ग्वालियर -मेरे बेटे और बहू से कहना मुझे ले जाएं और मेरा ख्याल रखें। 84 साल के प्रेमनाथ रायजादा की यही आखिरी ख्वाहिश थी, जो उन्होंने पुलिस अधीक्षक के लिए लिखवाए आवेदन में कही थी। मंगलवार को आवेदन भिजवाया और बुधवार रात उन्होंने दुनिया छोड़ दी। जिस बेटे के इंतजार में प्रेमनाथ बीमारी से जेएएच में तड़प रहे थे, वह जिंदा रहते नहीं पहुंच सका।
अपनों के लिए तरसे , बेटा तब पहुंचा जब छूट चुके थे प्राण
बेटा रोहित जब जेएएच अस्पताल पहुंचा तो पिता की लाश पलंग पर थी और डॉक्टर ने डिक्लेयर कर दिया। बेटे की आंखों में आंसू तो थे, लेकिन पीड़ा नहीं थी। उसका कहना था कि शादी के बाद से ही बहू-ससुर में नहीं बनती थी और दूरियां इतनी बढ़ती गईं कि पिता घर से ही चले गए। जबकि प्रेमनाथ के आवेदन में लिखा है कि बहू मारती थी और बेटे-बहू ने पूरी संपत्ति बर्बाद कर भिखारी बना दिया। प्रेमनाथ के शव का पोस्टमार्टम कराया गया और बेटे ने यहीं ग्वालियर में अंतिम संस्कार किया।
तीन माह पहले प्रेमनाथ यहां ग्वालियर आए थे और जब यहां कोई ठिकाना नहीं मिला तो लक्ष्मीगंज स्थित वृद्धाश्रम में सहारा मिला। इससे पहले मथुरा में परिवार ने प्रेमनाथ को छोड़ दिया था, वे यहां से ग्वालियर आ गए। उनके पास कानपुर में ट्रांसपोर्ट का कारोबार था। प्रेमनाथ ने अपने आसपास के लोगों को बताया था कि उनका पूरा कारोबार और पैसा बेटे व परिवार ने बर्बाद कर दिया। यहां प्रेमनाथ कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे, उन्हें जेएएच में भर्ती कराया गया था। शिकायत में प्रेमनाथ ने लिखवाया था कि उनकी पूरी संपत्ति बेटे व बहू ने हड़प ली और बहू ज्यादा परेशान व मारपीट करती थी। कानपुर में उनका घर गोविंदपुरी में है। घर से निकाल उसे बेसहारा कर दिया गया है।
बेटा रोहित बोला- पिता ही तो थे एक मेरे बस
बेटे रोहित (उम्र 45) से पूछा कि इतने दिन से पिता बेसहारा की तरह रह रहे हैं। अस्पताल में बिना देखरेख के अभाव में दम तक तोड़ दिया, एक बेटा ऐसे कैसे कर सकता है। इसके जवाब में रोहित का कहना था कि मैं अपने पिता का ख्याल रखता था, लेकिन शादी के बाद से ही बहू और ससुर में नहीं बनी। प्रेमनाथ मूलतः उरई के रहने वाले हैं और कानपुर में आ गए थे। ट्रांसपोर्ट और ब्याज पर पैसे देने का कारोबार था और काफी सालों से अलग ही रह रहे थे। अभी कुछ माह पहले मथुरा चले गए वहां मन नहीं लगा तो ग्वालियर आ गए। रोहित ने बताया कि वह पिता से मोबाइल पर बात करता रहता था और पिछले माह 23 फरवरी को मिलने आया था।
साढू बोले- बेटे ने सब बर्बाद कर दिया
प्रेमनाथ के साढू जगदीश राज निवासी ग्वालियर ने बताया कि रोहित ठीक नहीं है, उसने सब बर्बाद कर दिया। पिता को झूठ बोल-बोलकर पैसा लेता रहा और ठिकाने लगा दिया। रोहित के एक बेटा है जो 16 साल का है। रोहित दूसरे लोगों के भड़काने में आता रहा, लेकिन कभी पिता को संभाल नहीं पाया। डॉक्टरों ने पोस्टमार्टम इसलिए किया कि यह वृद्धाश्रम में रहते थे और बाद में कोई आपत्ति न करे।
कानपूर गोविंदपुरी के करोड़पतिकी ग्वालियर मे बेसहारा मोत, ऐसी बहूबेटे पर हो कारवाई,बेटे-बहू ने पूरी संपत्ति बर्बाद कर भिखारी बना दिया,
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