ग्वालियर –
कोरोना काल में कम समय में संक्रमण का पता लगाने के मकसद से लाई गई रैपिड एंटीजन टेस्ट किट से पॉजिटिव मरीजों का आंकड़ा बढ़ा है। पिछले कुछ दिनों से इस किट से टेस्ट बढ़ाए गए हैं और इंसीडेंट कमांडरों को निर्देश भी दिए हैं। वहीं रैपिड एंटीजन टेस्ट किट से पॉजिटिव होकर आने वाले केसों में आरटीपीसीआर से निगेटिव भी आ रहे हैं। ऐसे केसों में स्वास्थ्य से लेकर प्रशासन थोड़ी हैरत में है कि यह कैसे हो रहा है। प्रशासन भी अब आगामी दिनों में रैपिड एंटीजन के कुछ केसों को आरटीपीसीआर से क्रॉस चेक कराएगा।
ज्ञात रहे रैपिड एंटीजन टेस्ट के जरिए करीब 20 मिनट में कोरोना संक्रमण का पता चल जाता है। भोपाल से हाल ही में ग्वालियर जिले को पांच हजार रैपिड एंटीजन टेस्ट किट मिलीं हैं, जो अलग-अलग जोन में इंसीडेंट कमांडरों व उनकी हेल्थ टीम को दी गई हैं। इस से जल्द रिजल्ट आ जाने से लोग इसे कराने से कतरा नहीं रहे हैं।
रैपिड एंटीजन से पॉजिटिव, आरटीपीसीआर में निगेटिव
रैपिड एंटीजन में पॉजिटिव और इसके बाद आरपीसीआर मशीन से कराने पर निगेटिव आने के केस सामने आए हैं। इसमें ग्वालियर जिले के प्रशासनिक अधिकारी के साथ भी ऐसा ही हुआ है। रैपिड में वे पॉजिटिव आए थे और इसके बाद दिल्ली में आरटीपीसीआर से निगेटिव आ गए। इसको लेकर अब और केसों में क्रॉस चेक कराया जाएगा।
गैर लक्षण वालों के साथ मुश्किल ज्यादा
हाल ही में इंसीडेंट कमांडरों ने यह फीडबैक अधिकारियों के सामने दिया था कि लोग सैंपलिंग कराने से कतरा रहे हैं और कांटेक्ट हिस्ट्री तक वाले बहाने बनाते हैं। सैंपलिंग के लिए लोगों को तैयार करना भी बड़ा होमवर्क जैसा हो गया है। ऐसे में गैर लक्षण वाले जो पॉजिटिव मरीज की कांटेक्ट हिस्ट्री में रहते हैं,वे खुद को स्वस्थ्य समझ टेस्ट कराने से बचते हैं और अब लक्षण व गैर लक्षण दोनों तरह में कोरोना का संक्रमण मिलता है।
रैपिड एंटीजन टेस्ट के साथ-साथ रूटीन सैंपल भी करा जा रहे हैं। रैपिड एंटीजन में पॉजिटिव होकर दूसरी मशीन से निगेटिव आने के मामलों को भी दिखवाया जाएगा। बीमार, गंभीर मरीज जो कोरोना पॉजिटिव हैं उन पर प्राथमिकता से मॉनिटरिंग की जा रही है।
कौशलेंद्र विक्रम सिंह, कलेक्टर
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