ग्वालियर दो दिन से डॉक्टरों पर प्रशासन दबाव बनाकर होटल खाली करवाने में लगा है। वहीं मेडिकल कॉलेज व जेएएच प्रबंधन समिति-समिति का खेल खेल रहा है। दो दिन में अस्पताल प्रबंधन प्रशासन के सामने अपनी परेशानी नहीं रखा सका। उधर होटल में क्वारंटाइन डॉक्टर व नर्सिंग स्टाफ पर खाली करने का दबाव बढ़ता जा रहा है। जिसको लेकर जूडा शनिवार को कमिश्नर के सामने डॉक्टरों के क्वारंटाइन की परेशानी रखेगा। जूडा का कहना है कि इंटर्न हॉस्टल में डॉक्टर या स्टाफ को क्वारंटाइन करने की सुविधा गाइड लाइन के अनुसार नहीं है। हॉस्टल में कॉमन लेट-बाथ बनाई गई है। जबकि गाइड लाइन के अनुसार अटैच लेटबाथ वाले कमरे में रखा जाना चाहिए। जिससे उनका एक दूसरे से संपर्क न रहे और यह होटल में ही संभव है।
गौरतलब है कि प्रशासन ने जेएएच परिसर में स्थित इंटर्न हॉस्टल को बाहर से आने वालों के लिए क्वारंटाइन सेंटर बनाया था। जिसका जेएएच के डॉक्टरों ने विरोध किया तो इंटर्न हॉस्टल से क्वारंटाइन सेंटर बंद कर दिया। लेकिन प्रशासन ने दूसरे दिन ही डॉक्टरों को होटल खाली करने के निर्देश दे डाले। हालांकि प्रशासन का कहना है कि यह केन्द्र की गाइड लाइन है कि सभी होटल खाली करवा दिए जाएं।
डीन-अधीक्षक ने बनाई समिति
गुरुवार को डॉक्टरों के क्वारंटाइन के मामले को सुलझाने के लिए जीआरएमसी के डीन डॉ. एसएन अयंगर ने चार सदस्यीय समिति का गठन कर अधीक्षक डॉ. अशोक मिश्रा को इस समस्या का समाधान निकालने के लिए निर्देशित किया था। लेकिन अधीक्षक ने भी तीन सदस्यीय समिति का गठन कर डॉक्टरों के क्वारंटाइन संबंधी कार्य देखने के लिए बना दी। यह दोनों ही समिति मिलकर इस समस्या का समाधान निकालतीं लेकिन शनिवार को दोनों समिति के बीच किसी तरह की कोई चर्चा नहीं हुई। डीन द्वारा बनाई गई समिति के सदस्यों का कहना है कि अधीक्षक द्वारा जो समिति बनाई गई है वह संपर्क करती तो वह कुछ इस समस्या का समाधान निकालने का प्रयास करते।
वर्जन-
डॉक्टर व स्टाफ को मिलाकर करीब 80 लोग होटल में क्वारंटाइन हैं। प्रशासन होटल करवाने का दबाव बना रहा है। इंटर्न हॉस्टल में क्वारंटाइन करने के लिए सुविधाएं नहीं है। इस मामले में कमिश्नर के सामने अपनी समस्या रखेंगे।
डॉ. अनिल शर्मा, जूड़ा अध्यक्ष
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