम मेहरा टोल नाके पर लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज खंगाल रही थी।
एसपी के मुताबिक भीम यादव और उसके भाई का पूरा नेटवर्क भिंड व आसपास के क्षेत्र में है, इसलिए आशंका है कि वह भिंड जिले में ही गए होंगे। इसलिए भिंड-मुरैना के एसपी से बात कर विशेष नाकाबंदी कराई गई है। एसपी श्री भसीन ने बताया कि बदमाशों की पतारसी के लिए महाराजपुरा थानाक्षेत्र के गांवों व जंगल में पुलिस टीम भेजी गईं हैं।
भिंड से निजी वाहन में आ रहे थे हम, पुल के पास ड्राइवर ने टॉयलेट के लिए रोक दिया
भीम यादव की भिंड में पेशी कराने के बाद हम लोग लेट हो गए थे। हमें ग्वालियर से भोपाल की ट्रेन पकड़नी थी, इसलिए निजी वाहन में लिफ्ट ली थी और उसे 400-500 रुपए देने की बात भी कही थी। इस जीप के ड्राइवर ने बायपास पुल के पास टॉयलेट करने के लिए अपनी स्कॉर्पियों को रोका। सभी नीचे उतरकर टॉयलेट कर रहे थे, तभी स्कॉर्पियो व एसयूवी से आए 10-12 लोगों ने उन पर हमला कर दिया। इस दौरान उन्हें कुछ भी समझने का मौका नहीं मिला। हमलावर बदमाश भीम यादव के साथ ही पुलिसकर्मी प्रमोद यादव व दो इनसास भी ले गए। समझा यह भी जा रहा है कि भिंड से जिस वाहन में पुलिस पार्टी भीम को ला रही थी वह हमलावरों के साथी की थी और यह षडयंत्र रचा गया था।
– जैसा हमले में घायल पुलिसकर्मी विवेक शर्मा ने पत्रकारोंको बताया।
पूरी तैयारी के साथ पीछे लगे थे बदमाश
श्ुक्रवार को जब भीम यादव को लेकर भोपाल पुलिस ग्वालियर के लिए निकली थी, तभी मालनपुर के पास एक काले रंग की स्कार्पियो उन्हें फाॅलो करती नजर आई थी। पुलिसकर्मियों ने एहतियात के लिए हाईवे पर कुछ देर के लिए गाड़ी रोक दी थी, तब पीछे आ रही गाड़ी नहीं दिखी। सिपाहियों का कहना है कि भिंड में जब पेशी कराने के बाद शाम हो गई तो हमने भिंड जेल में रुकने के लिए जेल प्रबंधन से बात की थी, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया।
भिंड में हुआ था गिरफ्तार
भीम यादव को 3 जून 2015 को हत्या के प्रयास के मामले में तत्कालीन भिंड एसपी नवनीत भसीन के समय गिरफ्तार किया गया था। तब भीम पर 5 हजार रुपए का इनाम घोषित था। लंबे समय जेल में रहने के बाद उसे जमानत मिल गई थी।
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