पुलिस मुख्यालय द्वारा चलाये जा रहे विशेष जागरूकता अभियान ‘‘अभिमन्यु‘‘ के तहत
पुलिस अधीक्षक के दिशा निर्देशन मे लगातार जन जागरूकता अभियान के आयोजन आगे रहेगा जारी

बढ़ता कारवां/सिंगरौली (राजकुमार सिंह – जमुना सोनी) बैढ़न आज दिनांक 14/06/2023 को पुलिस अधीक्षक मो. यूसुफ कुरैशी की उपस्थिति में आफिसर क्लब मोरवा में विशेष जागरूकता अभियान *‘‘अभिमन्यु‘‘* का आयोजन किया गया ।

वही पुलिस अधीक्षक द्वारा कार्यक्रम के संबंध में चलाये जा रहे विशेष अभियान ‘‘अभिमन्यू‘‘ के संबंध में आवश्यक जानकारी दी गयी कि इस अभियान का उदेश्य एवं इसे जन-जन तक किस प्रकार से पहुचाना है एवं कैसे लोगो को जागरूक करना है एवं आम नागरिको की सहायता से इस अभियान को किस प्रकार से सफल बनाया जाना है के संबंध में विस्तृत से से जानकारी दी गयी ।

वही कार्यक्रम के दौरान एस.डी.ओ.पी. चितरंगी हिमाली पाठक के द्वारा “अभिमन्यु अभियान”के विषय में विस्तृत रूप से कविता के माध्यम से बताते हुए कहा कि चरण चूम कर दादा के वह, विजयी स्वर में बोला।
कांप उठी सागर की लहरें, सिंहो का गर्जन डोला।।
कि चक्रव्यूह में रण करने की अभिमन्यु ने ठानी थी
और 9 माह में सीखी विद्या, अब सोलह साल की जवानी थी ।
चक्र में दर्शित प्रथम कुरीति नशा’
को दूर करने के लिये हम सभी को आगें आकर तोड़ने के लिये प्रयास करना चाहिए और जागरूक रहना चाहिए और वही स्वयं जागरूक रहकर अपने आसपास के लोगों को भी जागरूक करना चाहिये ।
दहेज
जैसा कि सभी लोग विदित है कि दहेज एक ऐसा शब्द है जो आज से नहीं पूर्व से ही समाज में स्थापित है और आज के समय परिवेश में भी जहां हम इतना आगे बढ़ चुके हैं और हमारी सोच हमारी विचारधारा आगे बढ़ चुकी है और फिर भी समाज का प्रत्येक वर्ग इस कुरीति से ग्रसित है और यह एक ऐसा कुचक्र है कि परिवार के प्रत्येक सदस्य प्रत्येक परिवार को आगे आकर इस कुचक्र को तोड़ने के लिए प्रयास करना चाहिये और आज यहां बैठे हुये प्रत्येक व्यक्ति परिवार जितने भी उपस्थित हैं जब वह इस शब्द को समझेंगे तो हमें पूरी आशा नहीं विश्वास है कि वह अपने परिवार को भी बताएंगे कि दहेज एक ऐसी कुरीति है कि हम सब को आगे आकर एकजुट होकर इसे समाप्त करना है और वही परिवार के स्तर में प्रयास होगा तभी तो सामाजिक स्तर पर ही प्रयास होगा और सभी को इस कुरीति से छुटकारा मिलेगा ।
रूढ़िवादिता
इस विषय के बारे में बताते हुए कहा कि ऐसी विचारधारा से है कि जिसमें पुरानी मान्यताओं, पुरानी आस्थाओं को तार्किकता से परे हटकर आज भी लोग उसको महत्व देते हैं, जैसे कि यहां लोग बीमार होते हैं सांप काट देता है तो उसको मेडिकल के लिये नहीं ले जायेगे और डॉक्टर को दिखाने नहीं ले जायेगे और इसके पहले जाकर झड़वाने ले जाते हैं और वही कोई भी बाधा है तो लोग उसको झाड़-फूंक कराते हैं और तो यह एक बहुत ही प्रचलित रूढ़िवादिता है जो हमारे समाज में प्रचलित है और हम सबको इसे तोड़ने का कार्य करना है और साथ ही इसको समाप्त करना है ।
