ग्वालियर शरीर के प्रतिरक्षा तंत्र को मजबूत रखने में एंटीबॉडीज की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। रोगाणुओं को नष्ट या उन्हें कमजोर करने में एंटीबॉडीज मुख्य भूमिका अदा करते हैं। फिर चाहे सांप के काटने पर जहर फैलने की हो या बॉडी का किसी संक्रमित बीमारी से ग्रसित होने की बात हो। एंटी बॉडीज बॉडी को सुरक्षित रखने में खास रोल अदा करती है।घोड़े के सीरम से कोरोना मरीज का सफल उपचारहो चुका है
सांप के जहर को खत्म करने वाली दवा घोड़े के सीरम के एंटीबॉडीज से बनती है।लेकिन इसके बावजूद हमारे देश में हर साल सांप के काटने से लगभग 50 हजार लोगों की मृत्यु हो जाती। ऐसे केस ग्रामीण इलाकों में अधिक होते हैं। इसका कारण है कि सांप के काटने का इलाज का काफी महंगा होना और ग्रामीणों का झाड़फूंक पर यकीन होना। यदि इस इलाज को सभी सरकारी अस्पतालों में फ्री कर दिया जाए तो कई लोगों की जान बचाई जा सकती है।
यह बात दिल्ली यूनिवर्सिटी के बायो कैमेस्ट्री के प्रो.डॉ.विजय के चौधरी ने कही। वे जेयू के बायोकैमेस्ट्री विभाग नेशनल साइंस डे की पूर्व संध्या पर रखे गए व्याख्यान में उपस्थित सदस्यों को मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित कर रहे थे। व्याख्यान के पहले दिन ‘एंटीबॉडीज’ विषय पर विशेषज्ञ ने विचार रखे। अन्य वक्ता के रूप में मेरठ यूनिवर्सिटी की प्रो वीसी प्रो.वाय विमला विशेष रूप से मौजूद थीं। अध्यक्षता जेयू की कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने की। इस मौके पर प्रो.नलिनी श्रीवास्तव,प्रो.वायके जायसवाल, प्रो.जीबीकेएस प्रसाद, डॉ.केके सिजोरिया, डॉ.मीनाक्षी पाल और प्रो.पीके तिवारी उपस्थित थे।
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