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ओरछा में आज भी भगवान श्रीरामराजा सरकार की सत्ता चलती,ओरछा का है अयोध्या से नाता

ग्वालियर – निकटवर्ती निवाड़ी
ओरछा मेंकरोड़ों हिन्दुओं की आस्था के आराध्य देव भगवान श्रीराम के अयोध्या में बनने वाले भव्य मंदिर के लिए बेतवा का जल और रज लेकर विहिप के सदस्य सोमवार को रवाना हुए।

ओरछा का है अयोध्या से नाता-ओरछा में आज भी भगवान श्रीरामराजा सरकार की सत्ता चलती
ओरछा रियासत के तत्कालीन महाराजा मधुकरशाह जू देव कृष्ण भक्त थे तथा रानी कुंवर गणेश श्रीरामभक्त थी। करीब 400 पूर्व जब राजा और रानी में तकरार हुई कि तुम्हारे राम में इतनी ही शक्ति है तो तुम उन्हें अयोध्या से ओरछा क्यों नही बुला लेती। इसके चलते ओरछा की महारानी कुंवरगणेश अयोध्या पहुंची जहां इन्होंने सरयू नदी के तट पर बैठकर कठिन तपस्या की। कठिन तपस्या के वाद भी जब भगवान श्रीराम नहीं मिले तो इन्होंने सोचा कि अब ओरछा जाने का कोई मतलब नहीं और ओरछा जाकर राजा को क्या मुंह दिखाऊंगी। जिसके चलते रानी कुवंर गणेश में सरयू नदी में छलांग लगा दी। ईश्वर को कुछ ओर ही मंजूर था, वह ऊपर आ गई, दूसरी बार फिर इन्होंने छलांग लगाई,लेकिन असफल हुई। और जब तीसरी बार इन्होंने सरयू नदी में छलांग लगाई तो रानी की गोद में बाल स्वरूप भगवान श्रीराम आ गए। उस समय रानी की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। रानी कुंवर गणेश ने भगवान श्रीराम से ओरछा चलने का आग्रह किया तो अयोध्या में भी आक्रोश फैल गया। उस समय यह निर्णय हुआ कि दिन के समय भगवान श्रीरामराजा सरकार ओरछा में निवास करेंगे और रात के समय भगवान श्रीरामराजा सरकार अयोध्या आ जाएंगे। तब भगवान ने रानी के समक्ष तीन शर्ते रखी कि ओरछा तो चलेंगे लेकिन तीन शर्ते माननी होगी। इसमें पहली शर्त यह थी कि वह केवल पुष्य नक्षत्र में ही पैदल चलेंगे। दूसरी शर्त यह रखी कि अयोध्या के वह राजा है और ओरछा में भी राजा के रूप में पूजे जाएंगे। तीसरी शर्त यह थी कि एक बार जहां बैठ जाएंगे वहां से उठेंगे नहीं। रानी ने तीनों शर्ते मान ली। इस तरह भगवान पुष्य नक्षत्र में ही ओरछा पहुंचे थे। इतना ही नहीं रानी ने राजा को यह खबर भिजवा दी कि वह भगवान श्रीराम को लेकर ओरछा आ रही है, उनके लिए भव्य मंदिर का निर्माण किया जाए। खबर मिलते ही तत्कालीन महाराजा मधुकरशाह जू देव ने नदी के तट पर विशाल चतुर्भुज मंदिर का निर्माण कराया लेकिन भगवान श्रीराम राजा सरकार ओरछा पहुंच गए और मंदिर का निर्माण नहीं हो सका जिसके चलते रानी उन्हें अपने महल में ले गई। एक दिन खेलते-खेलते रानी ने उन्हें एक स्थान पर बैठा दिया और तभी से प्रभू श्रीराम उसी स्थान पर बैठे हुए और चतुर्भुज मंदिर आज भी वीरान सा पडा है।

सुबह और शाम सशस्त्र जवान देते गार्ड ऑफ ऑनर

ओरछा में आज भी भगवान श्रीरामराजा सरकार की सत्ता चलती है। उन्हें ओरछा में एक राजा के रूप में पूजा जाता है यही कारण है कि सुबह और शाम भगवान श्रीरामराजा सरकार को विशेष सशस्त्र पुलिस बल के जवान गार्ड ऑफ आर्नर देते है। यह भी परम्परा है कि ओरछा में मुख्यमंत्री,मंत्री तक को सलामी नहीं दी जाती है।

ओरछा का है अयोध्या से नाता

अयोध्याधाम से जहां भगवान श्रीरामराजा सरकार ओरछा आए थे तथा दिन भर भगवान श्रीरामराजा सरकार ओरछा में निवास करते है और रात में भगवान श्रीरामराजा सरकार अयोध्या पहुंचकर शयन करते है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार रात्रि आरती के वाद ज्योति हनुमान मंदिर पहुंचती है और यही ज्योति लेकर हनुमानजी महाराज भगवान श्रीरामराजा सरकार को लेकर आज भी अयोध्या पहुंचते है।

आकर्षक ढंग से सजाया जा रहा मंदिर

अयोध्याधाम में कल 5 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा प्रभू श्रीरामराजा सरकार के भव्य मंदिर निर्माण की आधारशिला रखी जानी है। इस पर्व को पूरे देश में हर्षोल्लास से मनाया जाएगा। जहां अयोध्याधाम को पूरे भगवा रंग से रंग दिया गया है वही ओरछा में भगवान श्रीरामराजा सरकार के मंदिर को आकर्षक ढंग से सजाया जा रहा है। इस संबंध में प्रदेश के मुख्यमंत्री ने भी ट्वीट किया था कि ओरछा में भगवान श्रीरामराजा सरकार विराजमान है लिहाजा 4 एवं 5 अगस्त को मंदिर में विशेष साज सज्जा की जाए। इस संबंध में उन्होंने अधिकारियों को भी दिशा निर्देश दिए है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर ओरछा मंदिर को आकर्षक ढंग से सजाने का सजाने का कार्य शुरू हो गया है।
विश्व हिन्दू परिषद झांसी के युवा कार्यकर्ता बेतवा नदी का जल एवं पावन रज लेकर अयोध्याधाम की ओर निकल चुके हैं। 5 अगस्त को अयोध्या में होने वाले मंदिर के भूमि पूजन समारोह में पवित्र बेतवा जल एवं रज का उपयोग किया जाएगा। इसके साथ ही जिला मुख्यालय से भी देश के अनाम शहीदों की जन्म भूमि से आई पावन रज भी अयोध्या धाम पहुंच रही है। सोमवार को राष्ट्रवादी विकास परिषद के प्रमुख राम तिवारी सहित अन्य लोगों ने स्थानीय हरिदास मंदिर में आयोजित एक कार्यक्रम में मनोज व्यास को यह रज सौंपी। मनोज व्यास यह रज लेकर अयोध्याधाम के लिए रवाना हो चुके है।

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