

- चिकित्सा व्यवस्था तो ठीक, पर साफ सफाई व दवा स्टाॅक अपडेट रखने के निर्देश
- महिला चिकित्सक के कार्य की हुई सराहना, जिलाधिकारी ने भी किया उत्साहवर्धन
बलियाः जिलाधिकारी ने गुरूवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, सीयर में स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लिया। चिकित्सकों की उपस्थिति व मरीजों की भीड़ के बीच जिलाधिकारी ने मरीजों से वहां की स्थिति से सम्बन्धित जानकारी ली। वहां चिकित्सा अधीक्षक डाॅ वीपी चैधरी के अलावा सभी डाॅक्टर मौजूद थे। निरीक्षण के बाद चिकित्सा व्यवस्था पर तो उन्होंने संतोष जताया, पर दवाओं की उपलब्धता से सम्बन्धित जानकारी अपडेट नहीं होने, साफ-सफाई व शौचालय की स्थिति बेहद खराब होने पर सुधार करने की चेतावनी दी।
जिलाधिकारी ने वहां उपलब्ध टेली मेडिसीन (वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए केजीएमसी लखनऊ के चिकित्सक द्वारा देखने) की व्यवस्था को देखा। एक्सरे मशीन, जांच लैब, वार्ड में भी भ्रमण किया। उन्होंने मरीजों से वहां की व्यवस्था से जुड़ी जानकारी ली। हालांकि वहां की भीड़ वहां की बेहतर चिकित्सा व्यवस्था को बताने के लिए काफी थी। दवाओं की उपलब्धता के बावत फार्माशिष्ट से पूछताछ की तो साफ जवाब नहीं दे पाए। दवाओं की उपलब्धता से सम्बन्धित जानकारी दीवाल पर लिखी तो थी, पर अपडेट नहीं थी। जिलाधिकारी ने उसे बोर्ड पर लिखवाकर लगवाने और हमेशा अपडेट रखने के निर्देश दिए। दवा वितरण व पंजीकरण एक ही काउंटर से होने पर उसे अलग-अलग करने को कहा। वार्ड में जाकर मरीजों व तीमारदारों से जानकारी लेकर वहां की सुविधाओं का सत्यापन किया। महिला चिकित्सक डाॅ पूजा सिंह के कार्य को वहां मौजूद महिला मरीजों ने बेहतर बताया, जिस पर जिलाधिकारी ने डाॅक्टर का उत्साहवर्धन किया। इस दौरान उनके साथ एसडीएम राजेश कुमार यादव साथ थे।
तहसील व ब्लाॅक का किया भ्रमण
जिलाधिकारी ने बेल्थरारोड में तहसील व विकास खण्ड सीयर का भी निरीक्षण किया। हालांकि यह सामान्य निरीक्षण रहा, जिसमें थोड़ी बहुत मिली कमियों को दूर करने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया गया।एसडीएम बेल्थरा के आवास पर पहुंचने के बाद वहां मेन सड़क की तरफ से साफ-सफाई कराकर गेट लगवाने का निर्देश एसडीएम राजेश यादव को दिया। साथ ही आवास के आसपास बेकार पड़े भवनोें को निस्तारित कराने को कहा। विकास खंड कार्यालय के निरीक्षण के दौरान मनरेगा सेल में गए और वहां कार्य और मनरेगा खर्च से सम्बन्धित जानकारी एपीओ सुमित सिंह से ली। उन्होंने ग्राम पंचायत के मुकाबले रोजगार सेवक कम होने का कारण भी पूछा।
नवानगर आईटीआई के निरीक्षण में गैरहाजिर मिले अधिकांश कर्मी
बलियाः जिलाधिकारी श्रीहरि प्रताप शाही ने नवानगर आईटीआई का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान वहां अजीबोगरीब स्थिति देखने को मिली। बताया गया कि वहां कुछ 6 कर्मी कार्यरत हैं, पर मात्र दो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ही उपस्थित मिले। अधिकांश कमरों का ताला बंद था। हालांकि किसी जिम्मेदार के नहीं होने से भवन निर्माण की स्थिति, उपस्थिति रजिस्टर आदि की जांच नहीं हो सकी। जिलाधिकारी ने सभी गायब कर्मचारियों को स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है।
निरीक्षण के दौरान बन कर तैयार हुए नए भवन के बारे में जानकारी ली तो वहां मौजूद समाज कल्याण निर्माण निगम के अभियंता ने बताया कि 2018 में ही हैण्डओवर हो चुका है। जिलाधिकारी ने एसडीएम अन्नपूर्णा गर्ग को निर्देश दिया कि यहां के मूवमेंट आदि के बारे में देख लें। कहा कि इस आईटीआई का विस्तृत निरीक्षण कर रिपोर्ट दें, ताकि यहां की व्यवस्था में सुधार लाया जा सके। वहां की स्थिति से ऐसा लग रहा था कि लम्बे समय से इनमें कुछ कमरों का ताला खुला ही नहीं है।
निर्माणाधीन पुलों पर कार्य की रफ्तार बढ़ाएंः डीएम
बलियाः जिलाधिकारी श्रीहरि प्रताप शाही ने गुरूवार को बेल्थरारोड तहसील में बैठक कर उत्तर प्रदेश सेतु निगम के अधिकारी से जिले में पुलों के निर्माण के बावत जानकारी ली। बताया गया कि घाघरा नदी पर दो पुल पर आवागमन जारी है, जबकि खरीद व चांदपुर में दो पुल निर्माणाधीन है। जिलाधिकारी ने निर्माणाधीन पुलों की प्रगति के बारे में पूछताछ की और कार्य में तेजी लाने की नसीहत दी। सिकंदरपुर आने के बाद उन्होंने एसडीएम सिकंदरपुर अन्नपूर्णा गर्ग को सेतु निगम के अधिकारी के साथ खरीद-दरौली पुल के निर्माण की प्रगति का स्थलीय सत्यापन कर अवगत कराने को कहा। इस पुल के बारे में बताया कि 116 करोड़ के इस प्रोजेक्ट पर 25 पाया तैयार होने है, जिनमें 13 बन गए हैं। शेष 13 पायों के निर्माण में तेजी लाने का निर्देश जिलाधिकारी ने दिया। कहा, निर्धारित समय तक इसका निर्माण पूरा कर देना है। इसी हिसाब से कार्य की प्रगति बनाई रखी जाए।
बढ़ता कारवाँ | समाजवाद की ओर बढ़ते कदम… India's #1 Leading News Portal