असंवेदनशीलता
जब भी कोई एक्सीडेंट की घटना होती है तो घायल व्यक्ति को हॉस्पिटल ले जाने की बजाय लोग उसका वीडियो बनाते हैं फोटो खींचते हैं और चले जाते हैं जबकि मुख्यालय के द्वारा गुड गुड समरितान योजना भी निकाली गयी है जिसमें यदि आप लोग कहीं भी देखते हैं कि रास्ते में कोई व्यक्ति दुर्घटना से ग्रसित है एक्सीडेंट से ग्रसित व्यक्ति है तो आप लोग उसे प्राथमिक रूप से उपचार के लिये लेकर जायेगे और इसके लिये शासन ने ₹5000 की राशि भी इनाम स्वरूप रखी गयी है और संवेदनशीलता भी एक कुचक्र है समाज में जिसे हम सबको मिलकर तोड़ना है।
भ्रूण हत्या’
आज भी समाज में एक कुरीति बहुत ही बुरी तरीके से व्याप्त है विशेषकर ग्रामीण अंचल में भ्रूण में ही लड़की के गर्भ को खत्म कर दिया जाता है जिससे पता चलता है कि बेटा और बेटी में आज भी समाज में फर्क व्याप्त है और भ्रूण हत्या भी एक कुरीति है जिसे हम सब को मिलकर रोकना है।
अशिक्षा
अशिक्षा एक ऐसी कुरीति है जिसमें
नाबालिक बच्चों को शिक्षा से वंचित रखा जा रहा है और वही शिक्षा लेना सभी का अधिकार है क्योंकि शिक्षा से ही शिक्षित समाज का निर्माण किया जा सकता है और आज के समय परिवेश अनुसार शिक्षा बहुत ही आवश्यक है किंतु आज भी कई बालक – बालिका ऐसे हैं जो शिक्षा की अनुभूति से भी वंचित रह रहे हैं जो कि हमारे लिये एक कुरीति है हम सभी को इस पर कड़ा प्रहार करना है और इस कुरीति को हर हाल में पूर्ण रूप से रोकना है।
लिंगभेद
एक माता अपने शिशु को अपना दूध पिलाती हैं परन्तु इस प्रकार की विशेषता प्रकृति ने पुरुष को प्रदान नही की हैं और वही स्त्री और पुरुष का यह अंतर लिंग भेद हैं और महिलाओं के साथ अथवा लड़के और लड़कियों में भेदभाव, स्कूली शिक्षा में असमानता, स्त्री पुरुष भेदभाव, सामाजिक असमानता व जेंडर संवेदनशीलता को रोकने के लिए उठाये गये कदम है और इस कुरीति को हर हाल में पूर्ण रूप से रोकना है ।
विशेष जागरूकता अभियान अभिमन्यु अंतर्गत जिले के विभिन्न स्थानों में अभिमन्यु शुभंकर के कटआउट को रखकर उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर अभियान के संबंध में जागरूक किया गया और वही विशेष जागरूकता अभियान अंतर्गत अलग-अलग स्थानों में कुल मिलाकर लगभग 1500 से अधिक लोगों को एकत्रित कर जागरूक किया गया और वही लोगों ने शुभंकर अभिमन्यु के कटआउट सेल्फी प्वाइंट के साथ अपनी-अपनी सेल्फी ली और चक्र में दर्शित प्रत्येक कुरीतियों से लड़ने का विश्वास दिलाया ।
उक्त कार्यक्रम में हिमाली पाठक एस.डी.ओ.पी. चितरंगी, अर्चना द्विवेदी निरीक्षक थाना प्रभारी महिला, निरीक्षक यू.पी. सिंह थाना प्रभारी मोरवा, उप निरीक्षक रूपा अग्निहोत्री एवं लगभग 150 से अधिक लोग उपस्थित रहे ।
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