अपने हक और अधिकारों के लिये ओबीसी/एससी/एसटी एकजुट हो – ललित कुमार
बढ़ता कारवाँ/सिंगरौली (जमुना सोनी) बैढन आज दिनांक 11/10/2020 को बैढन के एक निजी होटल में आयोजित अखिल भारतीय ओबीसी महासभा व ओबीसी/एससी/एसटी संयुक्त मोर्चा के तत्वाधान में “जिला सम्मेलन” ओबीसी महासभा जिलाध्यक्ष – सुदामा कुशवाहा के नेतृत्व में अखिल भारतीय ओबीसी महासभा राष्ट्रीय अध्यक्ष- ललित कुमार द्वारा जिले के कोने – कोने से आये हुये लोगों को संबोधित करते हुये और उनके हक – अधिकारों और लोकतंत्र की रक्षा करते हुये अन्य महत्वपूर्ण बाते कही गयी और साथ ही विशेष रुप से ओबीसी/एसटी/एससी को एकजुट रहने का मंत्र दिया गया और जिला सम्मेलन के बाद वाहन रैली निकालकर अंबेडकर चौक पर डॉक्टर भीमराव अंबेडकर और बस स्टैंड के पास बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर राष्ट्रीय अध्यक्ष ललित कुमार द्वारा माल्यार्पण किया गया और इसके बाद कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर 14 सूत्रीय मांग पत्र महामहिम राष्ट्रपति भारत सरकार के नाम जिला कलेक्टर प्रतिनिधि तहसीलदार – दिव्या सिंह को ज्ञापन पत्र सौंपा गया ।

ओबीसी वर्ग के विभिन्न मांगों को लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष ललित कुमार व संगठन के पदाधिकारियों द्वारा प्रदेशभर में सम्मेलनों का आयोजन किया जा रहा है ।
माँग इस प्रकार है-
भारत में सभी जातियों की जनगणना होती है परन्तु सन 1931 के बाद से आज तक ओबीसी समाज की जातिगत जनगणना नहीं की गयी है। आगामी 2021 में होने वाले जनगणना में भी ओबीसी की गिनती नहीं की जा रही है और संगठन ने मांग किया है कि ओबीसी की जातिगत जनगणना करायी जाय और साथ ही उन्होने मांग किया है कि केन्द्र सरकार द्वारा किये जा रहे बेतहाशा निजीकरण पर तत्काल रोक लगायी जाये, विधानसभा और लोकसभा में जनसंख्या के आधार पर सीटें आरक्षित की जायें, संगठन द्वारा किसानों के साथ हो रहे अत्याचारों का पूरजोर तरीके से विरोध किया जा रहा है और वही संगठन की मांग है कि फसल खराब होने की स्थिति में उपज के उत्पादन मूल्य के बराबर मुआवजा दिया जाय और स्वामीनाथन कमेटी की अनुशंसाओं को लागू किया जाय और साथ ही किसानों को 24 घंटे बिजली उपलब्ध करायी जाय और ओबीसी क्रीमीलेयर निर्धारण में बीपी शर्मा कमेटी की अनुशंसाओं को खारिज किया जाय औऱ सबके लिए फ्री और समान शिक्षा और स्वास्थ्य की व्यवस्था की जाय और कर्मचारियों की पेंशन बहाल हो, ओबीसी समाज को सरकारी नौकरियों में संख्यानुपात में 65 प्रतिशत आरक्षण दिया जाये और ओबीसी एससी/एसटी समाज को न्यायपालिका, निजीक्षेत्र, विधान परिषद और राज्यसभा में संख्या के अनुपात में प्रतिनिधित्व प्रदान किया जाय और संगठन ने यह भी मांग की है कि आदिवासी समाज की पांचवी और 6वीं अनुसूची लागू की जाय और जाति प्रमाण पत्र बनवाने में एससी/एसटी समाज से 1950 का रिकार्ड और ओबीसी समाज से 1984 का रिकार्ड मांगना बंद किया जाय, संगठन ने मांग किया है कि लेटरल नियुक्तियां बंद की जाये। पीएससी, मीट, शिक्षको इत्यादि सभी भर्तियों मेे ओबीसी/एससी/एसटी समाज को अनारक्षित सीटों में मेरिट के आधार पर प्रवेश दिया जाय और रामजी महाजन और मंडल आयोग की अनुंशंसाओं को शत – प्रतिशत लागू किया जाये इत्यादि मांगों को लेकर संगठन द्वारा पूरे प्रदेश में सम्मेलनों का आयोजन किया जा रहा है ।
उक्त जिला सम्मेलन एवं वाहन और रैली ज्ञापन सौंपने में मुख्य रूप से महासभा राष्ट्रीय अध्यक्ष- ललित कुमार, केपी पटेल, जितेंद्र कुमार (राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष), गब्बर मीणा (राष्ट्रीय प्रभारी ओबीसी सेना), रामलाल पनिका,(सम्भागीय प्रभारी), रविंद्र सिंह कुशवाहा, सुदामा कुशवाहा (जिलाध्यक्ष), रामशिरोमणि, डीपी चौधरी, अशोक, लक्ष्मण सिंह, रितेश, जयप्रकाश, रतीभान, शैलेंद्र कुमार, विद्याभूषण, संतकुमार, स्वारथलाल सोनी, सिद्धनाथ, अशरफ अली, दीपक मौर्य, अन्नू पटेल, इंदु विश्वकर्मा, सरोज धींगरा, संजू शमा परवीन, राजेंद्र प्रसाद, हेमंत वर्मा, राधिका, आशुतोष सोनी, राका विश्वास श्रीभागवत, रामसूरत, महिपाल, प्रेमलाल सहित सैकड़ों की संख्या में महिलाये – पुरुष युवाओ के साथ – साथ वही सुरक्षा की दृष्टि से कोतवाली थाना पुलिस के अधिकारी और पुलिस बल जगह जगह मौजूद रही ।
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