बढ़ता कारवाँ/सिंगरौली (जमुना सोनी) बैढन मध्य प्रदेश में टीबी हरेगा – देश जीतेगा के तहत अभियान चलाया जा रहा है वही जिसमे “राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम” के तहत टीबी मुक्त मध्य प्रदेश हेतु 3 मार्च को 2021 को जिला चिकित्सालय सह ट्रामा सेंटर के मलेरिया विभाग के सभागार में मीडिया कार्यशाला का आयोजन किया गया ।

वही कार्यशाला में बताया गया कि टीबी से मुक्ति के लिए समाज के हर वर्ग को इस अभियान से जोड़ना है और साथ ही विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन वर्षभर किये जाकर लोगों में टीबी के प्रति जनजागरूकता लाना है और वही साथ ही टीबी से मुक्ति के लिये हर संभव प्रयास किये जायेगे और वही डा. तोमर ने बताया कि टीबी के मरीज जितने चिन्हित हैं उससे कहीं ज्यादा जिले में प्रदेश में हैं और चूंकि वह अपना जांच नहीं कराते जिससे उनका पता नहीं चल पाता और उन्होने कहा कि टीबी लाईलाज बिमारी नहीं है और इसके बावजूद भी बड़ी संख्या में देशभर में लोगों की इस बीमारी से मौत होती है।
उन्होने कहा कि अब राष्ट्रीय क्षय कार्यक्रम का नाम बदलकर क्षय उन्मूलन कर दिया गया है और देश को 2025 तक टीबी से मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है और उन्होने कहा कि चाहे प्राईवेट चिकित्सालय हो या शासकीय चिकित्सालय मरीज का रजिस्ट्रेशन करने के बाद जांच की जायेगी और उन्हे शासकीय सुविधाओं का लाभ दिया जायेगा अभियान दिसम्बर तक चलेगा और उन्होने कहा कि जिले में 1196 चिन्हित ऐेसे मरीज हैं जिनका इलाज चल रहा है।
मीडिया कार्यशाला के दौरान एक प्रजेन्टेशन भी दिया गया ।
प्रजेन्टेशन में शारदा गुप्ता ने बताया कि टीबी के मरीजों का इलाज डाट्स के माध्यम से किया जाता है और टीबी रोगी को डॉट प्रदाता की प्रत्यक्ष देखरेख में टीबी रोधी दवाओं का सेवन कराया जाता है जिसमें परिवार के सदस्य या सहयोगी को डॉट प्रदाता के रूप में तैयार किया जाता है जिसके द्वारा नियमित दवाये दी जाती हैं और दो सप्ताह से अधिक समय तक खांसी, दो सप्ताह से ज्यादा बुखार, वजन में कमी, बलगम में खून का आना, छाती के एक्सरे का घनात्मक में आना इसके लक्षण है और यदि इस तरह के लक्षण दिखायी दें तो मरीज बलगम की जांच से ही इसकी पुष्टि की जा सकती है और इस दौरान यह भी बताया गया कि रोगियों के लिये निक्षय पोषण योजना का भी संचालन किया जा रहा है और जिसमें उपचार की अवधि तक प्रति टीबी मरीज को पोषण आहार हेतु प्रति माह 500/- रूपये प्रदान किये जाते हैं और इसके लिये खुद का या परिवार के किसी सदस्य का खाता नंबर देना होता है और वही टीबी की जांच व उपचार दवा वगैरह पूरी तरह से मुफ्त है इसलिए अगर किसी को भी लक्षण दिखायी दें वह नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र मे पहुंचकर बेझिझक बलगम की जांच अवश्य कराये ।
उक्त कार्यशाला में क्षय रोग कार्यक्रम प्रभारी डा. अतुल तोमर, शारदा गुप्ता सहित टीबी उन्मूलन कार्यक्रम से जुड़े अधिकारी – कर्मचारी उपस्थित रहेे ।
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