
ब्यूरो कार्यालय सिंगरौली
BK-NEWS:- सिंगरौली।
संयुक्त संघर्ष मंच की आवाज़ एक बार फिर प्रशासन और सियासत की गलियारों में दबा दी गई। मंच के नेता ज्ञानेंद्र सिंह ‘बबलू’ ने तंज कसते हुए कहा— “जिला प्रशासन से हमारा साफ आग्रह है कि नो-एंट्री आदेश को जस का तस रखा जाए। लेकिन लगता है प्रशासन ने सिंगरौली की जनता को मौत का तमाशा दिखाने का ठेका ले लिया है। बस 50 हज़ार से 4 लाख तक का मुआवज़ा बांटते रहिए, और हादसों की फेहरिस्त लंबी होती रहे।”
उन्होंने तीखे शब्दों में कहा कि सिंगरौली के लोग अब मानो मौत की राह पर चलने को मजबूर कर दिए गए हैं। सड़क हादसों के बढ़ते आंकड़े प्रशासन की नीतियों की पोल खोल रहे हैं।
संघर्ष मंच का आरोप है कि जिले के हक़ की आवाज़ को जानबूझकर दबाया गया है। लेकिन चेतावनी भी साफ है— “जिस दिन न्यायालय के दरवाज़े पर दस्तक देंगे, उसी दिन प्रशासन और सियासतदानों को जनता के ग़ुस्से से मुंह छिपाना पड़ेगा।”
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