ग्वालियर- अब प्रशासकीय दृष्टि से जयविलास पैलेस (महल) भाजपा सरकार में भी पॉवर सेंटर बनेगा, भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश में पुन: सरकार बनने जा रही है। इसीलिए अब प्रशासकीय दृष्टि से जयविलास पैलेस (महल) भाजपा सरकार में भी पॉवर सेंटर बनेगा। इस पॉवर सेंटर को ज्योतिरादित्य सिंधिया के अलावा विधायक यशोधरा राजे सिंधिया और पूर्व मंत्री माया सिंह की ताकत भी मिलेगी। यह ताकत कितनी ज्यादा होगी यह सिंधिया के के न्द्र में मंत्री बनने के बाद पता चलेगा। फिलहाल सिंधिया समर्थक अफसरों की नए सिरे से पदस्थापना कराने के लिए फिलहाल माधवनगर को पॉवर सेंटर के रूप में देखा जा रहा है।
राज्यसभा सदस्य चुनने के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया का केन्द्र में मंत्री बनना तय है। इसके बाद ग्वालियर अंचल की प्रशासनिक मशीनरी पर उतनी ही पकड़ रहेगी जितनी केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर की भाजपा शासन में रहती आई है। महल के पॉवर सेंटर को विधायक यशोधरा राजे और पूर्व मंत्री माया सिंह भी ताकत प्रदान करेंगी। माधवन नगर के पूर्व आईएएस की प्रशासनिक मशीनरी में अच्छी खास दखल होने से कांग्रेस शासन की तरह वे भाजपा शासन में भी सिंधिया के हिसाब से अफसरों की पदस्थापना में पहल किए बिना नहीं रहेंगे। चूंकि ग्वालियर-चंबल में सर्वाधिक 15 कांग्रेस विधायकों का सिंधिया के समर्थन में इस्तीफा देने से उपचुनाव की स्थिति निर्मित हो गई है। साथ ही जौरा विधायक बनवारी लाल शर्मा के निधन के बाद वहां की सीट पर भी उपचुनाव होना है। इन सभी सीटों पर भाजपा को जीत दिलाने के लिए न सिर्फ ज्योतिरादित्य सिंधिया बल्कि नरेन्द्र सिंह तोमर भी एड़ी-चोटी का जोर लगाएंगे। मुरैना में खुलेगा भाजपा का खाता मालूम हो कि वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में मुरैना जिले में जीत को लेकर भाजपा तरस गई थी। वहां छह विधानसभा सीटों में भाजपा की झोली में एक सीट भी नहीं थी। आगामी उपचुनाव में जरूर अब भाजपा को पांच सीटों में सबसे ज्यादा सीट मिलने की संभावना आंकी जा रही है। कांग्रेस से इस्तीफा देकर भाजपा का दामन थामने वाले पूर्व विधायकों को अपनी-अपनी जीत के लिए भी ताकत झोंकना पड़ेगी। तीन माह के भीतर होंगे चुनाव ? जौरा विधायक बनवारी लाल शर्मा की दिसंबर के अंतिम सप्ताह में निधन हुआ था। इस लिहाज से छह माह का वक्त मई के अंतिम सप्ताह तक पूरा होगा। ऐसे में भारत निर्वाचन आयोग जौरा सीट और अभी इस्तीफा देने वाले विधायकों की सीट पर उपचुनाव शायद अलग-अलग न होकर एक साथ कराए जा सकते हैं। ऐसा हुआ तो मई माह के अंतिम सप्ताह में उपचुनाव की तारीख मुकर्रर हो सकती है। यहां होंगे उपचुनाव :डबरा शिवपुरी : करैरा और पोहरी भिंड : गोहद, मेहगांव मुरैना : अंबाह, दिमनी, सुमावली, मुरैना, बनवारी लाल शर्मा के निधन से रिक्त हुई जौरा सीट ग्वालियर: ग्वालियर, ग्वालियर पूर्व और गुना : बम्हारी,मुंगावली अशोकनगर : अशोकनगर दतिया : भांडेर।
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