बढ़ता कारवाँ न्यूज//सिंगरौली//ब्यूरो कार्यालय

टी आई ने कहा-चाहे जितना लगे और दिल्ली बनारस जहाँ भी इलाज होगा मैं कंपनी वाले को साथ लेकर करवाऊँगा इलाज,लिखित में मैं देने को हूँ तैयार,फिर राजनीति क्यो?
BK NEWS:- बरगवां में 16 अगस्त को रात 9 बजे ट्रेलर क्रमांक UP34BT3486 से रंजीत सिंह निवासी गोरबी का एक्सीडेंट हो गया जिसे डायल 100 के माध्यम से उपचार हेतु प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बरगवां लाया गया जहाँ से प्राथमिक उपचार के बाद बैढ़न के सिंगरौली रिसर्च सेंटर हॉस्पिटल में करवाया गया भर्ती।भर्ती करवाने के बाद जब बरगवां पुलिस वाहन को कार्यवाही कर थाने ले जाना चाहा तो ट्रेलर की चाभी छोटेलाल बियार रख लिया गया था वही सुबह छोटेलाल बियार द्वारा 17 अगस्त की सुबह अपने साथियों संग मिलकर चक्का जाम कर आवागमन बाधित किया गया।जबकि बरगवां पुलिस द्वारा कंपनी वाले कि सहायता से रंजीत सिंह का उपचार शुरू करवा दिया गया था लेकिन राजनीतिक रोटी सेकने वाले सुप्रीम कोर्ट के आदेश को धज्जियां उड़ाते हुए सड़क में चक्का जाम कर रखे थे।जिसे बरगवां पुलिस हटवाने का प्रयास कर रही थी लेकिन राजनीति करने वाले लोग सड़क से नही हट रहे थे।जिसके बाद टी आई ने एक्सीडेंट के मामले में राजनीति करने वालो को गाड देने की बात कही थी लेकिन अगर ध्यान से अगर वीडियो को देखा जाए तो सबसे पहले टी आई बरगवां ने कहा था कि दाई जउन लागी जहाँ दवाई होई,यहां से दिल्ली बनारस जहाँ तक मे दवाई होई कंपनी वाले को साथ मे लेकर दवा कराने को तैयार है।टी आई बरगवां ने यह भी कहा कि मैं लिखित में भी देने को तैयार हूं।मैं चाहत हूँ कि लड़के का इलाज हो जाये वो बच जाए।उन्होंने कहा कि विधायक से बात हुई है जो भी इलाज होगा वो करवाने का जिम्मा लिखित में देने को तैयार हूं लेकिन कुछ राजनीति करने वाले अपने आप को नेता समझ बैठ लोग किसी का भला करने नही आते लेकिन भडकाने में भी पीछे नही रहते।
आपको बता दे कि टी आई के गाड देने की बात तो खूब वायरल की गई लेकिन किसी ने टी आई के उस वाक्य को नही सुना जब उन्होंने कहा कि “दाई जउन लागी जहाँ दवाई होई,यहां से दिल्ली बनारस जहाँ तक मे दवाई होई कंपनी वाले को साथ मे लेकर दवा कराने को तैयार है।टी आई बरगवां ने यह भी कहा कि मैं लिखित में भी देने को तैयार हूं।मैं चाहत हूँ कि लड़के का इलाज हो जाये वो बच जाए”। लेकिन यहाँ लोगो को अच्छाई कम कमियां ज्यादा दिखाई देती है।यैसे में एक सवाल यह भी आता है कि पुलिस पर सवाल उठाने वाले नेता कभी NH 39 का मुद्दा क्यो नही उठाये,कभी सड़क मार्ग से कोयले का परिवहन का विरोध क्यों नही किये,आज तक ये नेता कितनो का भला किये हैं और कितने जनता की समस्या को लेकर आवाज उठाये है लेकिन कहते है कि दूसरे का जब घर जलता है तो लोग उसे बुताने के बजाय अपनी पीठ सेकते नजर आते है और यहाँ भी कुछ यूं ही हुआ जब घायल का उपचार शुरु हो गया तो यैसे में दुसरो के द्वारा चक्का जाम कर राजनीति करना कितना उचित था
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