बढ़ता कारवाँ/सिंगरौली (राजकुमार सिंह/जमुना सोनी) बैढन आज दिनांक 05/07/2021 को अपनी विभिन्न मांगों को लेकर मप्र नर्सेस एसोसिएशन के बैनर तले आज चौथे दिन आधा सैकड़ा की संख्या में नर्सों का अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी है ।

नर्सों के हड़ताल पर चले जाने से जिले की स्वास्थ्य व्यवस्थाये प्रभावित हैं और वही एसोसिएशन की अध्यक्ष दुर्गा बीरेन्द्र पाठक की अगुवाई में जिला चिकित्सालय सह ट्रामा सेंटर के परिसर में लगभग आधा सैकड़ा नर्स 4 दिन से अनिश्चिलकालीन धरने पर बैठी हैं और म.प्र. सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुये नर्सों ने कहा है कि जब तक उनकी मांगे नहीं मानी जाती धरना जारी रहेगा ।
सीएमएचओ डा. एन.के. जैन द्वारा धरनास्थल पर जाकर बार-बार समझाईस दी गयी परन्तु समझाईस का असर नर्सों पर नहीं पड़ा और नर्स एसोसिएशन की मांग है कि उच्च स्तरीय वेतनमान सेकेण्ड ग्रेड अन्य राज्यों की तरह म.प्र. में कार्यरत समस्त नर्सों को वेतनमान दिया जाये और साथ ही पुरानी पेंशन योजना पुन: प्रारम्भ किया जाये और कोरोनाकाल में शहीद हुए नर्सिंग स्टाफ के परिजनों को अनुकम्पा नियुक्ति देने के साथ – साथ 15 अगस्त को राष्ट्रीय कोरोना योद्धा अवार्ड से सम्मानित किया जाये और साथ ही कोरोनाकाल में की गयी घोषणाओं को अमल में लाया जाये। 2018 के आदर्श भर्ती नियमों में संशोधन करते हुये 70, 80 एवं 90 प्रतिशत का नियम हटाये जाने एवं प्रतिनियुक्ति समापत कर स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू करें और शासकीय कॉलेजों मे सेवारत रहते हुये नर्सेस को उच्च शिक्षा के लिये आयु बंधन हटाया जाये एवं मेल नर्स को समान अवसर दिया जाये। कोरोनाकाल में अस्थायी रूप से भर्ती की गयी नर्सेस को नियमित करें एवं प्राइवेट कंपनियों में लगायी गयी नर्सों को भी उनकी योग्यता अनुसार नियमित करें और कोरोनाकाल में उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता है और नर्सेस को एक ही विभाग में “समान कार्य – समान वेतन” दिया जाये और वर्षों से लंबित पदोन्नति को शुरू किया जाये और साथ ही मेल नर्सेस की भर्ती पुन: प्रारंभ की जाये।
स्वशासी में पदस्थ नर्सेस को सातवे पे कमीशन का लाभ सन 2018 की बजाय सभी कर्मचारियों की भांति जनवरी 2016 से दिये जने एवं कॉलेजों व स्कूलों में अध्ययनरत नर्सिंग छात्राओं को कलेक्टर रेट पर मानदेय लगभग रू. 18000/- रुपये प्रतिमाह दिये जाने की मांग की गयी है।
नर्सों के हड़ताल पर चले जाने से जिले की स्वास्थ्य सेवाये चरमरा गयी हैं। जिला प्रशासन के निर्देश पर वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर एनसीएल / एनटीपीसी अस्पताल की नर्सों की सेवाएं जिला चिकित्सालय सह ट्रामा सेंटर में ली जा रही हैं और साथ ही कोविड – 19 के दौरान नियुक्त अस्थायी नर्सेस की भी ड्यूटी लगायी गयी है ।
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