
BK NEWS ब्यूरो कार्यालय बैढ़न- पूरा मामला मध्य प्रदेश सीधी जिला के ग्राम झगरहा से है बता दें वर्ष 2006 से विवादित भूमि खसरा क्रमांक 295 का सुनवाई करते हुए जिला जज का फैसला भूमि स्वामी उर्मिला सोनी के पक्ष में हुआ था जिस आदेश का पालन करने हेतु माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के बाद माननीय सिविल

न्यायालय द्वारा तहसीलदार गोपद बनास को आदेश जारी किया गया कि ग्राम झगरहा स्थित खसरा क्रमांक 295 के अंस रकबा 0.44 एकड़ भूमि में मौजूद मकान का ताला तोड़ कर भूमि स्वामी उर्मिला सोनी को कब्जा दिलाने की कार्यवाही पूर्ण किया जाय

जिस तारतम्य में बीते 10 दिसंबर 24 को राजस्व अमला के साथ तहसीलदार निवेदिता त्रिपाठी शाम 4 बजे सिविल न्यायालय के आदेश का पालन करने विवादित भूमि पर उपस्थित हुई और भूमि पर कब्जा प्रदान करने की प्रक्रिया प्रारंभ की गई, जहां पहले से योजना बनाकर अतिक्रमणकारी आदिवासी छोटवा कोल अपने पुत्रों सहित समाज के लोगों को शराब पिला कर लाठी डंडा कुल्हाड़ी लेकर अश्लील गाली गलौज एवं मारपीट करने को उतारू हो गए तब वहां पर मौजूदा पुलिस कर्मियों ने दो लोगों को हिरासत में लेते हुए मामले को शान्त कराया

आदिवासी नेता के सलाह से बनाया गया योजना
ग्रामीणों द्वारा पूरा विश्वास के साथ बताया गया कि आदिवासी नेता मनोज कोल के सलाह से बनाए गये योजना के अनुरूप अतिक्रमणकारिर्यों द्वारा पहले से ही आग जली करने की योजना बनाई गई थी बता दें सीमांकन का कार्य दौरान एवं बाउंड्री करते समय देखा गया कि अतिक्रमणकारी सरहंग आदिवासी सूने मकान में पेट्रोल बम बना कर रखें थे, जिसे मौके में मौजूद पत्रकारों द्वारा पुलिस के पास जप्त कराया गया जिसके बाद अतिक्रमण कारी मुन्नी कोल पति छोटवा कोल ने अपने सुने घर में आग लगा दी जिस घटना को दिनोद सिंह देखे बताए, इतना ही नहीं जब मौजूद राजस्व अमला सहित पुलिस आग बुझाने में व्यस्त हुए तो भूमि स्वामी पति आरपी सोनी के ऊपर मुन्नी कोल जांन लेवा हमला करते हुए गरम पानी डाल दी मौके में मौजूद लोगों द्वारा बीच बचाव किया गया
गनीमत ये रही कि पानी जायदा गरम नहीं था अन्यथा स्थिति बेहद दुखद हो सकती थी, वहीं बिगड़ती स्थिति को देख कार्यपालिक मजिस्ट्रेट निवेदिता त्रिपाठी द्वारा अतिक्रमण कारी छोटवा कोल को घर खाली करने हेतु एक सप्ताह का घर खाली करने हेतु समय दे दिया गया, गजब की बात तो यह है तीन वरिष्ठ न्यायालय आदेश होने के साथ-साथ तीसरी बार भी अक्षम निवेदिता त्रिपाठी तहसीलदार द्वारा भूमि स्वामी उर्मिला सोनी को पूर्ण कब्जा नहीं दिला पाई वही बताया जा रहा है दबंग आदिवासियों ने तहसीलदार द्वारा कराए गए सीमा चिन्ह सहित गड़े गए बोर्ड बाउंड्री को उखाड़ कर फेंक दिए हैं
अब देखने वाली बात यह होगी की अतिक्रमणकारी सरहंग आदिवासीयों द्वारा किए गए गंभीर अपराध के प्रति पुलिस क्या कार्यवाही करती है और क्या एक सप्ताह के बाद भूमि स्वामी को पूर्ण कब्जा मिलेगा या नहीं।
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