
बढ़ता कारवाँ/सिंगरौली (जमुना सोनी)बैढन सरकार के खिलाफ किसान आन्दोलन एवं कृषि बिल के मुद्दे पर समाजवादी पार्टी, मार्क्सवादी कम्यूनिष्ट पार्टी, भारतीय कम्यूनिष्ट पार्टी की एक संयुक्त पत्रकार वार्ता भाकपा कार्यालय के माजन मोड़ कार्यालय पर संपन्न हुआ ।
पत्रकारो से रूबरू होते हुये भाकपा नेता का. संजय नामदेव ने कहा कि आज देश का किसान सरकार की नीतियों के खिलाफ 23 दिन से अधिक मुखर होकर सड़क पर है वही 350 किसान संगठन कृषि बिल के खिलाफ दिल्ली बॉर्डर पर आन्देालनरत हैं और वही भाकपा नेता ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी एवं उनके अनुषांगिक संगठनों पर आरोप लगाते हुये कहा कि इनके नुमाइंदे आंदोलन के बीच कूदकर किसानों को बदनाम करने का प्रयास कर रहे है और उन्होने कहा कि अभी तक खेती किसानी ठेकेदारों से मुक्त थी और अब भारत सरकार कृषि कानून के माध्यम से खेतों और किसानों को भी बंधक बनाने पर उतारू है जिसका किसान मुखर होकर विरोध कर रहा है और यहां तक की सरकार ने समर्थन मूल्य, कृषि उपज मंडी इत्यादि व्यवस्था को भी तहस-नहस करने का कुत्सित प्रयास किया है जिसे पूरा नहीं होने दिया जायेगा और फसलों व खेतों पर कान्ट्रेक्ट कृषकों की आत्मा पर प्रहार है और आगे कहा कि कृषकों का उनके जमीनों पर आधिपत्य कदापि खत्म नहीं होने दिया जायेगा ।
मार्क्सवादी कम्यूनिष्ट पार्टी के जिले के वरिष्ठ नेता – रामलल्लू गुप्ता ने कहा कि नील की खेती करने के लिये अंग्रेजों ने एक बार किसानों की जमीन ली थी और उसका क्या परिणाम हुआ यह आप सभी जानते हैं जैसे – ईस्ट इंडिया कंपनी कांटेक्ट फार्मिंग कर पूरे देश के किसानों को अपना गुलाम बना लिया था ठीक उसी तरीके से देश के पूजीपति जैसे अंबानी – अडानी को अनाज भंडारण की खुली छूट देने का प्रयास है जिसे देश के किसान खतरे में होंगे आम जनता को राशन भी उपलब्ध नहीं होंगे ।

आज सरकार किसानों को राहत देने और उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने और दुर्दशा का सुधार करने, जागरूकता लाने और उनका शैक्षणिक स्तर बढ़ाने का प्रयास सरकार नहीं कर रही है बल्कि बिना मांगे कृषि बिल लाकर उनके कार्यक्षेत्र में बेजा हस्तक्षेप कर रही है और उन्होने कहा कि अभी तक किसान आन्दोलन के दौरान लगभग 32 किसानों की मौत हो चुकी है जिनके परिवार को शहीद का दर्जा देते हुये मुआवजा नौकरी दी जाये और कानून को वापस किये जायें और किसानों की यह हत्या किसके सिर पर जायेगी और आज वह दिन आ गया है कि सरकार के मनमानापन के खिलाफ जनआन्दोलन खुलकर सामने आना चाहिये नहीं तो देश की अर्थव्यवस्था गर्त में चली जायेगी ।
उक्त प्रेस वार्ता में काम. संजय नामदेव, रामलल्लू गुप्ता, लक्ष्मीचन्द्र दुबे सहित अन्य लोग मौजूद थे ।
किसानों की शहादत पर दी गयी दी गयी श्रद्धांजलि
माजन मोड़ स्थित राजीव चौक पर किसान आन्दोलन का समर्थन करने वाले संयुक्त समन्वय समिति के सदस्यों ने किसानों के शहादत पर कैन्डिल जलाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी और 2 मिनट का मौन रखकर शोक व्यक्त किया ।
मुख्य रूप से श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित- काम. संजय नामदेव, काम. रामलल्लू गुप्ता, वरिष्ठ समाजसेवी- लक्ष्मीचंद दुबे, राजकुमार शर्मा, अरुण सिंह, राकेश शर्मा, अरविंद शाह, अरुणदेव पाण्डेय, संजय शर्मा, राजू अग्रहरि, रामसुशील अग्रहरि, राकेश पाण्डेय, लल्लू राजा सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे ।
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