डबरा
डबरा शहर के सिविल अस्पताल में नसबंदी शिविर का आयोजन किया गया। इसमें 23 महिलाओं के ऑपरेशन हुए। लेकिन ऑपरेशन के बाद वार्ड से बाहर परिसर में खड़े वाहनों तक लाने के लिए अस्पताल प्रबंधन ने स्ट्रेचर मुहैया नहीं कराई। यहां तक की चीनौर रोड निवासी दिव्यांग महिला प्रीति ओझा को भी वार्ड ब्यॉय स्ट्रेचर से बाहर तक नहीं लाए, उनके पति धर्मेंद्र झा व अन्य प्रीति को कांधे का सहारा देकर बाहर लाए।
स्ट्रेचर नहीं मिला, नसबंदी ऑपरेशन के बाद दिव्यांग महिला को परिजन कांधे का सहारा देकर बाहर लाए
भितरवार अस्पताल में जिस समय मुरारी को स्ट्रेचर मुहैया नहीं कराया गया, ठीक इसके पांच मिनट बाद ही 9.50 बजे अस्पताल के कर्मचारी स्ट्रेचर पर दवा ढोते नजर आए। इस मामले में सीएमएचओ डॉ. एसके वर्मा का कहना है कि अस्पतालों में मरीजों और घायलों को स्ट्रेचर नहीं देना घोर लापरवाही है। उन्होंने बीएमओ से मामले की जानकारी लेनेे और नियम अनुसार कार्रवाई की बात कही है।
स्ट्रेचर से दवा ढोते नजर आए अस्पताल के कर्मचारी सीएमएचओ बोले- मरीजों को स्ट्रेचर न देना लापरवाही
डबरा/भितरवार| ग्राम झाडा़ैली के पास हादसे में घायल मगरौनी निवासी मुरारी लाल बघेल पुत्र हरीसिंह बघेल को बुधवार सुबह 9.45 बजे भितरवार अस्पताल से ग्वालियर रैफर किया गया। लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने उन्हें स्ट्रेचर मुहैया नहीं कराई। जबकि परिजनों ने स्ट्रेचर मांगा भी था। मजबूरी में उनके परिजन उन्हें गोद में उठाकर अस्पताल के अंदर से बाहर निजी वाहन तक लाए। इस समय अस्पताल गेट पर बीएमओ यशवंत शर्मा मौजूद थे।
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