ग्वालियर/गोहद
प्रदेश में होने वाले उपचुनाव को लेकर भाजपा ने गोहद विधानसभा से शंखनाद कर दिया है।गोहद गल्ला मंडी में भाजपा के जिलास्तरीय सम्मेलन में पहली बार पूर्व मंत्री
मंत्री डॉ मिश्रा ने यह भी कहा कि अब कोई ये कहे सिंधिया को खरीद लिया तो हमें विचार करना होगा। अरे वह मोती वाला राजा है। ग्वालियर चंबल संभाग में हम सिंधिया की जितनी संपत्ति देखते हैं, उतनी तो पूरी कांग्रेस पार्टी के पास नहीं होगी। ये(रणवीर जाटव और ओपीएस भदौरिया) अपने नेता की खातिर आए हैं ।सम्मेलन में सांसद संध्या राय, भाजपा जिलाध्यक्ष नाथू गुर्जर, पूर्व विधायक रसाल सिंह, मुकेश चौधरी, पूर्व सांसद अशोक अर्गल सहित अन्य नेता मंचासीन थे।
साथ लाने के लिए बुलाया सम्मेलन फिर भी दूर-दूर दिखे लाल सिंह और रणवीर जाटव
रणवीर की मांग- गोहद में बनाएं 100 बिस्तरीय अस्पताल
कार्यक्रम के दौरान पूर्व विधायक रणवीर जाटव ने गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा से मांग की कि गोहद में 30 बिस्तरीय अस्पताल है, जिसे 100 बिस्तरों का किया जाए। इसके अलावा यहां शव वाहन और डिजिटल एक्स-रे की सुविधा दी जाए। उन्होंने एंडोरी, धमसा, बाराहेड में भी स्वास्थ्य केंद्र की मांग की। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कमलनाथ ने किसानों ऋण माफी की झूठी घोषणा की थी। उनकी सरकार बल्लभ भवन और छिंदवाड़ा तक सिमट कर रह गई थी। गोहद में ओलावृष्टि हुई तो उन्होंने कमलनाथ को बुलाया। लेकिन वे नहीं आए। पैसा भी नहीं दिया। रणवीर ने यह भी कहा कि मेरे मन में कांग्रेस के प्रति बहुत पीड़ा है यदि बताऊंगा तो पूरी रात हो जाएगी।
ओपीएस बोले- हम गोली सहन कर लेंगे अपमान नहीं
मेहगांव के पूर्व विधायक ओपीएस भदौरिया ने कहा कि आज उपचुनाव की स्थिति निर्मित क्यों हुई। डेढ़ साल पहले रणवीर और मुझे जनता ने स्नेह दिया था। पांच साल तक सेवा करने की जिम्मेदारी दी थी। हमारे मन में भी जनता की सेवा करने का सपना था। हमारे नेता सिंधिया को सीएम बनाने का वादा किया था। नहीं बनाया हमने सहन किया। फिर बोले सीएम के समकक्ष पद देंगे, नहीं दिया वो भी सहन किया। सिंधिया ने मुख्यमंत्री को 20 पत्र लिखे किसी का जवाब नहीं दिया। बाद में कमलनाथ कहते हैं कि सड़क पर उतरना है तो उतर जाओ। हम चंबल के लोग हैं गोली सहन कर सकते हैं लेकिन अपमान नहीं।
कसा तंज, कहा- कांग्रेस अब बुजुर्गों की पारो्टी
गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ पर भी तंज कसते हुए कहा कि प्रदेश में अब जो कांग्रेस बची है वह बुजुर्गों की है। कमलनाथ और दिग्विजय दोनों 75 के हो गए। एक नौजवान सिंधिया उनके पास था। वह भी छोड़कर बाहर आ गया।0
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